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ट्रक की टक्कर से दो छात्रों की मौत, तीसरा गंभीर
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बीसलपुर के गांव गुलैंदा के घटना स्थल पर रोते बिलखते मृतकों के परिजन।
- फोटो : PILIBHIT
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बीसलपुर (पीलीभीत)। कोचिंग के लिए एक बाइक से निकले तीन छात्रों को पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में दो छात्रों की मौके पर मौत हो गई, जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद ट्रक छोड़कर चालक भाग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद घायल को जिला अस्पताल भर्ती कराया है। बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं लगाया था।
हादसा बीसलपुर-शाहजहांपुर मार्ग पर गुलैंदा गांव के पास हुआ था। कोतवाली क्षेत्र के गांव मिघौना निवासी घायल चंद्रकांत मिश्रा (16) पुत्र राजेश मिश्र ने बताया कि वह इंटरमीडिएट का छात्र है। गांव का दिलीप (16) पुत्र राजेश मिश्र इंटरमीडिएट और पवन (17) पुत्र राजेंद्र मिश्र ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ते थे। तीनों बीसलपुर नगर में एक ही स्थान पर कोचिंग पढ़ते थे। सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे तीनों एक बाइक से कोचिंग जाने को निकले। बाइक दिलीप चला रहा था। गुलैंदा गांव के पास पहुंचते ही पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में दिलीप और पवन की मौके पर मौत हो गई, जबकि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंचे कोतवाल कमल सिंह पहुंचे। मृतकों की शिनाख्त कर परिवार को बुलाया। फिर जानकारी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल ने बताया कि मृतक दिलीप के चाचा राकेश से मिली तहरीर पर ट्रक नंबर के आधार पर अज्ञात चालक पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। ट्रक घायल के पिता का ही बताया जा रहा है। इसे लेकर छानबीन करा रहे हैं।
हादसे के पीछे तेज रफ्तार और लापरवाही रही मुख्य वजह
शाहजहांपुर-बीसलपुर मार्ग पर हुए सड़क हादसे में दो छात्रों की मौत और तीसरे के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी खुलकर सामने आई। घायल छात्र के अनुसार पीछे आ रहे ट्रक से आगे रहने के कारण तेज रफ्तार में बाइक चलाने की वजह से हादसा हो गया। एक कार सवार ने चेताया भी था लेकिन उसकी बातों को अनसुना कर दिया गया।
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जिला अस्पताल में भर्ती घायल छात्र चंद्रकांत ने बताया कि वह दोनों साथियों के साथ एक बाइक से कोचिंग जाने को निकला था। उनकी बाइक के पीछे ट्रक आ रहा था। गुलैंदा चौराहे के पास पहुंचते ही सामने से आ रहे चार पहिया वाहन सवार ने बाइक चला रहे दिलीप को चेताया था कि वह ट्रक से आगे निकलने की कोशिश न करे। बाइक को किनारे करने की बात भी कही। मगर उसकी बात को दिलीप ने अनसुना कर दिया। इसके बाद सामने से आ रहे वाहन से सड़क घिर गई। उससे तो दिलीप ने बचा लिया, मगर पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। एक समय ऐसा रहा जब बाइक दोनों वाहनों के बीच फंसी सी रह गई थी। टक्कर लगने के बाद कुछ समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। तब तक बाइक ट्रक के नीचे बुरी तरह फंस चुकी थी।
दिलीप की मौत सुनकर घर में मची चीख पुकार
मृतक दिलीप के पिता राजेश खेती करते हैं। वह सफौरा इंटर कॉलेज में कक्षा 11 का छात्र था। बड़ा भाई कुलदीप, बड़ी बहन पूजा और एक छोटी बहन रजनी है। वह तीसरे नंबर का था। उसकी मौत की खबर मिलते ही घर में चीख पुकार मच गई। मां रानी गश खाकर गिर गईं। उनका रो-रोकर बुरा हाल रहा।
फौजी बनना चाहता था पवन
परिवार वालों के मुताबिक पवन के पिता राजेंद्र मिश्र फरीदपुर बरेली में एक प्राइवेट कंपनी में सुरक्षा गार्ड हैं। वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। छोटा भाई कमल और छोटी बहन लक्ष्मी है। परिवार वालों का वह लाडला था। बताया कि पवन फौजी बनना चाहता था। इसके लिए खुद को तैयार कर रहा था। प्रतिदिन सुबह दौड़ लगाने भी जाता था। उसकी मौत की खबर से परिवार में चीख पुकार मची रही।
विधायक, एएसपी ने भीड़ को कराया शांत
हादसे के बाद मौके पर काफी लोग जुट गए थे। इससे सड़क पर आवागमन रुक गया था। गुस्साए लोग जाम लगाने का मन बना चुके थे। इसी बीच विधायक रामसरन वर्मा, एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी मौके पर पहुंच गए। गमगीन परिवार को नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इससे लोग मान गए। इसके बाद रुके वाहनों को पुलिस ने निकलवाया।
यातायात नियमों का पालन कराने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई करने के साथ ही जागरूकता पर भी जोर दिया जा रहा है। अभिभावक भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। बच्चों को वाहन देते वक्त नियमों का पालन कराने पर भी रोक-टोक करें। - जयप्रकाश, एसपी
सड़क सुरक्षा माह के तहत जागरूकता के साथ कार्रवाई भी हो रही है। वाहन चालक नियम पालन करने के साथ ही खुद की हिफाजत के लिए जागरूकता का परिचय दें। नियम पालन करने से काफी हद तक हादसे में होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। खुद भी नियम पालन करें और दूसरों को भी सीख दें। - अमिताभ राय, एआरटीओ
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हादसा बीसलपुर-शाहजहांपुर मार्ग पर गुलैंदा गांव के पास हुआ था। कोतवाली क्षेत्र के गांव मिघौना निवासी घायल चंद्रकांत मिश्रा (16) पुत्र राजेश मिश्र ने बताया कि वह इंटरमीडिएट का छात्र है। गांव का दिलीप (16) पुत्र राजेश मिश्र इंटरमीडिएट और पवन (17) पुत्र राजेंद्र मिश्र ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ते थे। तीनों बीसलपुर नगर में एक ही स्थान पर कोचिंग पढ़ते थे। सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे तीनों एक बाइक से कोचिंग जाने को निकले। बाइक दिलीप चला रहा था। गुलैंदा गांव के पास पहुंचते ही पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में दिलीप और पवन की मौके पर मौत हो गई, जबकि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंचे कोतवाल कमल सिंह पहुंचे। मृतकों की शिनाख्त कर परिवार को बुलाया। फिर जानकारी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल ने बताया कि मृतक दिलीप के चाचा राकेश से मिली तहरीर पर ट्रक नंबर के आधार पर अज्ञात चालक पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। ट्रक घायल के पिता का ही बताया जा रहा है। इसे लेकर छानबीन करा रहे हैं।
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हादसे के पीछे तेज रफ्तार और लापरवाही रही मुख्य वजह
शाहजहांपुर-बीसलपुर मार्ग पर हुए सड़क हादसे में दो छात्रों की मौत और तीसरे के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी खुलकर सामने आई। घायल छात्र के अनुसार पीछे आ रहे ट्रक से आगे रहने के कारण तेज रफ्तार में बाइक चलाने की वजह से हादसा हो गया। एक कार सवार ने चेताया भी था लेकिन उसकी बातों को अनसुना कर दिया गया।
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जिला अस्पताल में भर्ती घायल छात्र चंद्रकांत ने बताया कि वह दोनों साथियों के साथ एक बाइक से कोचिंग जाने को निकला था। उनकी बाइक के पीछे ट्रक आ रहा था। गुलैंदा चौराहे के पास पहुंचते ही सामने से आ रहे चार पहिया वाहन सवार ने बाइक चला रहे दिलीप को चेताया था कि वह ट्रक से आगे निकलने की कोशिश न करे। बाइक को किनारे करने की बात भी कही। मगर उसकी बात को दिलीप ने अनसुना कर दिया। इसके बाद सामने से आ रहे वाहन से सड़क घिर गई। उससे तो दिलीप ने बचा लिया, मगर पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। एक समय ऐसा रहा जब बाइक दोनों वाहनों के बीच फंसी सी रह गई थी। टक्कर लगने के बाद कुछ समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। तब तक बाइक ट्रक के नीचे बुरी तरह फंस चुकी थी।
दिलीप की मौत सुनकर घर में मची चीख पुकार
मृतक दिलीप के पिता राजेश खेती करते हैं। वह सफौरा इंटर कॉलेज में कक्षा 11 का छात्र था। बड़ा भाई कुलदीप, बड़ी बहन पूजा और एक छोटी बहन रजनी है। वह तीसरे नंबर का था। उसकी मौत की खबर मिलते ही घर में चीख पुकार मच गई। मां रानी गश खाकर गिर गईं। उनका रो-रोकर बुरा हाल रहा।
फौजी बनना चाहता था पवन
परिवार वालों के मुताबिक पवन के पिता राजेंद्र मिश्र फरीदपुर बरेली में एक प्राइवेट कंपनी में सुरक्षा गार्ड हैं। वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। छोटा भाई कमल और छोटी बहन लक्ष्मी है। परिवार वालों का वह लाडला था। बताया कि पवन फौजी बनना चाहता था। इसके लिए खुद को तैयार कर रहा था। प्रतिदिन सुबह दौड़ लगाने भी जाता था। उसकी मौत की खबर से परिवार में चीख पुकार मची रही।
विधायक, एएसपी ने भीड़ को कराया शांत
हादसे के बाद मौके पर काफी लोग जुट गए थे। इससे सड़क पर आवागमन रुक गया था। गुस्साए लोग जाम लगाने का मन बना चुके थे। इसी बीच विधायक रामसरन वर्मा, एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी मौके पर पहुंच गए। गमगीन परिवार को नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इससे लोग मान गए। इसके बाद रुके वाहनों को पुलिस ने निकलवाया।
यातायात नियमों का पालन कराने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई करने के साथ ही जागरूकता पर भी जोर दिया जा रहा है। अभिभावक भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। बच्चों को वाहन देते वक्त नियमों का पालन कराने पर भी रोक-टोक करें। - जयप्रकाश, एसपी
सड़क सुरक्षा माह के तहत जागरूकता के साथ कार्रवाई भी हो रही है। वाहन चालक नियम पालन करने के साथ ही खुद की हिफाजत के लिए जागरूकता का परिचय दें। नियम पालन करने से काफी हद तक हादसे में होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। खुद भी नियम पालन करें और दूसरों को भी सीख दें। - अमिताभ राय, एआरटीओ