{"_id":"122-72147","slug":"Pilibhit-72147-122","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोले के जयकारों से गूंजे शिवालय ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोले के जयकारों से गूंजे शिवालय
Pilibhit
Updated Tue, 06 Aug 2013 05:36 AM IST
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पीलीभीत। सावन मास के दूसरे सोमवार को शहर में कांवड़ियों का रेला उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में गौरीशंकर समेत कई मंदिरों में पहुंचे कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। सुबह से ही शिवालय बम..बम..भोले और घंटा घड़ियालों से गूंज उठे। शिव मंदिरों पर उमड़े भक्तों ने शिवलिंग पर पुष्प, धतूरा, बेलपत्र आदि चढ़ाकर पूजा अर्चना की और मनौतियां मांगी। मंदिरों पर आज पुलिस का पहरा काफी सख्त दिखा। एसपी ने मंदिरों पर लगी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
दूसरे सोमवार को शहर के गौरीशंकर मंदिर पर भोर से ही भक्तों की भीड़ लगने लगी। मंदिर प्रांगण में पुरुष और महिला भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। लाइन में लगे भक्तों ने बारी-बारी से शिव लिंग की पूजा-अर्चना की। भांग, धतूरा, बेलपत्र, शहद, अक्षत आदि चढ़ाकर मनौतियां मानी। यही हाल स्टेशन रोड स्थित अर्द्धनारीश्वर मंदिर, काला मंदिर, दूधिया मंदिर का भी रहा। मंदिरों के बाहर सजी फूल मालाओं और भांग, धतूरे, बेलपत्र की दुकानों पर भक्तों ने खरीददारी की। गौरीशंकर मंदिर पर लगे मेले में बच्चों और महिलाओं ने पूजा-अर्चना के बाद जरूरत मंद चीजों की खरीददारी की। कछला से जल भरकर लौटे बड़ी संख्या में कांवडिए रविवार की रात ही शहर आ गए थे।
कांवड़ियों के दल ने शहर के गौरीशंकर मंदिर, काला मंदिर में भगवान भोले नाथ का जलाभिषेक किया। दोपहर बाद तक जलाभिषेक और पूजा अर्चना मंदिरों पर चलती रही। शिवालयों पर उमड़ी भीड़ के कारण महकमे ने सभी मंदिरों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर रखा था।
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बीसलपुर। श्रद्धालुओं ने व्रत रहकर शिव मंदिरों में पूजा अर्चना की। दूध, बेल पत्र चढ़ाकर मनौतियां मांगीं। गुलेश्वर नाथ मंदिर में कांवड़ियों ने कांवरों की आरती उतारी। इस मंदिर में दिन भर मेले जैसा दृश्य बना रहा। कछला घाट से कांवड़ लेकर आए लोगों ने गुलेश्वर नाथ मंदिर में पुष्प मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया। मोहल्ला बख्ताबर लाल के बच्चों ने इस मौके पर पकड़िया नाथ मंदिर में पूजा अर्चना की।
बिलसंडा। आज शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। कछला से कांवड़ भरकर लाए कांवड़ियों ने गांव मझिगवां स्थित भगवान गौरीशंकर महादेव के प्राचीन मंदिर में जलाभिषेक किया और मनौतियां मांगी। बता दें कि 70 कांवड़ियों का जत्था 31 जुलाई को यहां से रवाना हुआ था। इनमें से एक कांवड़िया संतोष शुक्ला की रास्ते में हार्टअटैक से मौत हो गई। नगर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। हजारा के गांवों में गांव में श्रद्धालूओं ने शिव मंदिरों पर बेलपत्र, पुष्प भाग, धतूरा चढ़ाकर कर पूजा-अर्चना की और शाम को भजन-कीर्तन किए।
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दूसरे सोमवार को शहर के गौरीशंकर मंदिर पर भोर से ही भक्तों की भीड़ लगने लगी। मंदिर प्रांगण में पुरुष और महिला भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। लाइन में लगे भक्तों ने बारी-बारी से शिव लिंग की पूजा-अर्चना की। भांग, धतूरा, बेलपत्र, शहद, अक्षत आदि चढ़ाकर मनौतियां मानी। यही हाल स्टेशन रोड स्थित अर्द्धनारीश्वर मंदिर, काला मंदिर, दूधिया मंदिर का भी रहा। मंदिरों के बाहर सजी फूल मालाओं और भांग, धतूरे, बेलपत्र की दुकानों पर भक्तों ने खरीददारी की। गौरीशंकर मंदिर पर लगे मेले में बच्चों और महिलाओं ने पूजा-अर्चना के बाद जरूरत मंद चीजों की खरीददारी की। कछला से जल भरकर लौटे बड़ी संख्या में कांवडिए रविवार की रात ही शहर आ गए थे।
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कांवड़ियों के दल ने शहर के गौरीशंकर मंदिर, काला मंदिर में भगवान भोले नाथ का जलाभिषेक किया। दोपहर बाद तक जलाभिषेक और पूजा अर्चना मंदिरों पर चलती रही। शिवालयों पर उमड़ी भीड़ के कारण महकमे ने सभी मंदिरों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर रखा था।
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बीसलपुर। श्रद्धालुओं ने व्रत रहकर शिव मंदिरों में पूजा अर्चना की। दूध, बेल पत्र चढ़ाकर मनौतियां मांगीं। गुलेश्वर नाथ मंदिर में कांवड़ियों ने कांवरों की आरती उतारी। इस मंदिर में दिन भर मेले जैसा दृश्य बना रहा। कछला घाट से कांवड़ लेकर आए लोगों ने गुलेश्वर नाथ मंदिर में पुष्प मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया। मोहल्ला बख्ताबर लाल के बच्चों ने इस मौके पर पकड़िया नाथ मंदिर में पूजा अर्चना की।
बिलसंडा। आज शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। कछला से कांवड़ भरकर लाए कांवड़ियों ने गांव मझिगवां स्थित भगवान गौरीशंकर महादेव के प्राचीन मंदिर में जलाभिषेक किया और मनौतियां मांगी। बता दें कि 70 कांवड़ियों का जत्था 31 जुलाई को यहां से रवाना हुआ था। इनमें से एक कांवड़िया संतोष शुक्ला की रास्ते में हार्टअटैक से मौत हो गई। नगर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। हजारा के गांवों में गांव में श्रद्धालूओं ने शिव मंदिरों पर बेलपत्र, पुष्प भाग, धतूरा चढ़ाकर कर पूजा-अर्चना की और शाम को भजन-कीर्तन किए।