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कांग्रेस और भाजपा दोनों हो गईं जिले से साफ
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Wed, 18 Jan 2017 10:22 PM IST
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विधानसभा चुनाव 1989 में मतदाताओं ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को किनारे कर दिया। पीलीभीत और बरखेड़ा में निर्दलीय विधायक जीते जबकि बीसलपुर और पूरनपुर में जनता दल के प्रत्याशियों ने परचम फहराया। बीसलपुर में हरीश कुमार ने इस चुनाव में तत्कालीन विधायक तेज बहादुर गंगवार को रिकार्ड 23415 मतों से परास्त किया। पीलीभीत शहर से चुनाव लड़े निर्दलीय रियाज अहमद 35090 मत पाकर पहली बार विधायक बने। उन्होंने भाजपा के बीके गुप्ता को 5850 मतों से हराया। बरखेड़ा में भाजपा से कई बार विधायक रहे किशनलाल को भी निर्दलीय सन्नूलाल ने 14524 मतों से हरा दिया। जिले मेें सबसे बड़ी जीत बीसलपुर में जनता दल के हरीश कुमार के नाम रही जिन्होंने 51998 मत पाकर कांग्रेस के तत्कालीन विधायक तेजबहादुर गंगवार को 23415 मतों से हराया। भाजपा के रामसरन वर्मा 14024 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे। पूरनपुर में जनता दल प्रत्याशी हरनरायन 46930 मत पाकर चुनाव जीते। उन्होंने कांग्रेस के विनोद तिवारी को 15274 मतों से हराया।
चारों विधायकों में से कोई नहीं जीता
इस चुनाव में चारों सीटों पर 1984 में चुनाव जीतने वाले विधायकों ने चुनाव लड़ा लेकिन जनता ने चारों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। कांग्रेस छोड़कर जनता दल से चुनाव लड़े सैयद अली अशरफी तो चौथे नंबर पर पहुंच गए, उन्हें मात्र 7769 मत मिले। अन्य तीनों सीटों पर विधायक दूसरे नंबर पर रहे।
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चारों विधायकों में से कोई नहीं जीता
इस चुनाव में चारों सीटों पर 1984 में चुनाव जीतने वाले विधायकों ने चुनाव लड़ा लेकिन जनता ने चारों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। कांग्रेस छोड़कर जनता दल से चुनाव लड़े सैयद अली अशरफी तो चौथे नंबर पर पहुंच गए, उन्हें मात्र 7769 मत मिले। अन्य तीनों सीटों पर विधायक दूसरे नंबर पर रहे।
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