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डीएम साहब! हम विद्यार्थियों की भी टेर सुन लो
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2016 11:13 PM IST
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डीएम साहब! हमारी भी सुन लो। राजकीय इंटर कॉलेज गभिया सहराई के 1300 विद्यार्थियों ने डीएम से कॉलेज की बदहाली पर ध्यान देने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि वे मंत्रियों से लेकर शिक्षा विभाग के अफसरों तक से गुहार कर चुके हैं लेकिन कोई नहीं सुन रहा है। उनका भविष्य चौपट हो रहा है। कॉलेज में विद्यार्थी तो 13 सौ हैं लेकिन उन्हें पढ़ाने वाला कोई नहीं।
गभिया सहराई के राजकीय इंटर कॉलेज में एक प्रधानाचार्य, नौ प्रवक्ता, 12 सहायक अध्यापक, एक वरिष्ठ सहायक, एक कनिष्ठ लिपिक और छह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद सृजित हैं। यहां तैनात प्रधानाचार्य अन्य कार्यों की व्यस्तता के चलते अक्सर कॉलेज से नदारद रहते हैं। पिछले महीने यहां तैनात एक प्रवक्ता सेवानिवृत्त हो गए। ऐसे में अब यहां एक मात्र वरिष्ठ सहायक पीएन गोस्वामी हैं, जो कार्यालय का काम देखने के साथ कॉलेज का संचालन कर रहे हैं। अभिभावक शिक्षकों की कमी के चलते निजी शिक्षकों से पढ़ाई करवा रहे हैं। हाल ही में अभिभावक संघ के अध्यक्ष विधान मंडल, प्रधान दिपाली राय, पूर्व प्रधान शंकर राय आदि बरेली में संयुक्त शिक्षा निदेशक से मिले भी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इस मामले में डॉ. विधान मंडल और शंकर राय ने बताया कि केंद्रीय मंत्री से लेकर विधायक तक गुहार लगाई, लेकिन नतीजा शून्य है। इधर, अब शिक्षकों की तैनाती को लेकर कॉलेज के 13 सौ विद्यार्थियों ने बीड़ा उठाया है। उन्होंने डीएम को एक ज्ञापन भेजा। जिसमें उन्होंने कहा कि बाढ़ ग्रस्त इलाके में उनके माता पिता किस परेशानी के बीच उनको पढ़ा रहे हैं, डीएम साहब खुद यहां आकर देखें। बहुत सी छात्राएं काम कर अपनी पढ़ाई कर रही है। उन्होंने डीएम से शिक्षकों की तैनाती कराने की मांग की। इधर, वरिष्ठ सहायक पीएन गोस्वामी ने बताया कि कॉलेज से डिमांड तो जाती है लेकिन कोई अध्यापक यहां आना नहीं चाहता।
वर्जन:
मामला मेरे संज्ञान में है। इस मामले में मैंने और डीएम ने शासन को पत्र भी लिखा है। जल्द ही यहां शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। फिलहाल अभिभावक संघ के शिक्षकों से शिक्षण कार्य कराया जा रहा है।
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- जेके वर्मा, डीआईओएस
शिक्षकों की तैनाती की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ शिक्षामंत्री और माध्यमिक शिक्षा निदेशक से मिला था। कुछ शिक्षक भेजे गए थे, लेकिन फर्जी डिग्री होने के चलते शिक्षकों की तैनाती नहीं हुई। अब पुन: शिक्षामंत्री से मिलकर शिक्षकों की तैनाती कराई जाएगी।
- पीतमराम, विधायक
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गभिया सहराई के राजकीय इंटर कॉलेज में एक प्रधानाचार्य, नौ प्रवक्ता, 12 सहायक अध्यापक, एक वरिष्ठ सहायक, एक कनिष्ठ लिपिक और छह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद सृजित हैं। यहां तैनात प्रधानाचार्य अन्य कार्यों की व्यस्तता के चलते अक्सर कॉलेज से नदारद रहते हैं। पिछले महीने यहां तैनात एक प्रवक्ता सेवानिवृत्त हो गए। ऐसे में अब यहां एक मात्र वरिष्ठ सहायक पीएन गोस्वामी हैं, जो कार्यालय का काम देखने के साथ कॉलेज का संचालन कर रहे हैं। अभिभावक शिक्षकों की कमी के चलते निजी शिक्षकों से पढ़ाई करवा रहे हैं। हाल ही में अभिभावक संघ के अध्यक्ष विधान मंडल, प्रधान दिपाली राय, पूर्व प्रधान शंकर राय आदि बरेली में संयुक्त शिक्षा निदेशक से मिले भी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इस मामले में डॉ. विधान मंडल और शंकर राय ने बताया कि केंद्रीय मंत्री से लेकर विधायक तक गुहार लगाई, लेकिन नतीजा शून्य है। इधर, अब शिक्षकों की तैनाती को लेकर कॉलेज के 13 सौ विद्यार्थियों ने बीड़ा उठाया है। उन्होंने डीएम को एक ज्ञापन भेजा। जिसमें उन्होंने कहा कि बाढ़ ग्रस्त इलाके में उनके माता पिता किस परेशानी के बीच उनको पढ़ा रहे हैं, डीएम साहब खुद यहां आकर देखें। बहुत सी छात्राएं काम कर अपनी पढ़ाई कर रही है। उन्होंने डीएम से शिक्षकों की तैनाती कराने की मांग की। इधर, वरिष्ठ सहायक पीएन गोस्वामी ने बताया कि कॉलेज से डिमांड तो जाती है लेकिन कोई अध्यापक यहां आना नहीं चाहता।
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वर्जन:
मामला मेरे संज्ञान में है। इस मामले में मैंने और डीएम ने शासन को पत्र भी लिखा है। जल्द ही यहां शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। फिलहाल अभिभावक संघ के शिक्षकों से शिक्षण कार्य कराया जा रहा है।
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- जेके वर्मा, डीआईओएस
शिक्षकों की तैनाती की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ शिक्षामंत्री और माध्यमिक शिक्षा निदेशक से मिला था। कुछ शिक्षक भेजे गए थे, लेकिन फर्जी डिग्री होने के चलते शिक्षकों की तैनाती नहीं हुई। अब पुन: शिक्षामंत्री से मिलकर शिक्षकों की तैनाती कराई जाएगी।
- पीतमराम, विधायक