{"_id":"5aa3ded14f1c1ba2758b4af4","slug":"11520688849-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कीटनाशक छिड़काव कर रहे मजदूर भाईयों की हालत बिगड़ी, एक की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कीटनाशक छिड़काव कर रहे मजदूर भाईयों की हालत बिगड़ी, एक की मौत
Updated Sat, 10 Mar 2018 07:04 PM IST
विज्ञापन
कीटनाशक छिड़काव करते मजदूर भाईयों की हालत बिगड़ी, एक की मौत
क्रासर...
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। गेहूं के खेत में कीटनाशक दवाई छिड़क रहे गांव पिपरा मुजप्ता निवासी 48 वर्षीय कमलेश और उसके भाई संजय की हालत बिगड़ गई। जब तक कमलेश को इलाज के लिए सीएचसी लाया जाया जाता, उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। इलाज से पहले ही सीएचसी चिकित्सकों ने कमलेश को मृत घोषित कर दिया। संजय ने सीएचसी में इलाज कराया। घटना की सूचना पर पुलिस ने कमलेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घटना सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव जगतियापुर में हुई। संजय ने बताया कि वह अपने भाई कमलेश के साथ गांव जगतियापुर निवासी एक फार्मर के खेत में मजदूरी पर कीटनाशक दवा का छिड़काव करने गए थे। कीटनाशक का घोल फार्मर ने मिलाकर दिया था। उसमें बदबू आ रही थी। बदबू वाले कीटनाशक की जानकारी पर फार्मर ने उसका ही छिड़काव करने को कहा। छिड़काव शुरू ही किया था कि सुबह नौ बजे उसके भाई कमलेश की हालत बिगड़ने लगी। चक्कर आने के साथ कमलेश जमीन पर गिर गया। सूचना पर परिवार के लोग पहुंच गए। यूपी 100 पुलिस को भी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने कमलेश को इलाज के लिए ले जाने की सलाह दी। कमलेश को पूरनपुर सीएचसी लाया गया। यहां इलाज से पहले ही चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। संजय ने सीएचसी में अपना इलाज कराया। संजय का आरोप है कि बदबूदार कीटनाशक का छिड़काव करने से मना करने के बाद भी फार्मर ने दोनों भाईयों से कीटनाशक का छिड़काव कराया। घटना के बाद फार्मर खेत से खिसक गया। सेहरामऊ उत्तरी पुलिस ने कमलेश के शव को पोस्टमार्टम को भेजा है। एसओ सेहरामऊ उत्तरी राजकुमार भारद्वाज ने बताया कि मामले में किसी प्रकार की कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। कमलेश चार भाईयों में सबसे बड़ा था। उसके परिवार में पत्नी के अलावा तीन पुत्र, तीन पुत्रियां है। कमलेश के पास कुछ खेती भी है।
---
विज्ञापन
क्रासर...
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। गेहूं के खेत में कीटनाशक दवाई छिड़क रहे गांव पिपरा मुजप्ता निवासी 48 वर्षीय कमलेश और उसके भाई संजय की हालत बिगड़ गई। जब तक कमलेश को इलाज के लिए सीएचसी लाया जाया जाता, उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। इलाज से पहले ही सीएचसी चिकित्सकों ने कमलेश को मृत घोषित कर दिया। संजय ने सीएचसी में इलाज कराया। घटना की सूचना पर पुलिस ने कमलेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घटना सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव जगतियापुर में हुई। संजय ने बताया कि वह अपने भाई कमलेश के साथ गांव जगतियापुर निवासी एक फार्मर के खेत में मजदूरी पर कीटनाशक दवा का छिड़काव करने गए थे। कीटनाशक का घोल फार्मर ने मिलाकर दिया था। उसमें बदबू आ रही थी। बदबू वाले कीटनाशक की जानकारी पर फार्मर ने उसका ही छिड़काव करने को कहा। छिड़काव शुरू ही किया था कि सुबह नौ बजे उसके भाई कमलेश की हालत बिगड़ने लगी। चक्कर आने के साथ कमलेश जमीन पर गिर गया। सूचना पर परिवार के लोग पहुंच गए। यूपी 100 पुलिस को भी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने कमलेश को इलाज के लिए ले जाने की सलाह दी। कमलेश को पूरनपुर सीएचसी लाया गया। यहां इलाज से पहले ही चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। संजय ने सीएचसी में अपना इलाज कराया। संजय का आरोप है कि बदबूदार कीटनाशक का छिड़काव करने से मना करने के बाद भी फार्मर ने दोनों भाईयों से कीटनाशक का छिड़काव कराया। घटना के बाद फार्मर खेत से खिसक गया। सेहरामऊ उत्तरी पुलिस ने कमलेश के शव को पोस्टमार्टम को भेजा है। एसओ सेहरामऊ उत्तरी राजकुमार भारद्वाज ने बताया कि मामले में किसी प्रकार की कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। कमलेश चार भाईयों में सबसे बड़ा था। उसके परिवार में पत्नी के अलावा तीन पुत्र, तीन पुत्रियां है। कमलेश के पास कुछ खेती भी है।
विज्ञापन
---