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Pilibhit News: ग्रहण काल में घरों पर ही किए मंत्र जाप और पाठ
Mon, 08 Sep 2025 12:05 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 08 Sep 2025 12:05 AM IST
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पीलीभीत। रविवार की रात का पूर्ण चंद्र ग्रहण धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास महत्व लेकर आया। यह ग्रहण रात 9 बजकर 57 मिनट पर शुरू हुआ और 1 बजकर 27 मिनट पर समाप्त हुआ। चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12:56 मिनट से ही लग गया, इसके चलते शहर के सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए और पूजा-पाठ जैसे धार्मिक कार्य रोक दिए गए। भक्तों ने ग्रहण काल में घरों पर ही मंत्र जाप और पाठ करके पुण्य लाभ अर्जित करने का प्रयास किया।
शहर के परमठ मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित ओमकार नाथ मिश्रा ने बताया कि यह चंद्र ग्रहण विशेष रूप से कुंभ राशि पर अपना प्रभाव छोड़ेगा व आने वाले तीन महीने तक इसके असर देखने को मिल सकते हैं। जिन जातकों की राशि पर चंद्रमा की स्थिति कमजोर है, उन्हें मानसिक तनाव, निर्णय क्षमता में कमी और पारिवारिक विवादों से सावधान रहने की आवश्यकता है।
वहीं, कुछ राशियों पर यह ग्रहण शुभ फल भी देगा और नए अवसरों के द्वार खोलेगा। ग्रहण के दौरान लोगों ने परंपरा का पालन करते हुए भोजन, जल और अन्य पवित्र कार्यों से दूरी बनाई। कई परिवारों ने ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर घरों और मंदिरों में दुग्धाभिषेक तथा हवन-पूजन किया। बीती रात ग्रहण का दृश्य स्पष्ट दिखाई दिया। शहरवासियों ने अपने-अपने घरों की छतों और खुले स्थानों पर जाकर इस खगोलीय घटना को देखा और तस्वीरें भी कैद कीं।
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शहर के परमठ मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित ओमकार नाथ मिश्रा ने बताया कि यह चंद्र ग्रहण विशेष रूप से कुंभ राशि पर अपना प्रभाव छोड़ेगा व आने वाले तीन महीने तक इसके असर देखने को मिल सकते हैं। जिन जातकों की राशि पर चंद्रमा की स्थिति कमजोर है, उन्हें मानसिक तनाव, निर्णय क्षमता में कमी और पारिवारिक विवादों से सावधान रहने की आवश्यकता है।
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वहीं, कुछ राशियों पर यह ग्रहण शुभ फल भी देगा और नए अवसरों के द्वार खोलेगा। ग्रहण के दौरान लोगों ने परंपरा का पालन करते हुए भोजन, जल और अन्य पवित्र कार्यों से दूरी बनाई। कई परिवारों ने ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर घरों और मंदिरों में दुग्धाभिषेक तथा हवन-पूजन किया। बीती रात ग्रहण का दृश्य स्पष्ट दिखाई दिया। शहरवासियों ने अपने-अपने घरों की छतों और खुले स्थानों पर जाकर इस खगोलीय घटना को देखा और तस्वीरें भी कैद कीं।
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