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टाइगर रिजर्व में ठंड के बाद भी पर्यटकों में उत्साह
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:19 PM IST
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अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
इस्लामुद्दीन खां
माधोटांडा। टाइगर रिजर्व में चालू सत्र के एक माह में 862 पर्यटकों ने अपनी आमद कराई। वहीं 747 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया। विभाग को भी दो लाख रुपये से अधिक की आमदनी हुई। इधर तीन दिनों से बढ़ती जा रही ठंड के बावजूद पर्यटकों का उत्साह कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
टाइगर रिजर्व में पंद्रह नवंबर से पर्यटन सत्र शुरुआत हुई थी। इस बार वन विभाग ने 50 गाइडों को प्रशिक्षण देकर पर्यटकों को जंगल भ्रमण कराने को तैयार किया था। माना जा रहा था कि दुधवा नेशनल पार्क व टाईगर रिजर्व में पर्यटन की जिम्मेदारी वन निगम को सौंपी गई हैं, इसलिए हो सकता है कि दुधवा नेशनल पार्क से विदेशी पर्यटकों का रुख टाइगर रिजर्व की ओर भी हो जाए। इसे लेकर टाइगर रिजर्व व दुधवा नेशनल पार्क की किराया दरों को भी एक समान कर दिया गया था, लेकिन टाइगर रिजर्व में विदेशी पर्यटकों की आवाजाही फिर भी नहीं हो सकी। मात्र सत्र के शुरुआती दिनों में एक विदेशी महिला कुछ अन्य पर्यटकों के साथ पहुंची थी। इधर एक माह के अंत तक 862 पर्यटक जंगल भ्रमण पर पहुंचे। जिसमें मात्र 115 पर्यटक मुस्तफाबाद से चूका बीच तक गए। इसमें 747 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया, लेकिन महंगाई के चलते कुछ पर्यटक जंगल सफारी का आनंद नहीं ले सके। इसमें 110 पर्यटकों ने हटों की बुकिंग कराई। इस एक माह में पीटीआर व वन निगम को 207154 रुपये की आमदनी हुई। इधर पूरे महीना भर यहां विदेशी पर्यटक तो नहीं आए, लेकिन रविवार को दो विदेशी पर्यटक जर्मन से यहां पहुंचे। दोनों विदेशी पर्यटक पहले महोफ से मुस्तफाबाद पहुंचे और वहां से चूका बीच व जंगल सफारी का आनंद लिया। टाइगर रिजर्व ने 50 गाइड तो प्रशिक्षित कर दिए लेकिन पर्यटकों की कमी के चलते यह सभी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। इसमें कुछ गाइडों ने तो शौकिया तौर पर गाइड बनने का प्रशिक्षण लिया। इधर वन निगम के चूका प्रभारी प्रमोद कुमार पांडे व लतीफुर्रहमान का कहना है कि पर्यटन सत्र चालू होने के बाद कुछ अव्यवस्थाएं रहीं हैं, लेकिन अब पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। विदेशी पर्यटकों की इस बार आमद हो रही है। ये टाइगर रिजर्व के लिए बेहतर रिसपॉस है।
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माधोटांडा। टाइगर रिजर्व में चालू सत्र के एक माह में 862 पर्यटकों ने अपनी आमद कराई। वहीं 747 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया। विभाग को भी दो लाख रुपये से अधिक की आमदनी हुई। इधर तीन दिनों से बढ़ती जा रही ठंड के बावजूद पर्यटकों का उत्साह कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
टाइगर रिजर्व में पंद्रह नवंबर से पर्यटन सत्र शुरुआत हुई थी। इस बार वन विभाग ने 50 गाइडों को प्रशिक्षण देकर पर्यटकों को जंगल भ्रमण कराने को तैयार किया था। माना जा रहा था कि दुधवा नेशनल पार्क व टाईगर रिजर्व में पर्यटन की जिम्मेदारी वन निगम को सौंपी गई हैं, इसलिए हो सकता है कि दुधवा नेशनल पार्क से विदेशी पर्यटकों का रुख टाइगर रिजर्व की ओर भी हो जाए। इसे लेकर टाइगर रिजर्व व दुधवा नेशनल पार्क की किराया दरों को भी एक समान कर दिया गया था, लेकिन टाइगर रिजर्व में विदेशी पर्यटकों की आवाजाही फिर भी नहीं हो सकी। मात्र सत्र के शुरुआती दिनों में एक विदेशी महिला कुछ अन्य पर्यटकों के साथ पहुंची थी। इधर एक माह के अंत तक 862 पर्यटक जंगल भ्रमण पर पहुंचे। जिसमें मात्र 115 पर्यटक मुस्तफाबाद से चूका बीच तक गए। इसमें 747 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया, लेकिन महंगाई के चलते कुछ पर्यटक जंगल सफारी का आनंद नहीं ले सके। इसमें 110 पर्यटकों ने हटों की बुकिंग कराई। इस एक माह में पीटीआर व वन निगम को 207154 रुपये की आमदनी हुई। इधर पूरे महीना भर यहां विदेशी पर्यटक तो नहीं आए, लेकिन रविवार को दो विदेशी पर्यटक जर्मन से यहां पहुंचे। दोनों विदेशी पर्यटक पहले महोफ से मुस्तफाबाद पहुंचे और वहां से चूका बीच व जंगल सफारी का आनंद लिया। टाइगर रिजर्व ने 50 गाइड तो प्रशिक्षित कर दिए लेकिन पर्यटकों की कमी के चलते यह सभी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। इसमें कुछ गाइडों ने तो शौकिया तौर पर गाइड बनने का प्रशिक्षण लिया। इधर वन निगम के चूका प्रभारी प्रमोद कुमार पांडे व लतीफुर्रहमान का कहना है कि पर्यटन सत्र चालू होने के बाद कुछ अव्यवस्थाएं रहीं हैं, लेकिन अब पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। विदेशी पर्यटकों की इस बार आमद हो रही है। ये टाइगर रिजर्व के लिए बेहतर रिसपॉस है।
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