फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Arbitrariness in the survey reduced the paddy acreage of the farmers

Pilibhit News: सर्वे में हुई मनमानी ने किसानों का घटा दिया धान का रकबा

Sun, 13 Oct 2024 02:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 13 Oct 2024 02:33 AM IST
विज्ञापन
Arbitrariness in the survey reduced the paddy acreage of the farmers
पीलीभीत। धान की फसल का सर्वे करने के दौरान हुई मनमानी का खामियाजा अब किसानोें को पंजीकरण के दौरान भुगतना पड़ रहा है। सर्वे में इस बार धान का उत्पादन कम दिखाया गया। इसके चलते मौके पर धान अधिक होने के बाद भी पोर्टल पर किसानों की संख्या कम दिखाई गई है। इसको लेकर किसान परेशान हैं और वह पंजीकरण नहीं करा रहे हैं।
विज्ञापन

पिछले वर्ष कृषि विभाग की ओर से सर्वे किया गया था। सर्वे के बाद रिपोर्ट में जिले में प्रति हेक्टेयर उत्पादन 38 क्विंटल दिखाया गया। इसी के आधार पर जिले में धान की खरीद शुरू की गई।
विज्ञापन

किसानाें ने जब पंजीकरण कराया तो पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 50 से 70 क्विंटल कम उत्पादन दर्ज था। इसको लेकर किसान पंजीकरण कराने से अब पीछे हटने लगे हैं। ऐसे में जिले में पंजीकरण का काम तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। इसको लेकर डिप्टी आएमओ विजय कुमार ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से क्राप कटिंग की गई थी। गड़बड़ कहां हुई है इसको लेकर उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन




किसान नेता बोले- खेत पर सर्वे के बाद कराएं पंजीकरण
भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के युवा जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी ने बताया कि पिछले वर्ष उनका उत्पादन 217 क्विंटल था। इस बार 170 क्विंटल दिखाया जा रहा है। ऐसे में यदि इस उत्पादन पर पंजीकरण करा लिया जाए तो शेष धान परेशानी का सबब बनेगा। इसको लेकर जिलाधिकारी से वार्ता की गई। जिलाधिकारी से खेत पर टीम को भेजकर सर्वे कराने और उसके बाद उत्पादन के आधार पर पंजीकरण कराने की मांग की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed