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सड़क और नाली न बनने पर भड़के लोग
Pilibhit
Updated Tue, 16 Oct 2012 12:00 PM IST
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बीसलपुर। विभिन्न समस्याओं को लेकर लोगों ने अलग-अलग विभागों के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
गांव अमृता खास के लोगों ने बीसलपुर रसायाखानपुर मार्ग की जर्जर हालत को लेकर निर्माण एजेंसी के विरोध में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह मार्ग अभी दो वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री सड़क निर्माण योजना के तहत बनाया गया था, फिर भी इतनी जल्दी जर्जर हो गया है। प्रदर्शन करने वालों में रामसेवक, मानसिंह, राजू, नन्हे लाल, इरशाद, सीताराम, वचन लाल, दुर्वेश, साधूराम, नरेश, छत्रपाल, संजीव, सुमेरलाल, प्रेमपाल, भीमसेन, श्रीराम, रामसनेही, बाबूराम आदि थे।
गांव रसायाखानपुर में सड़कें, गलियां और नालियां न बनवाए जाने पर ग्रामीण भड़क उठे। ग्रामीणों ने पंचायत विभाग के विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वालों में तनवीर खां, रहीमतुल्ला, फुरकान, अनीस, नफीस, जाबांज, कल्लू, बाबू, बहादुरशाह, अलीशेर, सादाब, साजिद आदि थे। इधर भाकियू कार्यकर्ताओं ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील परिसर में जिला प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में राजकीय धान केंद्र खुलवाने, आंगनबाड़ी केंद्रों और राशन की दुकानों पर भ्रष्टाचार खत्म कराने, मंडी परिसर स्थित किसान भवन खाली कराने और ब्लाक कार्यालयों से नि:शुल्क बोरिंग योजना के तहत दिए जाने वाले घटिया सामान की जांच कराने की मांग की।
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गांव अमृता खास के लोगों ने बीसलपुर रसायाखानपुर मार्ग की जर्जर हालत को लेकर निर्माण एजेंसी के विरोध में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह मार्ग अभी दो वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री सड़क निर्माण योजना के तहत बनाया गया था, फिर भी इतनी जल्दी जर्जर हो गया है। प्रदर्शन करने वालों में रामसेवक, मानसिंह, राजू, नन्हे लाल, इरशाद, सीताराम, वचन लाल, दुर्वेश, साधूराम, नरेश, छत्रपाल, संजीव, सुमेरलाल, प्रेमपाल, भीमसेन, श्रीराम, रामसनेही, बाबूराम आदि थे।
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गांव रसायाखानपुर में सड़कें, गलियां और नालियां न बनवाए जाने पर ग्रामीण भड़क उठे। ग्रामीणों ने पंचायत विभाग के विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वालों में तनवीर खां, रहीमतुल्ला, फुरकान, अनीस, नफीस, जाबांज, कल्लू, बाबू, बहादुरशाह, अलीशेर, सादाब, साजिद आदि थे। इधर भाकियू कार्यकर्ताओं ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील परिसर में जिला प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में राजकीय धान केंद्र खुलवाने, आंगनबाड़ी केंद्रों और राशन की दुकानों पर भ्रष्टाचार खत्म कराने, मंडी परिसर स्थित किसान भवन खाली कराने और ब्लाक कार्यालयों से नि:शुल्क बोरिंग योजना के तहत दिए जाने वाले घटिया सामान की जांच कराने की मांग की।
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