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फुलैइया फार्म पर बाघ देख भागे मजदूर
Updated Sat, 16 Sep 2017 08:03 PM IST
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मझोला(पीलीभीत)। कस्बे के निकट दियूनीडाम मार्ग पर फुलैइया फार्म पर सिंचाई कर रहे मजदूरों ने खेत में बाघ की चहल कदमी देखी। बाघ के काफी निकट आने पर एक मजदूर भागने के बजाए पेड़ पर चढ़ गया। बाघ के जाने पर करीब आधा घंटे बाद मजदूर पेड़ से उतरने के बाद फार्म स्वामी को घटना की जानकारी दी। सुबह ढाया फार्म के निकट भी बाघ देखा गया।
अमरिया क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से छह बाघ घूम रहे हैं। ये बाघ अक्सर खेतों में पहुंच जाते हैं। शनिवार की सुबह करीब 10 बजे फुलैइया फार्म निवासी कुलदीप सिंह के खेत पर गांव का दुखीराम सिंचाई कर रहा था। वह नाले से होते हुए खेत की क्यारी की ओर जा रहा था इसी दौरान उसने खेत में बाघ को आते हुए देखा। मात्र 100 मीटर दूरी पर बाघ को देख दुखी के होश उड़ गए। उसने शोर मचाया जिससे दूसरे खेतों काम कर रहे मजदूर भाग गए जबकि उसने खुद भागने के बजाए पास में मौजूद एक पेड़ पर चढ़ना ही मुनासिब समझा। बाघ के जाने पर करीब आधे घंटे बाद वह पेड़ से उतरा गांव वालों को घटना की जानकारी दी। वहीं इससे पहले सुबह ही एक अन्य गांव ढाया फार्म के निकट भी बाघ को देखे जाने की बात कही जा रही है। बाघ दिखने की सूचना पर दोपहर बाद वन दरोगा नवनीत कुमार टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने बाघ पद चिन्ह ट्रेस किए। बाघ की खेतों में हो रही चहल कदमी से किसान व मजदूरों में दहशत है।
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अमरिया क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से छह बाघ घूम रहे हैं। ये बाघ अक्सर खेतों में पहुंच जाते हैं। शनिवार की सुबह करीब 10 बजे फुलैइया फार्म निवासी कुलदीप सिंह के खेत पर गांव का दुखीराम सिंचाई कर रहा था। वह नाले से होते हुए खेत की क्यारी की ओर जा रहा था इसी दौरान उसने खेत में बाघ को आते हुए देखा। मात्र 100 मीटर दूरी पर बाघ को देख दुखी के होश उड़ गए। उसने शोर मचाया जिससे दूसरे खेतों काम कर रहे मजदूर भाग गए जबकि उसने खुद भागने के बजाए पास में मौजूद एक पेड़ पर चढ़ना ही मुनासिब समझा। बाघ के जाने पर करीब आधे घंटे बाद वह पेड़ से उतरा गांव वालों को घटना की जानकारी दी। वहीं इससे पहले सुबह ही एक अन्य गांव ढाया फार्म के निकट भी बाघ को देखे जाने की बात कही जा रही है। बाघ दिखने की सूचना पर दोपहर बाद वन दरोगा नवनीत कुमार टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने बाघ पद चिन्ह ट्रेस किए। बाघ की खेतों में हो रही चहल कदमी से किसान व मजदूरों में दहशत है।
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