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फायर सीजन में धूं-धूं कर जल उठा बराही जंगल
ब्यूरो /माधोटांडा।
Updated Tue, 22 Mar 2016 11:38 PM IST
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जंगल में आग
- फोटो : अमर उजाला
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बड़े पैमाने पर वन संपदा नष्ट होने की आशंका
फायर सीजन में वनों में आग लगाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है, बावजूद इसके बराही जंगल में सोमवार रात से लगी आग मंगलवार दोपहर बाद तक धूं-धूं कर जलती देखी गई। इससे बड़े पैमाने पर वन संपदा नष्ट होने की आशंका है।
जिले में 15 फरवरी से जंगल में फायर सीजन शुरू हो जाता है। इस दौरान वन विभाग के कर्मचारी फायर लाइनों का फुकान करते हैं। उधर, सोमवार रात वाइफरकेशन से शारदा डैम जाने वाले मार्ग के किनारे बराही का जंगल आग की चपेट में आ गया। यह आग मंगलवार दोपहर तक दो किमी लंबे क्षेत्र में देखी गई। आग की जानकारी होने बावजूद कोई भी वनकर्मी आग बुझाने नहीं पहुंचा। गनीमत यह रही कि इस जंगल के दाईं ओर खारजा नहर और बाईं ओर पक्की सड़क और नहर है, नहीं तो आग जंगल के एक बड़े क्षेत्र में फैल सकती थी। सूत्रों के मुताबिक आग लगने से वन संपदा, राष्ट्रीय पक्षी मोर समेत अन्य कई वन्यजीवों के बच्चे और अंडों के नष्ट होने की आशंका है।
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फायर सीजन में वनों में आग लगाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है, बावजूद इसके बराही जंगल में सोमवार रात से लगी आग मंगलवार दोपहर बाद तक धूं-धूं कर जलती देखी गई। इससे बड़े पैमाने पर वन संपदा नष्ट होने की आशंका है।
जिले में 15 फरवरी से जंगल में फायर सीजन शुरू हो जाता है। इस दौरान वन विभाग के कर्मचारी फायर लाइनों का फुकान करते हैं। उधर, सोमवार रात वाइफरकेशन से शारदा डैम जाने वाले मार्ग के किनारे बराही का जंगल आग की चपेट में आ गया। यह आग मंगलवार दोपहर तक दो किमी लंबे क्षेत्र में देखी गई। आग की जानकारी होने बावजूद कोई भी वनकर्मी आग बुझाने नहीं पहुंचा। गनीमत यह रही कि इस जंगल के दाईं ओर खारजा नहर और बाईं ओर पक्की सड़क और नहर है, नहीं तो आग जंगल के एक बड़े क्षेत्र में फैल सकती थी। सूत्रों के मुताबिक आग लगने से वन संपदा, राष्ट्रीय पक्षी मोर समेत अन्य कई वन्यजीवों के बच्चे और अंडों के नष्ट होने की आशंका है।
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