फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   arrest principal and director

प्रिंसिपल-डाइरेक्टर को गिरफ्तार करो

Tue, 16 Dec 2014 11:54 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत Updated Tue, 16 Dec 2014 11:54 PM IST
विज्ञापन
arrest principal and director
मो. अराज के पिता नसीम अहमद ने कॉलेज के प्रिंसिपल और प्रबंधक पर फीस जमा न करने पर उसे पीटकर मार डालने का आरोप लगाया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे छात्र के शव को गमगीन माहौल में गांव के कब्रिस्तान पर दफन कर दिया गया। कब्रिस्तान से वापस लौटते समय गुस्साए लोगों ने अमखेड़ा-डांग मार्ग पर जाम लगा दिया और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
विज्ञापन

प्रदर्शन करने वालों में इश्तिखार अहमद, तौफीक अहमद, शकील अहमद, मोहम्मद जावेद, जाकिर, मोहम्मद जीशान, मोहम्मद शाकिर, आफाक, मोहम्मद अफरोज, मोहम्मद इस्लाम सहित तमाम लोग शामिल थे।
विज्ञापन


हर आंख थी नम हर चेहरे पर मातम भाव
परेवावैश्य। छात्र अराज की मौत के जनाजे में शामिल ग्रामीणों की आंखें नम थीं और हर चेहरे पर मातम का भाव झलक रहा था। छात्र का शव घर पहुंचने पर घर वालों में चीखपुकार मच गई।  
विज्ञापन
विज्ञापन

अमखेड़ा गांव से करीब 20 बच्चे पिपरानानकार स्थित डीएसआर कॉलेज में पढ़ने जाते हैं। जब गांव निवासी छात्र अराज की पिटाई से मौत की खबर ग्रामीणों को मिली तो गांव में मातमी सन्नाटा छा गया। बरेली में पोस्टमार्टम होने के बाद मंगलवार की भोर करीब चार बजे छात्र का शव घर पहुंचा तो घर वालों में चीख-पुकार मच गई। छात्र की मौत और घर वालों का विलाप देख हरेक व्यक्ति की आंखें नम थीं। कॉलेज पढ़ने जाने वाले अन्य छात्रों के अभिभावकों अब्दुल शाहिद, नईम अहमद, मोहम्मद जामिंल, रफीक अहमद आदि में रोष है। उनका कहना है कि वे लोग अपने बच्चों को स्कूल तब भेजेंगे, जब अराज की मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।


दो अन्य बच्चों का भविष्य भी दांव पर
अमखेड़ा निवासी नसीम अहमद का छोटा बेटा अराज तो दुनिया से चला गया। वह जिस स्कूल में पढ़ता था, उसी स्कूल में उनके दो अन्य बच्चे पुत्र आजम (9) और पुत्री जीनम (11) भी पढ़ते हैं। नसीम इन दोनों बच्चों को उस स्कूल में भेजना नहीं चाहते। दोनों बच्चे भी इस हादसे से इतना डरे हैं कि वह स्कूल जाने को तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed