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चिकित्सकों की कमी से जूझ रहीं क्षेत्र की पीएचसी

Sun, 17 Dec 2017 11:13 PM IST
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:13 PM IST
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चिकित्सकों की कमी से जूझ रहीं क्षेत्र की पीएचसी
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पूरनपुर। क्षेत्र की पीएचसी बदहाल हैं। आठ पीएचसी में पांच पीएचसी आयुष चिकित्सकों के सहारे चल रही हैं। इनमें से दो पीएचसी को छोड़कर अन्य पीएचसी पर संविदा चिकित्सकों से ही काम लिया जा रहा है। धर्मापुर पीएचसी तो फार्मेसिस्ट के सहारे चल रही है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लोगों को कितना मिल रहा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
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सीएचसी क्षेत्र में जमुनिया, माधोटांडा, शिवनगर, शेरपुरकलां, जटपुरा, धर्मापुर, कुर्रैया, हजारा में पीएचसी हैं। आधुनिकता की दौड़ में अधिकांश लोग एलोपैथ की ओर भाग रहे हैं, ताकि बीमारियों में शीघ्र लाभ मिल सके, लेकिन क्षेत्र की अधिकांश पीएचसी आयुष चिकित्सकों के सहारे ही चल रही हैं। माधोटांडा पीएचसी में एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. विनीत, हजारा में एमबीबीएस चिकित्सक मनोज की तैनाती है। इसके अलावा अन्य पीएचसी में आयुष चिकित्सकों की तैनाती है। इसमें शिवनगर पीएचसी में बीएएमएस डॉक्टर दुर्गाप्रसाद, कुर्रैया में छत्रपाल की तैनाती है। जमुनिया, शेरपुरकलां, जटपुरा में संविदा बीयूएमएस चिकित्सक से ही काम चलाया जा रहा है। जबकि धर्मापुर पीएचसी फार्मेसिस्ट के सहारे चल रही है।
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आयुष चिकित्सकों को पहले एलोपैथ दवाई लिखने का अधिकार नहीं था। अब करीब चालिस एलोपैथ दवाईयां लिखने का अधिकार उनके पास है। शासन से इसके आदेश प्राप्त हो गए हैं। चिकित्सकों की कमी को लेकर पीएचसी में आयुष चिकित्सक तैनात किया गया है।
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डॉ. मोहम्मद असलम, एमओआईसी
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