{"_id":"59622fa24f1c1b861a8b490f","slug":"201499606946-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संतोष गंगवार ने दिया फर्जी लोकतंत्र सेनानी प्रकरण में शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संतोष गंगवार ने दिया फर्जी लोकतंत्र सेनानी प्रकरण में शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन
Updated Sun, 09 Jul 2017 06:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने पीलीभीत के फर्जी लोकतंत्र सेनानी प्रकरण में शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है। भाजपा के पूर्व विभाग संयोजक वीर सिंह के नेतृत्व में लोकतंत्र सेनानियों का प्रतिनिधिमंडल रविवार को बरेली पहुंच केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार से मुलाकात की।
प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें सौंपे ज्ञापन में कहा कि पीलीभीत जिले में कई लोग फर्जी लोकतंत्र सेनानी बन सरकार से पेंशन ले रहे हैं। प्रशासन की हीला हवाली के चलते फर्जी लोकतंत्र सेनानी प्रकरण की जांच कछुआ गति से चल रही है। डीएम से की गई शिकायत के डेढ़ माह बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रतिनिधि मंडल ने आरोप लगाया कि पीलीभीत कलेक्ट्रेट में कार्यरत कुछ कर्मचारी इस मामले को दबाने व अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि पीलीभीत जिला प्रशासन के कुछ अधिकारियों को यह गलत फहमी है कि इमरजेंसी में जो लोग डीआईआर/मीसा में जेल गए थे वह सभी लोकतंत्र सेनानी हैं, जबकि लोकतंत्र सेनानी सम्मान अधिनियम 2016 में साफ कहा गया है कि केवल राजनीतिक कारणों से इमरजेंसी का विरोध करने पर जेल जाने वाले लोग ही लोकतंत्र सेनानी हैं। प्रतिनिधि मंडल ने यह भी शिकायत की कि जिला प्रशासन को 24 फर्जी लोकतंत्र सेनानियों की सूची सौंपी जा चुकी है जो सभी आपराधिक प्रवृत्ति के होने के कारण इमरजेंसी में जेल भेजे गए थे। इस गड़बड़ झाले से सरकार को हर महीने लगभग 3.5 लाख रुपये का चूना लगा रहा है। केंद्रीय मंत्री से मामले में दखल देकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई। प्रतिनिधि मंडल में विद्या भारती के ब्रज प्रदेश उपाध्यक्ष करुणाशंकर शुक्ला, लोकतंत्र रक्षक सेनानी संगठन के अध्यक्ष अशोक शम्शा, महामंत्री तौसीफ अहमद, विश्वमित्र टंडन आदि थे। विश्वमित्र टंडन ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए इस मामले में शीघ्र ही कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें सौंपे ज्ञापन में कहा कि पीलीभीत जिले में कई लोग फर्जी लोकतंत्र सेनानी बन सरकार से पेंशन ले रहे हैं। प्रशासन की हीला हवाली के चलते फर्जी लोकतंत्र सेनानी प्रकरण की जांच कछुआ गति से चल रही है। डीएम से की गई शिकायत के डेढ़ माह बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रतिनिधि मंडल ने आरोप लगाया कि पीलीभीत कलेक्ट्रेट में कार्यरत कुछ कर्मचारी इस मामले को दबाने व अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि पीलीभीत जिला प्रशासन के कुछ अधिकारियों को यह गलत फहमी है कि इमरजेंसी में जो लोग डीआईआर/मीसा में जेल गए थे वह सभी लोकतंत्र सेनानी हैं, जबकि लोकतंत्र सेनानी सम्मान अधिनियम 2016 में साफ कहा गया है कि केवल राजनीतिक कारणों से इमरजेंसी का विरोध करने पर जेल जाने वाले लोग ही लोकतंत्र सेनानी हैं। प्रतिनिधि मंडल ने यह भी शिकायत की कि जिला प्रशासन को 24 फर्जी लोकतंत्र सेनानियों की सूची सौंपी जा चुकी है जो सभी आपराधिक प्रवृत्ति के होने के कारण इमरजेंसी में जेल भेजे गए थे। इस गड़बड़ झाले से सरकार को हर महीने लगभग 3.5 लाख रुपये का चूना लगा रहा है। केंद्रीय मंत्री से मामले में दखल देकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई। प्रतिनिधि मंडल में विद्या भारती के ब्रज प्रदेश उपाध्यक्ष करुणाशंकर शुक्ला, लोकतंत्र रक्षक सेनानी संगठन के अध्यक्ष अशोक शम्शा, महामंत्री तौसीफ अहमद, विश्वमित्र टंडन आदि थे। विश्वमित्र टंडन ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए इस मामले में शीघ्र ही कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन