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दहेज हत्यारोपी पति को आजीवन कारावास
Updated Sat, 23 Dec 2017 07:22 PM IST
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दहेज हत्या
पीलीभीत। अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल सिंह तोमर ने पत्नी की हत्या के आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में दो आरोपी सास व ससुर दोषमुक्त किए गए हैं।
अभियोजन कथानक के अनुसार मुकदमा वादिनी जयंती देवी की पुत्री मीरा देवी का विवाह तीन फरवरी 2014 को बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव दीवाली निवासी गंगा सिह पुत्र झब्बूलाल से हुआ था। दहेज की मांग को लेकर शादी के कुछ दिन बाद से ही पति व सास-ससुर मीरादेवी को प्रताड़ित करते थे। 13 मई 2015 दोपहर ढाई बजे परिवार वालों को सूचना मिली कि उनकी बेटी मीरा देवी ने फांसी लगा ली है। इस पर परिवार वालों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर हत्या का आरोप लगाते हुए पति व सास ससुर पर मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। राज्य सरकार की ओर से पैरवी एडीजीसी मनोज कुमार सिंह ने की। मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायालय ने मृतक मीरा देवी के पति गंगा सिंह को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। उधर, ससुर झब्बूलाल और सास सुखरानी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया है।
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अभियोजन कथानक के अनुसार मुकदमा वादिनी जयंती देवी की पुत्री मीरा देवी का विवाह तीन फरवरी 2014 को बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव दीवाली निवासी गंगा सिह पुत्र झब्बूलाल से हुआ था। दहेज की मांग को लेकर शादी के कुछ दिन बाद से ही पति व सास-ससुर मीरादेवी को प्रताड़ित करते थे। 13 मई 2015 दोपहर ढाई बजे परिवार वालों को सूचना मिली कि उनकी बेटी मीरा देवी ने फांसी लगा ली है। इस पर परिवार वालों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर हत्या का आरोप लगाते हुए पति व सास ससुर पर मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। राज्य सरकार की ओर से पैरवी एडीजीसी मनोज कुमार सिंह ने की। मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायालय ने मृतक मीरा देवी के पति गंगा सिंह को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। उधर, ससुर झब्बूलाल और सास सुखरानी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया है।
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