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मार्गदर्शक शिक्षकों को प्रोजेक्ट चयन के बताए गए तरीके
Updated Tue, 01 Aug 2017 07:22 PM IST
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पीलीभीत। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जनपदस्तरीय मार्गदर्शक शिक्षक कार्यशाला में मार्ग दर्शक शिक्षकों को ग्रुप बनाकर छात्रों को चयनित करने व प्रोजेक्ट बनाने आदि के बारे में बताया गया।
सनातन धर्म बांके बिहारी राम इंटर कॉलेज के महादेवी सभागार में मंगलवार को हुई कार्यशाला में रिसोर्स परसन चंद्रपाल गंगवार, संतोष खरे व प्रभात कुमार गुप्ता ने शिक्षकों को स्थानीय समस्याओं को अपने-अपने विद्यालयों के विद्यार्थियों के ग्रुप बनाकर उन्हें चयनित करने का तरीका बताया। शिक्षकों को स्थानीय समस्याओं के आधार पर सर्वे करने, लॉगबुक बनाने की भी जानकारी दी गई। बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक प्रभात कुमार गुप्ता ने बताया कि जूनियर वर्ग के बाल वैज्ञानिकों की प्रोजेक्ट रिपोर्ट 2500 शब्द व सीनियर वर्ग की रिपोर्ट 3500 शब्दों में होनी चाहिए। प्रधानाचार्यों को सितंबर के प्रथम सप्ताह तक प्रस्तुत प्रोजेक्ट में से दो-दो प्रोजेक्ट चयनित करने को कहा गया। मार्ग दर्शक शिक्षकों से डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एनसीएससी डॉट सीओ डॉट इन वेबसाइट पर जाकर फार्म ए के अनुसार अपने मोबाइल फोन से ही रजिस्ट्रेशन करने के निर्देश दिए गए। जिला समन्वयक ने बताया कि तहसील स्तरीय आयोजन सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में किया जाएगा। कार्यशाला मेें उच्च प्राथमिक विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, सीबीएसई व माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों ने भाग लिया।
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सनातन धर्म बांके बिहारी राम इंटर कॉलेज के महादेवी सभागार में मंगलवार को हुई कार्यशाला में रिसोर्स परसन चंद्रपाल गंगवार, संतोष खरे व प्रभात कुमार गुप्ता ने शिक्षकों को स्थानीय समस्याओं को अपने-अपने विद्यालयों के विद्यार्थियों के ग्रुप बनाकर उन्हें चयनित करने का तरीका बताया। शिक्षकों को स्थानीय समस्याओं के आधार पर सर्वे करने, लॉगबुक बनाने की भी जानकारी दी गई। बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक प्रभात कुमार गुप्ता ने बताया कि जूनियर वर्ग के बाल वैज्ञानिकों की प्रोजेक्ट रिपोर्ट 2500 शब्द व सीनियर वर्ग की रिपोर्ट 3500 शब्दों में होनी चाहिए। प्रधानाचार्यों को सितंबर के प्रथम सप्ताह तक प्रस्तुत प्रोजेक्ट में से दो-दो प्रोजेक्ट चयनित करने को कहा गया। मार्ग दर्शक शिक्षकों से डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एनसीएससी डॉट सीओ डॉट इन वेबसाइट पर जाकर फार्म ए के अनुसार अपने मोबाइल फोन से ही रजिस्ट्रेशन करने के निर्देश दिए गए। जिला समन्वयक ने बताया कि तहसील स्तरीय आयोजन सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में किया जाएगा। कार्यशाला मेें उच्च प्राथमिक विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, सीबीएसई व माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों ने भाग लिया।
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