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डीएफओ बोले, जंगल के भीतर हुआ केवल प्रसाद पर हमला
Updated Sat, 17 Jun 2017 06:15 PM IST
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पीलीभीत। खेत की रखवाली कर रहे केवल प्रसाद पर बाघ का हमला खेत पर नहीं हुआ है। जंगल के भीतर लकड़ी बीनने जाने पर उसको बाघ ने अपना निवाला बनाया है। यह बात पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश ने कही है। यह भी स्पष्ट किया कि मौत पर परिवार को दस हजार रुपये आर्थिक मदद दे दी गई है। जंगल के भीतर वारदात होने के कारण मुआवजा नहीं बनता।
शुक्रवार रात मजदूर का जंगल के भीतर शव मिलने के बाद से परिवारीजन और ग्रामीण यह बात कह रहे है कि बाघ ने खेत की रखवाली करते वक्त केवल प्रसाद पर हमला बोला। उसको वहां से खींचकर बाघ जंगल के भीतर ले गया। ग्रामीणों और परिवारीजनों के इस कथन को डीएफओ ने सिरे से नकार दिया है। सूरजपुर में बाघ के हमले में घायल हुए मजदूर गोपाल को पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद देने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ टीम के साथ जिला अस्पताल पहुंचने पर डीएफओ ने पूरी स्थिति को लेकर विभागीय बयान दिया। उन्होंने कहा कि केवल प्रसाद जंगल में लकड़ी लेने गए थे। वहीं पर बाघ ने उनको अपना निवाला बना लिया। घटना जंगल के भीतर हुई है। ऐसे में नियमानुसार कोई मुआवजा नहीं बनता। परिवार को आर्थिक मदद के तौर पर दस हजार रुपये दिए गए है। अब कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
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शुक्रवार रात मजदूर का जंगल के भीतर शव मिलने के बाद से परिवारीजन और ग्रामीण यह बात कह रहे है कि बाघ ने खेत की रखवाली करते वक्त केवल प्रसाद पर हमला बोला। उसको वहां से खींचकर बाघ जंगल के भीतर ले गया। ग्रामीणों और परिवारीजनों के इस कथन को डीएफओ ने सिरे से नकार दिया है। सूरजपुर में बाघ के हमले में घायल हुए मजदूर गोपाल को पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद देने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ टीम के साथ जिला अस्पताल पहुंचने पर डीएफओ ने पूरी स्थिति को लेकर विभागीय बयान दिया। उन्होंने कहा कि केवल प्रसाद जंगल में लकड़ी लेने गए थे। वहीं पर बाघ ने उनको अपना निवाला बना लिया। घटना जंगल के भीतर हुई है। ऐसे में नियमानुसार कोई मुआवजा नहीं बनता। परिवार को आर्थिक मदद के तौर पर दस हजार रुपये दिए गए है। अब कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
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