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किसानों को हर हाल में दिलाया जाएगा उनका हक: वीएम सिंह
Updated Fri, 22 Dec 2017 07:27 PM IST
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बीएम सिंह
- फोटो : अमर उजाला
कर्ज माफी और फसल का डेढ़ गुना दिलाने के वादे पर प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना
किसान नेता वीएम सिंह की प्रेसवार्ता
पीलीभीत। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के मुखिया एवं पूर्व विधायक वीएम सिंह ने कहा कि 2014 चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को कर्ज माफी और फसल की लागत का डेढ़ गुना दिलाने का वादा कर वोट लेकर सरकार तो बनाई, लेकिन अब तक इन दोनों मुद्दों पर चुप्पी साध गए हैं। किसान का बोझ बना ब्याज तो बकाया रहा, लेकिन उसको लाभ देने वाला ब्याज माफ कर दिया गया। मोदी सरकार को किसान विरोधी बताते हुए उन्होंने कहा कि किसान को उसका हक दिलाने के लिए सड़क से संसद तक लड़ाई जारी रहेगी।
शुक्रवार शाम पांच बजे पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में वीएम सिंह ने किसानों के लिए पार्टी और राष्ट्रीय स्तर पर बने किसान मोर्चे की ओर से किए जा रहे प्रयासों को गिनाया। कहा कि जिले के ललौरीखेड़ा ब्लॉक के ग्राम ग्राम खरूआ मामले में उनके द्वारा कोर्ट में दायर की गई याचिका पर शासन-प्रशासन को पहले 147 किसानों को 16 से 18 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से अधीग्रहीत भूमि का मुआवजा देने पर मजबूर होना पड़ा था, लेकिन अभी किसानों को मिले इस मुआवजे से भी वह संतुष्ट नहीं हैं। किसानों को उनकी जमीन की असल कीमत दिलाने के लिए उनकी पार्टी के अलावा किसानों की तरफ से भी 12 दिसंबर 2017 को हाईकोर्ट में याचिका डाली गई है। कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार के साथ-साथ जिला प्रशासन को भी नोटिस जारी कर शपथ पत्र पर इसके लिए जवाब मांगा है। उन्होंने उम्मीद जताई की यदि वह कोर्ट से यह लड़ाई जीतने में कामयाब हो गए तो किसानों को उनकी जमीन का कम से कम 50 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा मिल सकेगा।
2019 में किसान चुनेंगे अपनी सरकार
वीएम सिंह ने कहा कि 2019 के लोक सभा चुनाव में किसान अपनी सरकार चुनेगा। इसके लिए किसानों को मजबूत बनाने की तैयारी जारी है। इसके तहत वर्तमान में 189 किसान संगठन एक हो चुके हैं। देश के किसानों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसके लिए देश के हर राज्य की राजधानी में बैठक होगी। इसकी शुरूआत फरवरी माह में लखनऊ से की जा रही है। इसके बाद राजनीतिक पार्टियों के बड़े नेताओं से कर्ज माफी और लागत का डेढ़ गुना किसानों को दिलाने की बातचीत होगी। इसी के आधार पर संसद में निजी बिल पास कराने का काम किया जाएगा। उन्होंने तल्ख तेवरों में कहा कि वह किसान की लड़ाई लड़ रहे हैं, किसी पार्टी विशेष की बात नहीं करते। किसानों से जो वादा किया गया है, उसको प्रधानमंत्री निभाएं।
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किसान नेता वीएम सिंह की प्रेसवार्ता
पीलीभीत। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के मुखिया एवं पूर्व विधायक वीएम सिंह ने कहा कि 2014 चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को कर्ज माफी और फसल की लागत का डेढ़ गुना दिलाने का वादा कर वोट लेकर सरकार तो बनाई, लेकिन अब तक इन दोनों मुद्दों पर चुप्पी साध गए हैं। किसान का बोझ बना ब्याज तो बकाया रहा, लेकिन उसको लाभ देने वाला ब्याज माफ कर दिया गया। मोदी सरकार को किसान विरोधी बताते हुए उन्होंने कहा कि किसान को उसका हक दिलाने के लिए सड़क से संसद तक लड़ाई जारी रहेगी।
शुक्रवार शाम पांच बजे पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में वीएम सिंह ने किसानों के लिए पार्टी और राष्ट्रीय स्तर पर बने किसान मोर्चे की ओर से किए जा रहे प्रयासों को गिनाया। कहा कि जिले के ललौरीखेड़ा ब्लॉक के ग्राम ग्राम खरूआ मामले में उनके द्वारा कोर्ट में दायर की गई याचिका पर शासन-प्रशासन को पहले 147 किसानों को 16 से 18 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से अधीग्रहीत भूमि का मुआवजा देने पर मजबूर होना पड़ा था, लेकिन अभी किसानों को मिले इस मुआवजे से भी वह संतुष्ट नहीं हैं। किसानों को उनकी जमीन की असल कीमत दिलाने के लिए उनकी पार्टी के अलावा किसानों की तरफ से भी 12 दिसंबर 2017 को हाईकोर्ट में याचिका डाली गई है। कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार के साथ-साथ जिला प्रशासन को भी नोटिस जारी कर शपथ पत्र पर इसके लिए जवाब मांगा है। उन्होंने उम्मीद जताई की यदि वह कोर्ट से यह लड़ाई जीतने में कामयाब हो गए तो किसानों को उनकी जमीन का कम से कम 50 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा मिल सकेगा।
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2019 में किसान चुनेंगे अपनी सरकार
वीएम सिंह ने कहा कि 2019 के लोक सभा चुनाव में किसान अपनी सरकार चुनेगा। इसके लिए किसानों को मजबूत बनाने की तैयारी जारी है। इसके तहत वर्तमान में 189 किसान संगठन एक हो चुके हैं। देश के किसानों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसके लिए देश के हर राज्य की राजधानी में बैठक होगी। इसकी शुरूआत फरवरी माह में लखनऊ से की जा रही है। इसके बाद राजनीतिक पार्टियों के बड़े नेताओं से कर्ज माफी और लागत का डेढ़ गुना किसानों को दिलाने की बातचीत होगी। इसी के आधार पर संसद में निजी बिल पास कराने का काम किया जाएगा। उन्होंने तल्ख तेवरों में कहा कि वह किसान की लड़ाई लड़ रहे हैं, किसी पार्टी विशेष की बात नहीं करते। किसानों से जो वादा किया गया है, उसको प्रधानमंत्री निभाएं।
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