{"_id":"5a3666784f1c1b4c528b9f56","slug":"191513514616-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पारा धड़ाम, घरों में दुबके लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पारा धड़ाम, घरों में दुबके लोग
Updated Sun, 17 Dec 2017 06:22 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
पीलीभीत। पहाड़ों पर बर्फबारी होने से जिले में ठंड का कहर जारी है। पिछले चार दिनों से शीतलहर के साथ ही रविवार को कड़ाके की ठंड ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए। सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा जिससे पारा धड़ाम हो गया। ठंडी हवा चलने से पारा दो डिग्री लुढ़क गया। ठंड से लोग कांप उठे। आगामी दिनों में कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है।
रविवार सुबह घने कोहरे के बीच न्यूनतम तापमान 6.1 और अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान शनिवार के मुकाबले दो डिग्री सेल्सियस कम था। धुंध के चलते दोपहर तक दृश्यता महज 10 मीटर के आसपास ही थी। घर से बाहर निकलने में लोगों की रूह कांप गई। ठंड की वजह से रोड पर सन्नाटा पसरा था। गिने चुने लोग ही सड़कों पर जरूरी काम से निकले। दोपहर दो बजे हल्की धूप निकली तो लोगों ने कुछ राहत महसूस की। लेकिन दिन ढलते के साथ तीन बजे तक सूर्यदेवता छिप गए। कुछ देर के लिए जब धूप निकली तो लोग घर के बाहर बैठ कर धूप सेंकने निकले लेकिन ठंडी हवाओं ने उन्हें फिर घर के भीतर जाने पर मजबूर कर दिया। कई स्थानों पर निजी अलाव जलाकर लोग घर के बाहर आग से हाथ तापते दिखे। पिछले चार दिन से अचानक मौसम में बदलाव के साथ सर्द हवाओं का कहर लगातार जारी है।
----
अलाव की व्यवस्था चौपट
ठंड का बढ़ता कहर देख नगरपालिका चेयरमैन विमला जायसवाल का दावा है कि शहर के प्रमुख चौराहों सहित 10 जगहों पर अलाव की व्यवस्था चल रही है, ताकि आग जलाकर लोगों को ठंड से राहत मिल सके, लेकिन यह दावे नगरपालिका के हवा हवाई साबित होते दिख रहे हैं। नियमानुसार चिह्नित जगहों पर सुबह शाम अलाव की व्यवस्था की जानी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। लगातार बढ़ रही ठिठुरन से लोग कांप रहे हैं।
विज्ञापन
----
रैनबसेरा भी सिर्फ नाम के
तहसील प्रशासन की ओर से ठंड में लोगों को रुकने के लिए रैनबसेरे बनाया गया हैं। स्टेशन रोड स्थित धर्मशाला और नई तहसील भवन में रैनबसेरा बने हैं। शहर प्रशासन ने रैनबसेरों का निर्माण इस लिए कराया है ताकि गरीबों को रात में घुले आसमान के नीचे न सोना पड़े। लेकिन रैनबसेरों की स्थिति बदहाल है। यहां न तो अलाव की उचित व्यवस्था है और ना ही लोगों के ठहरने का इंतजाम। आने वाले दिनों में ठंड और कहर बरपाएगी।
---
बेहतर सावधानी ही सबसे अच्छा उपाय
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. सीबी चौरसिया के मुताबिक इस मौसम में अस्थमा, हृदयरोग और कैंसर रोग से पीड़ित लोग खासे प्रभावित होते हैं। त्वचा और एलर्जी संबंधी परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने बताया कि बेहतर होगा कि शरीर को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढककर ही बाहर निकले। छोटे बच्चों और नवजात शिशुओं का खासा ख्याल रखें। हरी सब्जियों का सेवन करें। बेहतर सावधानी ही इसका सबसे अच्छा बचाव है। जुकाम व बुखार होने पर डॉक्टर से परामर्श लें।
-----
दिनांक अधिकतम न्यूनतम तापमान
12.12.17 27.9 16.6
13.12.17 27.5 16.5
14.12.17 26.4 16.0
15.12.17 26.8 16.1
16.12.17 20.2 7.5
17.12.17 20.0 6.1
विज्ञापन
रविवार सुबह घने कोहरे के बीच न्यूनतम तापमान 6.1 और अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान शनिवार के मुकाबले दो डिग्री सेल्सियस कम था। धुंध के चलते दोपहर तक दृश्यता महज 10 मीटर के आसपास ही थी। घर से बाहर निकलने में लोगों की रूह कांप गई। ठंड की वजह से रोड पर सन्नाटा पसरा था। गिने चुने लोग ही सड़कों पर जरूरी काम से निकले। दोपहर दो बजे हल्की धूप निकली तो लोगों ने कुछ राहत महसूस की। लेकिन दिन ढलते के साथ तीन बजे तक सूर्यदेवता छिप गए। कुछ देर के लिए जब धूप निकली तो लोग घर के बाहर बैठ कर धूप सेंकने निकले लेकिन ठंडी हवाओं ने उन्हें फिर घर के भीतर जाने पर मजबूर कर दिया। कई स्थानों पर निजी अलाव जलाकर लोग घर के बाहर आग से हाथ तापते दिखे। पिछले चार दिन से अचानक मौसम में बदलाव के साथ सर्द हवाओं का कहर लगातार जारी है।
विज्ञापन
----
अलाव की व्यवस्था चौपट
ठंड का बढ़ता कहर देख नगरपालिका चेयरमैन विमला जायसवाल का दावा है कि शहर के प्रमुख चौराहों सहित 10 जगहों पर अलाव की व्यवस्था चल रही है, ताकि आग जलाकर लोगों को ठंड से राहत मिल सके, लेकिन यह दावे नगरपालिका के हवा हवाई साबित होते दिख रहे हैं। नियमानुसार चिह्नित जगहों पर सुबह शाम अलाव की व्यवस्था की जानी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। लगातार बढ़ रही ठिठुरन से लोग कांप रहे हैं।
विज्ञापन
----
रैनबसेरा भी सिर्फ नाम के
तहसील प्रशासन की ओर से ठंड में लोगों को रुकने के लिए रैनबसेरे बनाया गया हैं। स्टेशन रोड स्थित धर्मशाला और नई तहसील भवन में रैनबसेरा बने हैं। शहर प्रशासन ने रैनबसेरों का निर्माण इस लिए कराया है ताकि गरीबों को रात में घुले आसमान के नीचे न सोना पड़े। लेकिन रैनबसेरों की स्थिति बदहाल है। यहां न तो अलाव की उचित व्यवस्था है और ना ही लोगों के ठहरने का इंतजाम। आने वाले दिनों में ठंड और कहर बरपाएगी।
---
बेहतर सावधानी ही सबसे अच्छा उपाय
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. सीबी चौरसिया के मुताबिक इस मौसम में अस्थमा, हृदयरोग और कैंसर रोग से पीड़ित लोग खासे प्रभावित होते हैं। त्वचा और एलर्जी संबंधी परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने बताया कि बेहतर होगा कि शरीर को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढककर ही बाहर निकले। छोटे बच्चों और नवजात शिशुओं का खासा ख्याल रखें। हरी सब्जियों का सेवन करें। बेहतर सावधानी ही इसका सबसे अच्छा बचाव है। जुकाम व बुखार होने पर डॉक्टर से परामर्श लें।
-----
दिनांक अधिकतम न्यूनतम तापमान
12.12.17 27.9 16.6
13.12.17 27.5 16.5
14.12.17 26.4 16.0
15.12.17 26.8 16.1
16.12.17 20.2 7.5
17.12.17 20.0 6.1