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क्षमा करना मनुष्य का सबसे बडा गुण
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:37 PM IST
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क्षमा करना मनुष्य का सबसे बड़ा गुण
खेकड़ा (बागपत) । सत्संग संयोजक यशवीर सिंह महाराज ने बुरे कर्मों को त्यागकर अच्छाई के मार्ग पर चलने की अपील की। नगर के मोहल्ला अहिरान में राज सिंह यादव के आवास पर रविवार को निरंकारी साध संगत सत्संग का आयोजन किया । सत्संग में बागपत के सत्संग संयोजक यशवीर सिंह महाराज ने कहा क्षमा करना मनुष्य का सबसे बड़ा गुण होता है। अपने अपराधों की क्षमा मांगकर भविष्य में कभी भी ऐसा कार्य करना चाहिए। जिससे अपराध बोध हो। अपराध ही मनुष्य के पतन का कारण बनता है। सभी को धर्म मार्ग पर चलना चाहिए। मनुष्य को बैंक एकाउंट की तरह भक्ति का एकाउंट भी अपने द्वारा खोलना चाहिए। भक्ति करके अपने खाते में राम नाम का धन जमा निरंतर करते रहना चाहिए। उन्होंने सभी से सच्चाई के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। सत्संग कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। संचालन सतीश कुमार ने किया। इस दौरान रमेश यादव मुखी, मनोज कुमार, अंकुश, अतुल, संदीप, संजय, सुमन, दया, सुरेख, सुनीता, तानिया, कमलेश, शकुंतला, कविता आदि रहे।
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खेकड़ा (बागपत) । सत्संग संयोजक यशवीर सिंह महाराज ने बुरे कर्मों को त्यागकर अच्छाई के मार्ग पर चलने की अपील की। नगर के मोहल्ला अहिरान में राज सिंह यादव के आवास पर रविवार को निरंकारी साध संगत सत्संग का आयोजन किया । सत्संग में बागपत के सत्संग संयोजक यशवीर सिंह महाराज ने कहा क्षमा करना मनुष्य का सबसे बड़ा गुण होता है। अपने अपराधों की क्षमा मांगकर भविष्य में कभी भी ऐसा कार्य करना चाहिए। जिससे अपराध बोध हो। अपराध ही मनुष्य के पतन का कारण बनता है। सभी को धर्म मार्ग पर चलना चाहिए। मनुष्य को बैंक एकाउंट की तरह भक्ति का एकाउंट भी अपने द्वारा खोलना चाहिए। भक्ति करके अपने खाते में राम नाम का धन जमा निरंतर करते रहना चाहिए। उन्होंने सभी से सच्चाई के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। सत्संग कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। संचालन सतीश कुमार ने किया। इस दौरान रमेश यादव मुखी, मनोज कुमार, अंकुश, अतुल, संदीप, संजय, सुमन, दया, सुरेख, सुनीता, तानिया, कमलेश, शकुंतला, कविता आदि रहे।