Pilibhit News: बिजली का तार टूटकर खेत में गिरा, चपेट में आकर चार गोवंशीय पशु मरे, ग्रामीणों में रोष
पीलीभीत के बरखेड़ा इलाके में बिजली का तार टूटकर खेत में गिर गया, जिसकी चपेट में आने से चार लावारिस पशु मर गए। ग्रामीणों ने जर्जर लाइन की कई बार शिकायत की थी। ग्रामीणों ने जर्जर लाइनों को दुरुस्त करने की मांग की है।
विस्तार
पीलीभीत के बरखेड़ा क्षेत्र के गांव खजुरिया पचपेड़ा में रविवार सुबह बिजली निगम की गंभीर लापरवाही सामने आई है। खेत में गिरे विद्युत लाइन के तार की चपेट में आने से चार लावारिस पशु मर गए। गनीमत रही कि ग्रामीणों की सतर्कता से जनहानि टल गई।
रविवार सुबह करीब पांच बजे ग्रामीण प्रमोद कुमार टहलने निकले थे। इस दौरान उन्होंने गांव के बाहर रामकुमार के गन्ने के खेत में चार गोवंशीय पशुओं को मृत देखा। उन्होंने तत्काल ग्राम प्रधान राजेंद्र कुमार को सूचना दी। मौके पर पहुंचे प्रधान ने पाया कि खेत के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन का तार टूटकर जमीन पर गिरा था, जिसमें करंट दौड़ रहा था। इसी करंट की चपेट में आने से पशुओं की मौत हुई थी।
ग्राम प्रधान ने तुरंत विद्युत कार्यालय को सूचना देकर आपूर्ति बंद करवाई। इसके बाद पशुपालन विभाग और स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार त्यागी, बरखेड़ा के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हरपाल और पुलिस टीम पहुंची। अधिकारियों की मौजूदगी में मृत पशुओं को जमीन में दबा दिया गया।
ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों का कहना है कि जहां यह घटना हुई, वहां आसपास कई पक्के मकान भी हैं। इस जर्जर लाइन को हटवाने के लिए विभाग को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अधिकारियों ने हमेशा इसे नजरअंदाज किया। ग्रामीणों का आरोप है कि तार टूटने की खबर तक बिजली निगम को नहीं थी, जो उनकी घोर लापरवाही को दर्शाता है।
व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने लावारिस पशुओं की समस्या को भी उजागर किया है। सरकार की कोशिशों और जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बावजूद, गांवों में घूम रहे लावारिस पशुओं को पकड़ने की व्यवस्था पूरी तरह विफल नजर आ रही है। यदि प्रधान की सूझबूझ और ग्रामीणों की सतर्कता समय पर न होती, तो यहां कोई बड़ी मानवीय दुर्घटना घट सकती थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से जर्जर बिजली लाइनों को तुरंत दुरुस्त करने और आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।