फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Banks are closed on Sunday, were also disappointed ATM

रविवार को बंद रहे बैंक, एटीएम भी कर गए निराश 

Sun, 20 Nov 2016 11:03 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Sun, 20 Nov 2016 11:03 PM IST
विज्ञापन
Banks are closed on Sunday, were also disappointed ATM
रविवार को बंद रहे बैंक, एटीएम भी कर गए निराश  - फोटो : पीलीभ्‍ाीत/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
 नोटबंदी के बाद से लोगों के सामने आ रही रुपयों की दिक्कत रविवार को गहरा गई। अवकाश होने के कारण समस्त बैंक बंद रहे। इधर एटीएम भी कैश के अभाव में शोपीस साबित हुए। कुछ एटीएम में रुपये होने पर सुबह से ही लंबी कतार लग गई, लेकिन दिन चढ़ते ही उनमें भी सन्नाटा पसर गया। पूरे दिन लोग रुपये निकालने को लेकर बैंक और एटीएम के बंद दरवाजे देख चक्कर काटकर वापस लौट परेशान होते रहे। 
विज्ञापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पांच सौ व हजार के नोट बंद करने के फैसले को दस दिन से अधिक का समय बीत चुका है। इसके बाद से बैंकों में लगातार मारा-मारी की स्थिति बनी हुई है। जोकि कम होने का नाम नहीं ले रही। शनिवार को जहां बैंकों में कैश की दिक्कत और सिर्फ बुजुर्गों के लेनदेन को लेकर अन्य लोगों को दिक्कत रही थी। रविवार को समस्या और भीषण बन गई। अवकाश के चलते बैंक बंद रहे। इस पर लोगों को एटीएम से ही आस बंधी हुई थी। जिसको लेकर सुबह से ही लोग एटीएम के चक्कर काटना शुरु हो गए, लेकिन कोई सहुलियत नहीं मिली। बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, आईसीआईसीआई, इंडियन ओवरसीज, आईडीबीआई आदि तमाम बैंकों के लगे एटीएम शोपीस बने रहे। एसबीआई और एचडीएफसी के कुछ एटीएम में कैश रहा। जिसको लेकर लंबी कतार लगी रहीं। लोगों ने घंटों प्रतीक्षा कर रुपये निकाले भी, लेकिन दोपहर बाद वह भी ठप पड़ गए। रविवार का पूरा दिन लोगों को इधर-उधर भटकते हुए एटीएम में कैश तलाशते ही बीत गया। 
विज्ञापन

आज बढ़ सकती है बैंकों में भीड़ 
शनिवार को कैश न होने और रविवार बंदी के चलते लोगों को रुपये जमा करने और निकालने में खासी असुविधा रही थी। ऐसे में आज सोमवार को बैंक खुलने पर भीड़ बढने की संभावना है। जिसको लेकर बैंकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस भी पहले से अलर्ट हो गई है। लेकिन स्टाफ की किल्लत पुलिस के सामने भी बनी हुई 
विज्ञापन
विज्ञापन

दो हजार रुपये के नोट को लेकर पेट्रोल पंप पर हंगामा
पीलीभीत। बैंकों से लोगों को अमूमन वर्तमान समय में दो हजार रुपये का नया नोट दिया जा रहा है। इसको लेकर भी बाजार में विवाद की स्थिति बनी हुई है। खरीदारी करने के बाद छुट्टे रुपयों को लेकर मारामारी की स्थिति बन जाती है। शनिवार रात को गौहनिया चौराहा स्थित एक पेट्रोल पंप पर ऐसा ही हुआ। शहर के एक कॉलेज के प्रवक्ता बाइक में पेट्रोल डलवाने के लिए पहुंचे। यहां तीन सौ रुपये का पेट्रोल डलवाने के बाद उन्होंने दो हजार रुपये का नोट दिया। इधर पंप कर्मचारी ने छुट्टे रुपये मांग लिए। जिस पर दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। दोनों अपनी-अपनी मजबूरी बताते हुए अड़ गए। हालांकि बाद में पंप पर मौजूद सभ्रांत लोगों ने मामले का निस्तारण क राया। 
कम दर में नोट बदली पर कार्रवाई क्यों नहीं?
बैंकों में साठगांठ कर प्रतिशत पर नोटों की बदली तो शहर में कई स्थानों पर कम दर पर बंद किए गए नोटों को बदलने का आरोप लगातार बढ़ता जा रहा है। युवा सेना के जिला प्रमुख विनोद शर्मा ने भी धांधली के आरोपों के बाद भी प्रशासन के बेसुध रहने पर सवाल खड़े किए है। उन्होंने कहा कि प्रशासन टीम बनाकर ऐसे लोगों की छापेमारी कर धरपकड़ कराए। वरना शिवसेना, युवासेना आम जनता के साथ सड़कों पर आकर प्रदर्शन करेगी। 

दस के सिक्के की भी मारा-मारी जारी 
पिछले दिनों दस के सिक्के के चलन को लेकर भी बाजार में खासी मारा-मारी रही थी। जिसके बाद प्रशासनिक अफसरों ने सिक्के न लेने वालों पर एफआईआर कराने का सख्त ऐलान किया था। वर्तमान समय में नोटबंदी के बाद बैंकों से लोगों को दस दस के सिक्के दिए जा रहे है। अब संकट की स्थिति इस बात पर बन गई है कि बैंक सिक्के दे रही है और बाजार में बड़े दुकानदार सिक्के लेने से कन्नी काट रहे है। लोगों के सामने हालात भयंकर होते जा रहे है, लेकिन जिला प्रशासन बेसुध बना है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed