{"_id":"60cf91dd8ebc3e2d5a4b48fb","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly4504943127","type":"story","status":"publish","title_hn":"शारदा में छोड़ा गया 2.23 लाख क्यूसेक पानी, नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीण सहमे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शारदा में छोड़ा गया 2.23 लाख क्यूसेक पानी, नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीण सहमे
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पीलीभीत। शारदा नदी में रविवार को बनवसा बैराज से 2.23 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी जा घुसा। घरों को कटाने से बचाने के लिए ग्रामीणों ने स्वयं की बचाव के उपाय शुरू कर दिए हैं। नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से खेत भी पूरी तरह से जलमग्न हो गए। खेतों में रखे हैरो और इंजन भी बह गए। अफसरों का कहना है कि कल रात से शारदा नदी के जलस्तर में कमी देखी जा रही है।
पहाड़ों पर हो रही तेज बारिश से बनवसा बैराज से छोड़ा गया पानी और नेपाल की जगबूड़ा नदी के पानी ने शारदा नदी में मिलकर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। रविवार को वनबसा बैराज से 2.23 लाख क्यूसेक पानी शारदा नदी में छोड़ा गया, जबकि एक दिन पूर्व 1.90 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। बड़ी तादाद में नदी में पानी छोड़े जाने से शनिवार रात ही हालात बिगड़ने लगी। कलीनगर तहसील क्षेत्र के गभिया सहराई और नलडेंगा क्षेत्र में बाढ़ का पानी जा घुसा। सुबह सवेरे घरों में बाढ़ का पानी घुसता देख डर गए। दूर-दूर तक खेतों में पानी भरा दिखाई दिया। खेतों में सिंचाई को रखे गए पंपिंग सेट और जुताई के लिए रखी गई हैरो भी पानी में बह गई। गभिया सहराई के करीब 10 घरों में बाढ़ का पानी घुसे होने की सूचना मिली है। इधर रविवार को ही नदी की धार ने दांये किनारे की ओर रुख कर नलडेंगा क्षेत्र की ओर कटान शुरू कर दिया। यहां नदी ने निर्माणाधीन बाढ़ नियंत्रण कार्यों के समीप महत्वपूर्ण ठोकर संख्या 17 के अगले हिस्से का कटान करते हुए ग्रामीण प्रदीप, कार्तिक और निखिल के घर को भी निशाने पर ले लिया है। घबराए ग्रामीणों ने घरों को खाली कर जरूरत का सामान समीप के सरकारी स्कूल में ले जाकर सुरक्षित रखना शुरू कर दिया है। वहीं नदी के किनारे बसे गांव के ग्रामीणों ने घरों को कटान से बचाने के लिए अपने स्तर से बल्ली और झाड़-झंकाड़ डालना शुरू कर दिया है, ताकि उनका घर नदी न काट सके। इधर जानकारी लगते ही एसडीएम कलीगनर योगेश कुमार गौड़ राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पूरी स्थिति को परखने के बाद अभियंताओं से जानकारी जुटाई। एसडीएम ने बताया कि पानी की धार ठोकर से टकरा रही है। अभियंताओं को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। इधर बाढ़ खंड के एसडीओ/नोडल अधिकारी कंट्रोल रूम अमित कुमार ने बताया कि शनिवार रात शारदा नदी में पानी अधिक छोड़ा गया है। शनिवार रात ने नदी के जलस्तर में कमी देखी जा रही है। विभागीय अभियंताओं के अलावा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। जलस्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है।
पूरनपुर तहसील के राहुलनगर व खिरकिया बरगदिया में तीन-तीन फीट भरा पानी
शारदा नदी में बनवसा बैराज से लगातार दूसरे दिन पानी रिलीज होने से गांव राहुलनगर और खिरकिया बरगदिया की कॉलोनी नंबर छह के घरों में दूसरे दिन भी पानी भरा रहा। रात में पानी बढ़ने पर बाढ़ की आशंका पर अधिकांश लोगों को रात जाग कर काटनी पड़ी। रविवार को पानी कम न होने पर लोगों घरों का सामान निकालकर ऊंचे स्थानों पर शरण लेने लगे। घरों में पानी भरने से कई घरों में रविवार को दूसरे दिन भी खाना नहीं बना। इससे लोग भूख से परेशान हो गए। रविवार अपराह्न को प्रधान बासुदेव कुंडू ने ग्राम पंचायत की ओर से खाना बनवाकर कुछ लोगों को बंटवाया। रविवार को एडीएम अतुल सिंह, सीडीओ प्रशांत श्रीवास्तव, एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने सिंचाई विभाग के अफसरों और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ गांव पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कुछ लोगों को दवाई बांटी। अफसरों ने नदी का जलस्तर शीघ्र कम होने की जानकारी दी। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि गांव में अभी बाढ़ के हालात नहीं है।
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पहाड़ों पर हो रही तेज बारिश से बनवसा बैराज से छोड़ा गया पानी और नेपाल की जगबूड़ा नदी के पानी ने शारदा नदी में मिलकर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। रविवार को वनबसा बैराज से 2.23 लाख क्यूसेक पानी शारदा नदी में छोड़ा गया, जबकि एक दिन पूर्व 1.90 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। बड़ी तादाद में नदी में पानी छोड़े जाने से शनिवार रात ही हालात बिगड़ने लगी। कलीनगर तहसील क्षेत्र के गभिया सहराई और नलडेंगा क्षेत्र में बाढ़ का पानी जा घुसा। सुबह सवेरे घरों में बाढ़ का पानी घुसता देख डर गए। दूर-दूर तक खेतों में पानी भरा दिखाई दिया। खेतों में सिंचाई को रखे गए पंपिंग सेट और जुताई के लिए रखी गई हैरो भी पानी में बह गई। गभिया सहराई के करीब 10 घरों में बाढ़ का पानी घुसे होने की सूचना मिली है। इधर रविवार को ही नदी की धार ने दांये किनारे की ओर रुख कर नलडेंगा क्षेत्र की ओर कटान शुरू कर दिया। यहां नदी ने निर्माणाधीन बाढ़ नियंत्रण कार्यों के समीप महत्वपूर्ण ठोकर संख्या 17 के अगले हिस्से का कटान करते हुए ग्रामीण प्रदीप, कार्तिक और निखिल के घर को भी निशाने पर ले लिया है। घबराए ग्रामीणों ने घरों को खाली कर जरूरत का सामान समीप के सरकारी स्कूल में ले जाकर सुरक्षित रखना शुरू कर दिया है। वहीं नदी के किनारे बसे गांव के ग्रामीणों ने घरों को कटान से बचाने के लिए अपने स्तर से बल्ली और झाड़-झंकाड़ डालना शुरू कर दिया है, ताकि उनका घर नदी न काट सके। इधर जानकारी लगते ही एसडीएम कलीगनर योगेश कुमार गौड़ राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पूरी स्थिति को परखने के बाद अभियंताओं से जानकारी जुटाई। एसडीएम ने बताया कि पानी की धार ठोकर से टकरा रही है। अभियंताओं को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। इधर बाढ़ खंड के एसडीओ/नोडल अधिकारी कंट्रोल रूम अमित कुमार ने बताया कि शनिवार रात शारदा नदी में पानी अधिक छोड़ा गया है। शनिवार रात ने नदी के जलस्तर में कमी देखी जा रही है। विभागीय अभियंताओं के अलावा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। जलस्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है।
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पूरनपुर तहसील के राहुलनगर व खिरकिया बरगदिया में तीन-तीन फीट भरा पानी
शारदा नदी में बनवसा बैराज से लगातार दूसरे दिन पानी रिलीज होने से गांव राहुलनगर और खिरकिया बरगदिया की कॉलोनी नंबर छह के घरों में दूसरे दिन भी पानी भरा रहा। रात में पानी बढ़ने पर बाढ़ की आशंका पर अधिकांश लोगों को रात जाग कर काटनी पड़ी। रविवार को पानी कम न होने पर लोगों घरों का सामान निकालकर ऊंचे स्थानों पर शरण लेने लगे। घरों में पानी भरने से कई घरों में रविवार को दूसरे दिन भी खाना नहीं बना। इससे लोग भूख से परेशान हो गए। रविवार अपराह्न को प्रधान बासुदेव कुंडू ने ग्राम पंचायत की ओर से खाना बनवाकर कुछ लोगों को बंटवाया। रविवार को एडीएम अतुल सिंह, सीडीओ प्रशांत श्रीवास्तव, एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने सिंचाई विभाग के अफसरों और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ गांव पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कुछ लोगों को दवाई बांटी। अफसरों ने नदी का जलस्तर शीघ्र कम होने की जानकारी दी। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि गांव में अभी बाढ़ के हालात नहीं है।
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