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जिला जेल में बनेंगे 32 शौचालय
Pilibhit
Updated Thu, 25 Apr 2013 02:40 PM IST
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पीलीभीत। शासन ने जेल के चार ब्लाकों में 32 शौचालयों के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इसके निर्माण के लिए 20 लाख 64 हजार रुपये का बजट स्वीकृत हो गया है।
बताते चलें कि जेल में 602 बंदियों के रहने की व्यवस्था है। लेकिन वर्तमान में 853 बंदी और कैदी बंद हैं। पुलिस का जब विशेष धरपकड़ अभियान चलता है तो यहां बंदियों की संख्या
क भी-कभी एक हजार के आसपास हो जाती है। बरेली में चार माह पूर्व हुए बवाल में तो यहां बंदियों की संख्या एक हजार से ऊपर निकल गई थी। जिला कारागार में चार ब्लाकों में महिलाओं समेत 13 बैरक हैं। एक बैरक में अंदर और बाहर मिलाकर दस शौचालय बने हैं। यानी जेल में कुल 130 शौचालय हैं। क्षमता से अधिक बंदियों के होने के कारण नित्य क्रिया से निपटने के लिए बंदियों की लंबी कतारें लगना स्वाभाविक है। सुबह जेल का घंटा बजते ही बंदियों और कैदियों की लंबी कतारें शौचालय के बाहर लग जाती हैं। कुछ बंदी तो कभी-कभी लंबी लाइन लगे होने पर काफी विचलित हो जाते हैं। इससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। हालत यह थी कि चार-चार घंटे लाइन में लगने के बाद कहीं बंदियों का नंबर आता था। शौचालयों की कमी को देखते हुए जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसमें ब्लॉक में आठ-आठ नए शौचालय बनाए जाने की बात कही गई थी। बंदियों की समस्याओं को देखते हुए पिछले दिनों शासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे जिला कारागार में 32 नए शौचालयों का निर्माण शीघ्र शुरू हो जाएगा। इसके लिए 20.64 लाख रुपये की धनराशि भी स्वीकृत हो गई है।
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वर्जन
बंदियों की अपेक्षा कारागार में शौचालय कम थे। चार ब्लाकों में कुल 32 नए शौचालय निर्माण कराने का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। शासन ने 20 लाख 64 हजार रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया है। शीघ्र काम शुरू करा दिया जाएगा।
विनोद कुमार, जेल अधीक्षक
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बताते चलें कि जेल में 602 बंदियों के रहने की व्यवस्था है। लेकिन वर्तमान में 853 बंदी और कैदी बंद हैं। पुलिस का जब विशेष धरपकड़ अभियान चलता है तो यहां बंदियों की संख्या
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क भी-कभी एक हजार के आसपास हो जाती है। बरेली में चार माह पूर्व हुए बवाल में तो यहां बंदियों की संख्या एक हजार से ऊपर निकल गई थी। जिला कारागार में चार ब्लाकों में महिलाओं समेत 13 बैरक हैं। एक बैरक में अंदर और बाहर मिलाकर दस शौचालय बने हैं। यानी जेल में कुल 130 शौचालय हैं। क्षमता से अधिक बंदियों के होने के कारण नित्य क्रिया से निपटने के लिए बंदियों की लंबी कतारें लगना स्वाभाविक है। सुबह जेल का घंटा बजते ही बंदियों और कैदियों की लंबी कतारें शौचालय के बाहर लग जाती हैं। कुछ बंदी तो कभी-कभी लंबी लाइन लगे होने पर काफी विचलित हो जाते हैं। इससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। हालत यह थी कि चार-चार घंटे लाइन में लगने के बाद कहीं बंदियों का नंबर आता था। शौचालयों की कमी को देखते हुए जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसमें ब्लॉक में आठ-आठ नए शौचालय बनाए जाने की बात कही गई थी। बंदियों की समस्याओं को देखते हुए पिछले दिनों शासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे जिला कारागार में 32 नए शौचालयों का निर्माण शीघ्र शुरू हो जाएगा। इसके लिए 20.64 लाख रुपये की धनराशि भी स्वीकृत हो गई है।
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बंदियों की अपेक्षा कारागार में शौचालय कम थे। चार ब्लाकों में कुल 32 नए शौचालय निर्माण कराने का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। शासन ने 20 लाख 64 हजार रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया है। शीघ्र काम शुरू करा दिया जाएगा।
विनोद कुमार, जेल अधीक्षक