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नबी-ए-पाक की जिंदगी से सबक ले मुसलमान
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:12 PM IST
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तकरीर पढ़ते मौलाना।
- फोटो : अमर उजाला
परेवावैश्य। कस्बे के होली चौराहे पर एक दिवसीय मोहम्मदी कमेटी की ओर से आयोजित ईद मिलाद-उन-नबी कांफ्रेंस में उलेमाओं व शायरों ने नबी-ए- पाक की जिंदगी से मुसलमानों को सबक लेने की अपील की।
शनिवार को देर रात कस्बे के होली चौराहे पर सालाना ईद मिलाद-उन-नबी का आगाज शाही जामा मस्जिद के पेश इमाम हाशिम रजा ने कुरआन की तिलावत से किया। शायरे इस्लाम नईम अख्तर बरेलवी ने हुजूरे पाक की याद में नात पढ़ी। अमरोहा से आए अल्लामा मौलाना मुफ्ती मोहम्मद फुरकान अली ने हजूर अलैहिस्सलाम की जिंदगी (जीवनी) पर विस्तार से रोशनी डालते हुए कहा हजरत मोहम्मद मुस्तफा पूरी दुनियां के लिए रहमत बनकर आए। पैगंबरे इस्लाम ने अपने संदेश में बताया कि बदजुबानी से बचो, गुस्से को पी जाओ, दूसरों के साथ भलाई करो, गरीबों का मजाक न उड़ाओ, दूसरों की आस्था का मजाक न उड़ाओ, मजदूर का पसीना सूखने से पहले उसका मेहंताना दे दो, हुजूर पाक ने हमेशा गरीबों यतीमों की मदद की है। हम सब को भी हुजूर सलल्लाहो अलैहे वसल्लम के बताए हुए रास्ते पर चलना चाहिए। दिल्ली से आए शायर साबिर रजा तहसीनी, कलकत्ता के शादाब, सीतामढ़ी बिहार से अल्लामा मुफती मौलाना नेमत उल्ला ने मोहब्बत व भाईचारे का पैगाम दिया। इस्लाम की पांच बुनियादी चीजों कलमा नमाज रोजा हज जकात पर अमल करने की ताकीद की। कांफ्रेंस में मुनजिर रजा रामपुरी, यूसुफ रजा संभली, मौलाना मोहम्मद जकी भंगाडांडी, हाफिज हामिद रजा खां,नूरी मस्जिद के इमाम ने नबी की शान में नात व सीरते मुस्तफा पर रौशनी डाली। कांफ्रेंस में सुबह तक चली सलातो सलाम के बाद मुल्क व कौम के लिए दुआ की गई। इस मौके पर मौलाना कारी यूसुफ रजा, जिला पंचायत सदस्य रियाज खान, तसलीमुल शान खां, डाक्टर अशरफ अंसारी, चांद खां, आसिफ अंसारी, लईक अहमद अंसारी, शादाब अंसारी, सोइल अहमद, अकील अहमद आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को देर रात कस्बे के होली चौराहे पर सालाना ईद मिलाद-उन-नबी का आगाज शाही जामा मस्जिद के पेश इमाम हाशिम रजा ने कुरआन की तिलावत से किया। शायरे इस्लाम नईम अख्तर बरेलवी ने हुजूरे पाक की याद में नात पढ़ी। अमरोहा से आए अल्लामा मौलाना मुफ्ती मोहम्मद फुरकान अली ने हजूर अलैहिस्सलाम की जिंदगी (जीवनी) पर विस्तार से रोशनी डालते हुए कहा हजरत मोहम्मद मुस्तफा पूरी दुनियां के लिए रहमत बनकर आए। पैगंबरे इस्लाम ने अपने संदेश में बताया कि बदजुबानी से बचो, गुस्से को पी जाओ, दूसरों के साथ भलाई करो, गरीबों का मजाक न उड़ाओ, दूसरों की आस्था का मजाक न उड़ाओ, मजदूर का पसीना सूखने से पहले उसका मेहंताना दे दो, हुजूर पाक ने हमेशा गरीबों यतीमों की मदद की है। हम सब को भी हुजूर सलल्लाहो अलैहे वसल्लम के बताए हुए रास्ते पर चलना चाहिए। दिल्ली से आए शायर साबिर रजा तहसीनी, कलकत्ता के शादाब, सीतामढ़ी बिहार से अल्लामा मुफती मौलाना नेमत उल्ला ने मोहब्बत व भाईचारे का पैगाम दिया। इस्लाम की पांच बुनियादी चीजों कलमा नमाज रोजा हज जकात पर अमल करने की ताकीद की। कांफ्रेंस में मुनजिर रजा रामपुरी, यूसुफ रजा संभली, मौलाना मोहम्मद जकी भंगाडांडी, हाफिज हामिद रजा खां,नूरी मस्जिद के इमाम ने नबी की शान में नात व सीरते मुस्तफा पर रौशनी डाली। कांफ्रेंस में सुबह तक चली सलातो सलाम के बाद मुल्क व कौम के लिए दुआ की गई। इस मौके पर मौलाना कारी यूसुफ रजा, जिला पंचायत सदस्य रियाज खान, तसलीमुल शान खां, डाक्टर अशरफ अंसारी, चांद खां, आसिफ अंसारी, लईक अहमद अंसारी, शादाब अंसारी, सोइल अहमद, अकील अहमद आदि मौजूद रहे।
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