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देवहा के कटान से ड्यूनी डैम बैराज को खतरा
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Mon, 05 Jan 2015 11:49 PM IST
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देवहा नदी पर 1925 में इस डैम की स्थापना हुई थी। इससे सिंचाई के लिए एक बड़ी नहर देवहा बैगुल फीडर निकली है। इसके अलावा कई माइनर भी निकली हुई हैं। बैराज की ओर कटान रोकने को यहां आठ स्पर भी बनाए गए थे। करीब चार साल पहले नदी ने ग्राम भूड़ा कैमूर मार्ग की ओर कटान शुरू किया। पिछले साल बाढ़ के दौरान कटान करती नदी भूड़ा कैमूर मार्ग को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, लेकिन नदी का तेज बहाव बैराज की ओर न होने से अधिकारी निश्चिंत थे। कुछ दिन पहले हुई बारिश के बाद नदी के बढ़े जल स्तर के साथ ही नदी ने डैम की ओर रुख किया। स्पर नंबर तीन व चार की नोज़ (अगले हिस्से) को मामूली रूप से डैमेज भी किया, लेकिन नदी की मुख्यधार दूर होने के कारण अधिकारी इससे खास खतरा नहीं मान रहे थे, लेकिन बीते 48 घंटे में जल स्तर घटने के बाद नदी ने आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दोनों स्परों को डैमेज करने के साथ अप स्ट्रीम में मंद गति से कटान शुरू कर दिया तथा दोनों स्परों के बीच लूप बनाना शुरू कर दिया। शारदा सागर खंड के अधिशाषी अभियंता जीवन राम यादव ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अधिशाषी अभियंता बाढ़ खंड मिन्हाज अहमद ने शारदा सागर खंड के अभियंताओं के साथ मौैके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया तथा उन्होंने स्परों के पुनर्निर्माण के साथ कुछ नये स्पर बनाने का सुझाव दिया। ईई जीवनराम यादव ने बताया कि शासन को जल्द ही इसका प्रोजेक्ट तैयार कर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि बरसात से पहले बचाव कार्य कर लिए जाएंगे।
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