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पक्का बोइंग रोग देखने पहुंचे गन्ना अधिकारी
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Fri, 10 Jun 2016 11:03 PM IST
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गन्ना विकास परिषद के एससीडीआई और गन्ना सोसायटी सचिव ने गांव नसरूल्लापुर में गन्ने की खेती में लगे पक्का बोइंग रोग का निरीक्षण किया और किसानों के उपचार के तरीके बताए।
गन्ना विकास परिषद के एससीडीआई मानवेंद्र त्रिपाठी और गन्ना सोसायटी सचिव जितेंद्र कुमार शुक्रवार को गांव नसरूल्ला पुर गन्ना सर्वे चेक करने गए थे। सर्वे के दौरान किसानों ने अधिकारियों को गन्ने की फसल में लगे पक्का बोइंग रोग की जानकारी दी। दोनों अधिकारियों ने बारीकी से जांच पड़ताल की, जिसमें पक्का बोइंग रोग लगा होने की पुष्टि हो गई। एससीडीआई ने बताया कि इस रोग के लग जाने से गन्ने के पौधों की पत्तियां आपस में उलझ जाती हैं और बाद में झड़ जाती हैं। इससे गन्ने की पैदावार काफी प्रभावित होती है। अधिकारियों ने किसानों को सुझाव दिया कि वे लोग ढाई सौ एमएल कोंटाप दवाई का घोल खेत में छिड़क दें, जिससे यह बीमारी दूर हो जाएगी।
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गन्ना विकास परिषद के एससीडीआई मानवेंद्र त्रिपाठी और गन्ना सोसायटी सचिव जितेंद्र कुमार शुक्रवार को गांव नसरूल्ला पुर गन्ना सर्वे चेक करने गए थे। सर्वे के दौरान किसानों ने अधिकारियों को गन्ने की फसल में लगे पक्का बोइंग रोग की जानकारी दी। दोनों अधिकारियों ने बारीकी से जांच पड़ताल की, जिसमें पक्का बोइंग रोग लगा होने की पुष्टि हो गई। एससीडीआई ने बताया कि इस रोग के लग जाने से गन्ने के पौधों की पत्तियां आपस में उलझ जाती हैं और बाद में झड़ जाती हैं। इससे गन्ने की पैदावार काफी प्रभावित होती है। अधिकारियों ने किसानों को सुझाव दिया कि वे लोग ढाई सौ एमएल कोंटाप दवाई का घोल खेत में छिड़क दें, जिससे यह बीमारी दूर हो जाएगी।
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