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पिता के हत्यारे बेटों को आजीवन कारावास
पीलीभीत।
Updated Wed, 08 Jul 2015 11:52 PM IST
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सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ने जहानाबाद के गांव कल्यानपुर खास निवासी
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चतुर्भुज की साल भर पहले हुई हत्या के आरोप में मृतक के दो पुत्रों को दोषी
पाकर आजीवन कारावास और प्रत्यके को छह हजार रुपये जुर्माना सुनाया है।
थाना जहानाबाद में 14 जुलाई 2014 को ग्राम कल्यानपुर खास निवासी दीपचंद्र ने अपने पिता चतुर्भुज के गायब होने की सूचना दर्ज कराई। सूचना के अनुसार करीब डेढ़ साल से उसके पिता गांव हरचुईया में रहते थे। 11 जुलाई को घर आए थे। रात में खाना खाकर बैठक में सो गए थे। इसके बाद वह नहीं मिले। सूचना दर्ज होने के बाद पुलिस ने खोजबीन शुरू की।
तब पता चला कि चतुर्भुज पर बैंक का कर्जा था। वह अपनी जमीन बेचना चाहते थे और शराब पीने के आदी थे। 11 जुलाई को भी शराब पीकर घर पर आए थे। बात बढ़ने पर दोनों बेटों ने उनकी हत्या कर दी और शव को बाइक पर रखकर गन्ने के खेत में डाल दिया। पुलिस ने मृतक के दोनों पुत्रों दीपचंद्र और सीताराम से कड़ी पूछताछ की।
तब दोनों के बताए जगह से 15 जुलाई 2014 को चतुर्भुज का शव बरामद किया गया। विवेचना के बाद मृतक के दोनों पुत्रों पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। मामले की सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ने दोनों आरोपियों को दोषी पाकर आजीवन कारावास और प्रत्येक को छह हजार रुपये जुर्माना सुनाया है।
थाना जहानाबाद में 14 जुलाई 2014 को ग्राम कल्यानपुर खास निवासी दीपचंद्र ने अपने पिता चतुर्भुज के गायब होने की सूचना दर्ज कराई। सूचना के अनुसार करीब डेढ़ साल से उसके पिता गांव हरचुईया में रहते थे। 11 जुलाई को घर आए थे। रात में खाना खाकर बैठक में सो गए थे। इसके बाद वह नहीं मिले। सूचना दर्ज होने के बाद पुलिस ने खोजबीन शुरू की।
तब पता चला कि चतुर्भुज पर बैंक का कर्जा था। वह अपनी जमीन बेचना चाहते थे और शराब पीने के आदी थे। 11 जुलाई को भी शराब पीकर घर पर आए थे। बात बढ़ने पर दोनों बेटों ने उनकी हत्या कर दी और शव को बाइक पर रखकर गन्ने के खेत में डाल दिया। पुलिस ने मृतक के दोनों पुत्रों दीपचंद्र और सीताराम से कड़ी पूछताछ की।
तब दोनों के बताए जगह से 15 जुलाई 2014 को चतुर्भुज का शव बरामद किया गया। विवेचना के बाद मृतक के दोनों पुत्रों पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। मामले की सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ने दोनों आरोपियों को दोषी पाकर आजीवन कारावास और प्रत्येक को छह हजार रुपये जुर्माना सुनाया है।