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गाजीपुर मुगल के तालाब में मिले गोवंशीय पशुओं के अवशेष, मचा हड़कंप
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बरखेड़ा (पीलीभीत)। बीसलपुर-पीलीभीत मार्ग से सटे गाजीपुर मुगल गांव के एक तालाब में गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया। ग्रामीण और बजरंग दल के कार्यकर्ता इकट्ठा हुए और गोकशी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इसकी सूचना मिलने पर पहुंची बरखेड़ा पुलिस ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटाई। इसमें पुलिस गोवंशीय की हत्या कहीं और करने के बाद अवशेष तालाब में डालने का मान रही है। अवशेष कब्जे में लेकर पशु चिकित्सकों से परीक्षण के बाद दफन करा दिए गए हैं। अब मामले में आरोपियों का पता लगाने को छानबीन में जुटी है। सर्विलांस टीम की भी मदद ली जा रही है। चार आरोपियों के खिलाफ गोवध अधिनियम की नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है।
घटना रविवार सुबह करीब छह बजे की है। बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गाजीपुर मुगल गांव स्थित एक तालाब में गोवंशीय पशुओं की तीन खालें और अन्य अवशेष पड़े मिले। ग्रामीणों की इस पर नजर पड़ी तो गोकशी का शोर मच गया। चंद मिनट में काफी ग्रामीण जमा हो गए। इसकी खबर मिलने पर बजरंग दल के जिला संयोजक मनोज रस्तोगी, प्रिंस, अमन गुप्ता, प्रवेश जोशी, श्रीकृष्ण भारती, विकास शर्मा समेत कई कार्यकर्ताओं मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई। इंस्पेक्टर एसके उपाध्याय पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। एकत्र लोगों ने पुलिस के पहुंचने पर गोकशी को लेकर खासा नाराजगी जताई और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। जिनको पुलिस ने आश्वासन देकर शांत किया। इसके बाद जेसीबी की मदद से तालाब में मिले अवशेष बाहर निकाले गए। उनको कब्जे में लेकर पुलिस ने पशु चिकित्सक को बुलाकर परीक्षण कराया। इसमें अवशेष गोवंशीय पशु के होने की पुष्टि होने पर उनको दफन करा दिया गया।
दो माह पहले भी मिले थे अवशेष, पुलिस दबा गई थी मामला
गोकशी को लेकर शासन-प्रशासन की सख्ती के बावजूद पुलिस घटना के बाद सख्त एक्शन लेने के बजाय उसको छिपाने पर अधिक जोर दे रही है। रविवार को गाजीपुर मुगल में अवशेष मिलने के बाद पुलिस की इसी तरह की करतूत को ग्रामीणों ने उजागर कर दिया। बताया कि दो माह पूर्व भी गांव में एक सप्ताह के भीतर दो बार गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिले थे। इस पर तत्कालीन थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। काफी देर तक जांच पड़ताल के नाम पर ग्रामीणों से बातचीत करते रहे। बाद में पूरे मामले को दबा दिया गया। किसी तरह की कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
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पुलिस की मिलीभगत भी बीते साल हो चुकी है उजागर
वैसे तो पूरनपुर के शेरपुर कलां से गोकशी के सर्वाधित मामले सामने आते हैं, लेकिन बीते साल बरखेड़ा क्षेत्र में सिलसिलेबार गोकशी से जुड़ी घटनाएं सामने आई थी। इसमें आए दिन गोवंशीय अवशेष मिलने के बाद तनाव के हालात बन रहे थे। इसके बाद तत्कालीन एसपी बालेंदु भूषण सिंह को खुद कमान संभालनी पड़ी। इसके बाद गंभीरता से छानबीन की गई तो पुलिस की मिलीभगत भी उजागर गई। तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए थे। कई कारोबारियों पर रासुका की कार्रवाई हुई। जिसके बाद कुछ रोकथाम हुई थी, लेकिन समय बढ़ते-बढ़ते पुन: मामले प्रकाश में आना शुरू हो गए।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर गई थी। मनोज रस्तोगी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर खमरिया गांव निवासी हनीफ, आफरोज, नन्हे और इदरीश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच पड़ताल कराई जा रही है, सख्त कार्रवाई की जाएगी। - एसके उपाध्याय, इंस्पेक्टर बरखेड़ा
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घटना रविवार सुबह करीब छह बजे की है। बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गाजीपुर मुगल गांव स्थित एक तालाब में गोवंशीय पशुओं की तीन खालें और अन्य अवशेष पड़े मिले। ग्रामीणों की इस पर नजर पड़ी तो गोकशी का शोर मच गया। चंद मिनट में काफी ग्रामीण जमा हो गए। इसकी खबर मिलने पर बजरंग दल के जिला संयोजक मनोज रस्तोगी, प्रिंस, अमन गुप्ता, प्रवेश जोशी, श्रीकृष्ण भारती, विकास शर्मा समेत कई कार्यकर्ताओं मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई। इंस्पेक्टर एसके उपाध्याय पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। एकत्र लोगों ने पुलिस के पहुंचने पर गोकशी को लेकर खासा नाराजगी जताई और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। जिनको पुलिस ने आश्वासन देकर शांत किया। इसके बाद जेसीबी की मदद से तालाब में मिले अवशेष बाहर निकाले गए। उनको कब्जे में लेकर पुलिस ने पशु चिकित्सक को बुलाकर परीक्षण कराया। इसमें अवशेष गोवंशीय पशु के होने की पुष्टि होने पर उनको दफन करा दिया गया।
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दो माह पहले भी मिले थे अवशेष, पुलिस दबा गई थी मामला
गोकशी को लेकर शासन-प्रशासन की सख्ती के बावजूद पुलिस घटना के बाद सख्त एक्शन लेने के बजाय उसको छिपाने पर अधिक जोर दे रही है। रविवार को गाजीपुर मुगल में अवशेष मिलने के बाद पुलिस की इसी तरह की करतूत को ग्रामीणों ने उजागर कर दिया। बताया कि दो माह पूर्व भी गांव में एक सप्ताह के भीतर दो बार गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिले थे। इस पर तत्कालीन थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। काफी देर तक जांच पड़ताल के नाम पर ग्रामीणों से बातचीत करते रहे। बाद में पूरे मामले को दबा दिया गया। किसी तरह की कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
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पुलिस की मिलीभगत भी बीते साल हो चुकी है उजागर
वैसे तो पूरनपुर के शेरपुर कलां से गोकशी के सर्वाधित मामले सामने आते हैं, लेकिन बीते साल बरखेड़ा क्षेत्र में सिलसिलेबार गोकशी से जुड़ी घटनाएं सामने आई थी। इसमें आए दिन गोवंशीय अवशेष मिलने के बाद तनाव के हालात बन रहे थे। इसके बाद तत्कालीन एसपी बालेंदु भूषण सिंह को खुद कमान संभालनी पड़ी। इसके बाद गंभीरता से छानबीन की गई तो पुलिस की मिलीभगत भी उजागर गई। तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए थे। कई कारोबारियों पर रासुका की कार्रवाई हुई। जिसके बाद कुछ रोकथाम हुई थी, लेकिन समय बढ़ते-बढ़ते पुन: मामले प्रकाश में आना शुरू हो गए।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर गई थी। मनोज रस्तोगी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर खमरिया गांव निवासी हनीफ, आफरोज, नन्हे और इदरीश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच पड़ताल कराई जा रही है, सख्त कार्रवाई की जाएगी। - एसके उपाध्याय, इंस्पेक्टर बरखेड़ा