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पांच नामजद, 12 अज्ञात नेपालियों पर रिपोर्ट दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Tue, 10 May 2016 11:15 PM IST
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नेपाली लड़की को जबरन असलहों के बल पर व्यापारी के मकान से उठा ले जाने के मामले में आखिरकार कानूनी कार्रवाई की गई। व्यापारी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पांच नामजद और दर्जन भर अज्ञात नेपालियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। अब पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
कस्बे के रहने वाले व्यापारी राम निवास गुप्ता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पुत्र अंशुल गुप्ता ने एक नेपाली लड़की से प्रेम विवाह किया था। शादी उसके बालिग होने के प्रमाण पत्रों की मौजूदगी में की गई थी, जिसके बाद से उनकी पुत्रवधू बनकर नेपाली लड़की उनके घर आकर रह रही थी। पांच मई को लड़की के परिवार वाले नेपाली गुंडों के साथ असलहों से लैस होकर घर में घुस आए। घर का दरवाजा तोड़कर भीतर घुस आए और मौजूद लोगों से मारपीट की गई। आरोप है कि उनकी पुत्रवधू को जबरन घर से उठाकर ले गए हैं। रोकने की कोशिश करने पर आरोपियों ने असलहा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले में नेपालियों के खिलाफ बलवा, घर में घुसकर मारपीट आदि गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
भगोड़ा घोषित करने
को बताया गलत
व्यापारी के बेटे अंशुल गुप्ता को नेपाल से भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। इसकी जानकारी लगने पर घरवालों ने नाराजगी जताई है। पिता रामनिवास गुप्ता का कहना है कि नेपाल की पुलिस उन पर दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रही है। जब उनका बेटा नेपाल का नागरिक ही नहीं है, फिर भगोड़ा कैसा। उन्होंने शादी को भी पूरी तरह से सही और कानूनन बताया है।
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तहरीर के आधार पर नेपाल के धनगड़ी निवासी विमल ओझा, विशाल ओझा, हरी ओझा, टीका ओझा, चंदन ओझा को नामजद किए गए हैं। इसके अलावा बारह लोगों को अज्ञात में शामिल किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
- दुर्गेश मिश्रा, एसओ
कस्बे के रहने वाले व्यापारी राम निवास गुप्ता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पुत्र अंशुल गुप्ता ने एक नेपाली लड़की से प्रेम विवाह किया था। शादी उसके बालिग होने के प्रमाण पत्रों की मौजूदगी में की गई थी, जिसके बाद से उनकी पुत्रवधू बनकर नेपाली लड़की उनके घर आकर रह रही थी। पांच मई को लड़की के परिवार वाले नेपाली गुंडों के साथ असलहों से लैस होकर घर में घुस आए। घर का दरवाजा तोड़कर भीतर घुस आए और मौजूद लोगों से मारपीट की गई। आरोप है कि उनकी पुत्रवधू को जबरन घर से उठाकर ले गए हैं। रोकने की कोशिश करने पर आरोपियों ने असलहा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले में नेपालियों के खिलाफ बलवा, घर में घुसकर मारपीट आदि गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
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भगोड़ा घोषित करने
को बताया गलत
व्यापारी के बेटे अंशुल गुप्ता को नेपाल से भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। इसकी जानकारी लगने पर घरवालों ने नाराजगी जताई है। पिता रामनिवास गुप्ता का कहना है कि नेपाल की पुलिस उन पर दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रही है। जब उनका बेटा नेपाल का नागरिक ही नहीं है, फिर भगोड़ा कैसा। उन्होंने शादी को भी पूरी तरह से सही और कानूनन बताया है।
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तहरीर के आधार पर नेपाल के धनगड़ी निवासी विमल ओझा, विशाल ओझा, हरी ओझा, टीका ओझा, चंदन ओझा को नामजद किए गए हैं। इसके अलावा बारह लोगों को अज्ञात में शामिल किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
- दुर्गेश मिश्रा, एसओ