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पीलीभीत में पर्यटन बढ़ावे को हर संभव किए जाएंगे प्रयास: योगी

Sun, 12 Nov 2017 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  पीलीभीत।
अमर उजाला ब्यूरो  पीलीभीत। Updated Sun, 12 Nov 2017 11:52 PM IST
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cm yogi in pilibhit
cm - फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री ने मंडी और गन्ना क्रय केंद्र का किया निरीक्षण 
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बोले-किसानों को बिचौलियों से मुक्ति दिलाना सरकार की प्राथमिकता 
चूका स्पॉट का भी उठाया लुत्फ 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडी समिति में धान क्रय केंद्रों व मथना जप्ती में गन्ना क्रय केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। टाइगर रिजर्व के चूका स्पॉट में प्रकृति की वादियों का लुत्फ भी उठाया। मंडी में निरीक्षण के दौरान गंदगी मिलने और दिन में मंडी की हाईमास्ट लाइट जलती मिलने पर मंडी सचिव विजेन वालियान व उपनिदेशक मूलचंद गंगवार को जमकर फटकार लगाते हुए मंडी की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और सांसद-विधायक के साथ मिल कर मंडी को किसानों के लिए और अधिक उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि धान व गन्ना खरीद व्यवस्था में बिचौलियों को हावी नहीं होने दिया जाएगा। यह निरीक्षण भी इन्हीं व्यवस्थाओं को ध्यान में रख कर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 नवंबर से चूका स्पॉट पर्यटकों के लिए खुल रहा है। प्रदेश में पर्यटन के विकास की काफी संभावनाएं हैं। उसे ध्यान में रखते हुए यहां की व्यवस्थाओं को और बेहतर करने का काम प्रदेश सरकार करेगी। 

प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद यह दूसरा मौका था जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले का जायजा लेने यहां पहुंचे। किसान और जिले का पर्यटन उनके मुख्य एजेंडे में रहा। शासन से 48 घंटे पहले पीलीभीत सहित 12 जनपदों में मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर अलर्ट किया गया था। इसको लेकर प्रशासन ने रात दिन एक कर तैयारियां की थीं। रविवार को सुबह से ही मंडी को सील कर निरीक्षण के लिए बेहतर व्यवस्थाएं कर ली गई थीं। दोपहर करीब 1.05 बजे मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर उतरा। 1.25 उनका काफिला मंडी समिति पहुंचा। यहां उन्होंने टीनशेड नंबर 4, 5 व 6 में बने धान क्रय केंद्रों पर पहुंचकर खरीद का जायजा लिया। मंडी में धान तौल करा रहे किसान मंदीप सिंह व गुरदीप सिंह से धान बेचने में आ रही दिक्कत आदि के बाबत पूछा। इस पर किसान ने कहा कि क्रय केंद्रों पर तौल के बाद नीचे रह गई धान की परत को अलग कर दिया जाता है। इससे किसानों को नुकसान होता है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी से इस व्यवस्था को तत्काल ठीक किए जाने के निर्देश दिए। किसानों ने यह भी बताया कि उनके खेत में धान करीब 30 से 35 क्विंटल तक उत्पादित होता है, लेकिन सरकारी क्रय केंद्रों पर औसत उपज 18 क्विंटल मान ली जाती है। यह मानक काफी पुराना है। इसमें बदलाव किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस समस्या के समाधान किए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री माधोटांडा क्षेत्र के गांव मथना जप्ती में स्थापित एलएच शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्र पहुंचे। यहां गन्ना लेकर पहुंचे दो किसानों के ट्रैक्टर ट्रालियों की अपने सामने तौल कराई। यहां भी किसानों से बातचीत की। मथना के बाद मुख्यमंत्री को माधोटांडा स्थित सहकारी समिति का निरीक्षण करना था, लेकिन वह माधोटांडा न जाकर टाइगर रिजर्व के चूका स्पॉट पहुंचे। यहां प्राकृतिक वादियों का लुत्फ उठाने के बाद उन्होंने भोजन किया। 4.58 बजे पुलिस लाइन से उनका हेलीकाप्टर लखनऊ के लिए रवाना हो गया। निरीक्षण के दौरान शहर विधायक संजय सिंह गंगवार, बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत के अलावा कमिश्नर जगनमोहन, आईजी एसके भगत, डीएम शीतल वर्मा, एसपी कलानिधि नैथानी, मंडी उपनिदेशक मूलचंद्र गंगवार, मंडी सभापति/ एसडीएम कलीनगर सूरज यादव, मंडी सचिव विजेन बालियान, डिप्टी आरएमओ डॉ. अविनाश चंद्र झा सहित कई अधिकारी कर्मचारी थे। 
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