{"_id":"be263ca6acabe3ce525a2763352bfbd7","slug":"another-suspected-swine-flu-met-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वाइन फ्लू का एक और संदिग्ध मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वाइन फ्लू का एक और संदिग्ध मिला
पीलीभीत।
Updated Thu, 05 Mar 2015 11:05 PM IST
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जिले में एक महिला की स्वाइन फ्लू से मौत होने के दूसरे दिन एक और महिला को स्वाइन फ्लू की आशंका जताते हुए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं जिले में स्वाइन फ्लू से जुड़ा एक मामला 20 फरवरी को प्रकाश में आया था। शहर निवासी एक शिक्षक ने स्वाइन फ्लू होने की आशंका के चलते अपनी जांच कराने को कहा था। इसके बाद उसका नमूना लेकर जांच को लखनऊ भेज दिया गया। यह अलग बात है कि आज तक उसकी जांच रिपोर्ट महकमा हासिल नहीं कर सका है। वहीं बुधवार को शहर निवासी एक बुजुर्ग महिला की स्वाइन फ्लू से मौत भी हो चुकी है।
अब गुरुवार को बीसलपुर क्षेत्र की एक 30 वर्षीय महिला को स्वाइन फ्लू होने की आशंका के चलते शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने महिला का सैंपल लेकर जांच के लिए बरेली भेजा है।
फिर भी नहीं चेता सेहत महकमा
जिले में स्वाइन फ्लू से हुई एक महिला की मौत के बाद भी सेहत महकमा टस से मस नहीं हुआ। गुरुवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय के पुरुष व महिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू से बचाव के इंतजाम शून्य मिले। दोनों अस्पतालों की इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक व कर्मचारी बिना मास्क ही मरीजों का इलाज करते दिखे।
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जानकारी करने पर सामान्य मास्क होने की जानकारी दी गई। आइसोलेशन वार्ड में ताला लगा दिखाई दिया। वहीं सीएमओ डॉ. ओम चौहान ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर सभी चिकित्साधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं। यदि कहीं कोई संदिग्ध भी पाया जाता है तो इसकी सूचना स्वास्थ्य महकमे को तत्काल दें।
प्राइवेट अस्पतालों में बने आइसोलेशन वार्ड
जिले में स्वाइन फ्लू के मामले प्रकाश में आने के बाद प्राइवेट अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए गए हैं। लोग सामान्य बुखार, गले में खराश और खांसी आने पर स्वाइन फ्लू टेस्ट करवाने पहुंच रहे हैं। हालांकि यह टेस्ट महानगरों में स्थित लैब में ही किए जा रहे हैं।
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अस्पताल में स्वाइन फ्लू को लेकर छह बेड का आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया गया है। स्वाइन फ्लू को लेकर लोग भ्रम में न पड़े। यदि फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें।
- डॉ. वाईएन मिश्रा, निजी डॉक्टर
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स्वाइन फ्लू से सावधानी से बचा जा सकता है। अपनी प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के लिए ताजा व स्थास्थ्यवर्धक आहार लें।
- डॉ. प्रांजल अग्रवाल, निजी डॉक्टर
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सुअरों पर प्रतिबंध लगाने को डीएम को सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत। शहर में प्रतिबंध के बावजूद सुअरों की खुलेआम आवाजाही से शहरवासियों में रोष देखा जा रहा है। बल्लभनगर व आवास विकास के वाशिंदों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर सुअरों पर पाबंदी लगाने की मांग की है।
नगरपालिका परिषद का दावा है कि शहर के सभी सुअर पालकों को नोटिस देकर सुअरों को बाड़े में रखने की हिदायत दी गई है, लेकिन शहर की कालोनियों, मोहल्लों और सड़कों पर खुलेआम घूम रहे सुअर दावे की पोल खोलते नज़र आ रहे हैं। गुरुवार को बल्लभनगर कालोनी में दर्जनों सुअरों की आवाजाही देख लोगों को गुस्सा फूट पड़ा। कालोनी के तमाम लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर सुअरों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने वालों में दिलीप जायसवाल, अनिल सिंह, बबलू सिंह, दुर्गादास राजानी, अशोक गंगवार, भानू सिंह, राजेश जायसवाल, दिलीप अग्रवाल आदि मौजूद रहे। उधर आवास विकास कालोनी के लोगों ने भी मोहल्ले में खुलेआम घूम रहे सुअरों पर प्रतिबंध लगाने की मांग प्रशासन से की है।
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वहीं जिले में स्वाइन फ्लू से जुड़ा एक मामला 20 फरवरी को प्रकाश में आया था। शहर निवासी एक शिक्षक ने स्वाइन फ्लू होने की आशंका के चलते अपनी जांच कराने को कहा था। इसके बाद उसका नमूना लेकर जांच को लखनऊ भेज दिया गया। यह अलग बात है कि आज तक उसकी जांच रिपोर्ट महकमा हासिल नहीं कर सका है। वहीं बुधवार को शहर निवासी एक बुजुर्ग महिला की स्वाइन फ्लू से मौत भी हो चुकी है।
अब गुरुवार को बीसलपुर क्षेत्र की एक 30 वर्षीय महिला को स्वाइन फ्लू होने की आशंका के चलते शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने महिला का सैंपल लेकर जांच के लिए बरेली भेजा है।
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फिर भी नहीं चेता सेहत महकमा
जिले में स्वाइन फ्लू से हुई एक महिला की मौत के बाद भी सेहत महकमा टस से मस नहीं हुआ। गुरुवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय के पुरुष व महिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू से बचाव के इंतजाम शून्य मिले। दोनों अस्पतालों की इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक व कर्मचारी बिना मास्क ही मरीजों का इलाज करते दिखे।
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जानकारी करने पर सामान्य मास्क होने की जानकारी दी गई। आइसोलेशन वार्ड में ताला लगा दिखाई दिया। वहीं सीएमओ डॉ. ओम चौहान ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर सभी चिकित्साधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं। यदि कहीं कोई संदिग्ध भी पाया जाता है तो इसकी सूचना स्वास्थ्य महकमे को तत्काल दें।
प्राइवेट अस्पतालों में बने आइसोलेशन वार्ड
जिले में स्वाइन फ्लू के मामले प्रकाश में आने के बाद प्राइवेट अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए गए हैं। लोग सामान्य बुखार, गले में खराश और खांसी आने पर स्वाइन फ्लू टेस्ट करवाने पहुंच रहे हैं। हालांकि यह टेस्ट महानगरों में स्थित लैब में ही किए जा रहे हैं।
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अस्पताल में स्वाइन फ्लू को लेकर छह बेड का आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया गया है। स्वाइन फ्लू को लेकर लोग भ्रम में न पड़े। यदि फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें।
- डॉ. वाईएन मिश्रा, निजी डॉक्टर
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स्वाइन फ्लू से सावधानी से बचा जा सकता है। अपनी प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के लिए ताजा व स्थास्थ्यवर्धक आहार लें।
- डॉ. प्रांजल अग्रवाल, निजी डॉक्टर
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सुअरों पर प्रतिबंध लगाने को डीएम को सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत। शहर में प्रतिबंध के बावजूद सुअरों की खुलेआम आवाजाही से शहरवासियों में रोष देखा जा रहा है। बल्लभनगर व आवास विकास के वाशिंदों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर सुअरों पर पाबंदी लगाने की मांग की है।
नगरपालिका परिषद का दावा है कि शहर के सभी सुअर पालकों को नोटिस देकर सुअरों को बाड़े में रखने की हिदायत दी गई है, लेकिन शहर की कालोनियों, मोहल्लों और सड़कों पर खुलेआम घूम रहे सुअर दावे की पोल खोलते नज़र आ रहे हैं। गुरुवार को बल्लभनगर कालोनी में दर्जनों सुअरों की आवाजाही देख लोगों को गुस्सा फूट पड़ा। कालोनी के तमाम लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर सुअरों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने वालों में दिलीप जायसवाल, अनिल सिंह, बबलू सिंह, दुर्गादास राजानी, अशोक गंगवार, भानू सिंह, राजेश जायसवाल, दिलीप अग्रवाल आदि मौजूद रहे। उधर आवास विकास कालोनी के लोगों ने भी मोहल्ले में खुलेआम घूम रहे सुअरों पर प्रतिबंध लगाने की मांग प्रशासन से की है।