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धनुष टूटा तो क्रोधित हो गए परशुराम
पीलीभीत, ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2016 12:07 AM IST
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नगर के एतिहासिक रामलीला मेले में शनिवार को धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर लीला का मंचन हुआ। इसे देखने भारी संख्या में भीड़ उमड़ी। लीला की शुरुआत धनुष यज्ञ के साथ हुई। इसमें दुनिया के कई राजा भाग लेने पहुंचते हैं। कोई भी राजा धनुष नहीं तोड़ पाता है तो राजा जनक निराश हो जाते हैं। यह देख ऋषि विश्वामित्र के इशारे पर भगवान श्रीराम ने शंकर जी का धनुष तोड़ दिया। इसके बाद सीताजी ने भगवान श्रीराम के गले में जयमाला डाल दीं। इसी के साथ जनकपुरी में खुशी की लहर दौड़ जाती है। इस बीच धनुष टूटने की आवाज सुनकर परशुराम जी आ जाते हैं। क्रोधित परशुराम जी और लक्ष्मणजी के बीच इसे लेकर काफी देर तक संवाद होता है। परशुराम जी को जब पता चलता है कि धनुष भगवान श्रीराम ने तोड़ा है तो वह श्रीराम का अभिवादन कर चले जाते हैं। लीला का संचालन मेला कमेटी के मनोज त्रिपाठी और उपेंद्र शंखधार ने रामायण की चौपाइयां और दोहे पढ़कर किया।
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