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महिलाएं अपराजिता थीं.. हैं और हमेशा रहेंगी
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महिलाएं अपराजिता थीं.. हैं और हमेशा रहेंगी
अमर उजाला 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत हुई गोष्ठी
एसडीएम बोले-जरूरत सिर्फ आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की है
अमर उजाला ब्यूरो
अमरिया (पीलीभीत)। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत मंगलवार को कस्बे के नीलगिरी स्कूल में महिला सुरक्षा विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं ने एकजुट होकर नारी गरिमा के प्रति जागरूक और संवेदनशील रहने का संकल्प किया।
गोष्ठी में मुख्य अतिथि एसडीएम जंगबहादुर सिंह ने कहा कि छात्राएं खुद को कमजोर न समझें। वे अपराजिता थीं, हैं और हमेशा रहेंगी। महिलाएं और युवतियां डरने के बजाय आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें तो उनका कोई मुकाबला नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि अधिकांशत: यह देखा गया है कि घर में बेटी का जन्म होने पर लोग खुश नहीं होते। इस मानसिकता में बदलाव केवल कानून बनाने से नहीं हो सकता, बल्कि सभी को यह तय करना होगा कि बेटी के जन्म पर भी वैसा ही उत्सव मनाएं जैसे बेटे के जन्म पर मनाया जाता है।
स्कूल के प्रबंधक अवतार सिंह ने कहा कि महिलाओं और छात्राओं को जागरूक करने और उन्हें आत्मरक्षा के लिए तैयार करने में अमर उजाला अहम भूमिका निभा रहा है। प्रधानाचार्य सुमन अग्रवाल ने कहा कि महिलाएं सशक्त बनें और किसी भी परिस्थिति का डट कर मुकाबला करें। जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लें।
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महिलाओं को सम्मान पाने के लिए समाज की सोच बदलनी होगी। समाज में वैचारिक क्रांति लाने के लिए इस तरह के अभियान बहुत प्रभावी होते हैं। हमें खुद जागरूक होकर अपने हक के लिए आवाज बुलंद करनी होगी।
- फबेहा फातिमा
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ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों और महिलाओं की स्थिति बदलने के लिए अपराजिता जैसी मुहिम की जरूरत है। महिलाओं को अपने अधिकार का ज्ञान और समाज में बदलाव लाने के लिए आगे आना होगा।
- बुशरा नाज
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महिलाओं को अपने अधिकारों और आत्मनिर्भता के लिए बिना रुके, बिना झिझके आगे बढ़ना होगा। यह भी समझना होगा कि समाज के प्रति उनका दायित्व पुरुषों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।
- सरिता मौर्य
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कानून के बारे में अभी तक इतनी जानकारी नहीं थी। अमर उजाला की इस जागरूकता गोष्ठी से हमें बहुत कुछ जानकारी मिली है। अपराजिता जैसे अभियान से जुड़कर लड़कियों की स्थिति में बदलाव लाया जा सकता है।
- कोमलप्रीत कौर
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महिलाएं अपराजिता थीं.. हैं और हमेशा रहेंगी
अमर उजाला 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत हुई गोष्ठी
एसडीएम बोले-जरूरत सिर्फ आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की है
अमर उजाला ब्यूरो
अमरिया (पीलीभीत)। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत मंगलवार को कस्बे के नीलगिरी स्कूल में महिला सुरक्षा विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं ने एकजुट होकर नारी गरिमा के प्रति जागरूक और संवेदनशील रहने का संकल्प किया।
गोष्ठी में मुख्य अतिथि एसडीएम जंगबहादुर सिंह ने कहा कि छात्राएं खुद को कमजोर न समझें। वे अपराजिता थीं, हैं और हमेशा रहेंगी। महिलाएं और युवतियां डरने के बजाय आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें तो उनका कोई मुकाबला नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि अधिकांशत: यह देखा गया है कि घर में बेटी का जन्म होने पर लोग खुश नहीं होते। इस मानसिकता में बदलाव केवल कानून बनाने से नहीं हो सकता, बल्कि सभी को यह तय करना होगा कि बेटी के जन्म पर भी वैसा ही उत्सव मनाएं जैसे बेटे के जन्म पर मनाया जाता है।
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स्कूल के प्रबंधक अवतार सिंह ने कहा कि महिलाओं और छात्राओं को जागरूक करने और उन्हें आत्मरक्षा के लिए तैयार करने में अमर उजाला अहम भूमिका निभा रहा है। प्रधानाचार्य सुमन अग्रवाल ने कहा कि महिलाएं सशक्त बनें और किसी भी परिस्थिति का डट कर मुकाबला करें। जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लें।
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महिलाओं को सम्मान पाने के लिए समाज की सोच बदलनी होगी। समाज में वैचारिक क्रांति लाने के लिए इस तरह के अभियान बहुत प्रभावी होते हैं। हमें खुद जागरूक होकर अपने हक के लिए आवाज बुलंद करनी होगी।
- फबेहा फातिमा
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ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों और महिलाओं की स्थिति बदलने के लिए अपराजिता जैसी मुहिम की जरूरत है। महिलाओं को अपने अधिकार का ज्ञान और समाज में बदलाव लाने के लिए आगे आना होगा।
- बुशरा नाज
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महिलाओं को अपने अधिकारों और आत्मनिर्भता के लिए बिना रुके, बिना झिझके आगे बढ़ना होगा। यह भी समझना होगा कि समाज के प्रति उनका दायित्व पुरुषों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।
- सरिता मौर्य
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कानून के बारे में अभी तक इतनी जानकारी नहीं थी। अमर उजाला की इस जागरूकता गोष्ठी से हमें बहुत कुछ जानकारी मिली है। अपराजिता जैसे अभियान से जुड़कर लड़कियों की स्थिति में बदलाव लाया जा सकता है।
- कोमलप्रीत कौर