{"_id":"5b69e8814f1c1b254a8b4758","slug":"161533667457-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उद्गत्द्गम स्थल पर स्थापित होगा कछुआ संरक्षण केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उद्गत्द्गम स्थल पर स्थापित होगा कछुआ संरक्षण केंद्र
Updated Wed, 08 Aug 2018 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उद्गम स्थल पर स्थापित होगा कछुआ संरक्षण केंद्र
डीएम ने टीएससी के निदेशक से वार्ता कर प्रोजेक्ट बनाने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। गोमती नदी की अविरल धारा बहाने और उद्गम स्थल को विकसित करने के लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। गोमती के नाम ट्रस्ट का गठन कर उद्गम स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए भी कार्य हो रहे हैं। खास बात है कि गोमती उद्गम स्थल की मुख्य झील में विभिन्न प्रजातियों के दुर्लभ कछुए हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के कोई इंतजाम ना होने से उनपर खतरा मंडराता रहता है। इसको लेकर प्रशासन संजीदा हुआ है।
000
कछुओं की सुरक्षा को शुरू हुई कवायद
गोमती उद्गम स्थल की मुख्य झील में बसेरा बनाए कछुओं की सुरक्षा के अब तक कोई ठोस इंतजाम नहीं हैं। गोमती अभियान शुरू होने के बाद गोमती सेवक उनकी सुरक्षा का ध्यान रख रहे हैं। अब प्रशासन उनकी सुरक्षा को लेकर संजीदा हुआ है। डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा ने कछुआ अस्तित्व गठबंधन (टीएससी) के निदेशक डॉ. शैलेंद्र सिंह से कछुआ संरक्षण के संबंध में वार्ता की है। उन्होंने टीएससी के निदेशक को गोमती कछुआ संरक्षण के नाम पर प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए हैं।
000
उद्गम स्थल झील में 12 प्रजातियों के दुर्लभ कछुए
गोमती उद्गम स्थल की मुख्य झील में विभिन्न प्रकार के दुर्लभ प्रजाति के कछुए हैं। गोमती दौरे पर पहुंचे टीएससी के निदेशक डॉ. शैलेंद्र सिंह ने बताया कि गोमती उद्गम स्थल की झील में 12 प्रजातियों के कछुए हैं। जबकि उत्तर प्रदेश में 14 प्रजातियों के कछुए पाए जाते हैं। यह कछुए उद्गम स्थल पर पहुंचने वाले गोमती सेवकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं। कछुए झील से आगे न निकल जाए उनकी सुरक्षा को देखते हुए ट्रस्ट के लोगों ने इसके लिए पानी निकास के दोनों ओर लगे पाइपो में जाली लगवा दी थी।
विज्ञापन
000
कछुए देख मेनका ने दिए थे देखरेख के निर्देश
पिछले दिनों गोमती दौरे पर पहुंची जिले की सांसद एवं केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने भी मुख्य झील में भारी मात्रा में कछुओं को देखकर वहां मौजूद अधिकारियों को उसकी देखरेख करवाने के निर्देश भी दिए थे।
00000
वर्जन
जिलाधिकारी ने टीएससी के डॉ. शैलेंद्र सिंह के साथ बैठक कर कछुआ संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रोजेक्ट तैयार होने पर जिलाधिकारी के माध्यम से मंजूरी के लिए शासन स्तर पर भेजा जाएगा। कछुआ संरक्षण केंद्र गोमती पर स्थापित होगा। इसपर जिलाधिकारी की मंजूरी मिल गई है।
- ओमकार नाथ अग्रवाल, सदस्य, गोमती ट्रस्ट
विज्ञापन
डीएम ने टीएससी के निदेशक से वार्ता कर प्रोजेक्ट बनाने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। गोमती नदी की अविरल धारा बहाने और उद्गम स्थल को विकसित करने के लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। गोमती के नाम ट्रस्ट का गठन कर उद्गम स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए भी कार्य हो रहे हैं। खास बात है कि गोमती उद्गम स्थल की मुख्य झील में विभिन्न प्रजातियों के दुर्लभ कछुए हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के कोई इंतजाम ना होने से उनपर खतरा मंडराता रहता है। इसको लेकर प्रशासन संजीदा हुआ है।
000
कछुओं की सुरक्षा को शुरू हुई कवायद
गोमती उद्गम स्थल की मुख्य झील में बसेरा बनाए कछुओं की सुरक्षा के अब तक कोई ठोस इंतजाम नहीं हैं। गोमती अभियान शुरू होने के बाद गोमती सेवक उनकी सुरक्षा का ध्यान रख रहे हैं। अब प्रशासन उनकी सुरक्षा को लेकर संजीदा हुआ है। डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा ने कछुआ अस्तित्व गठबंधन (टीएससी) के निदेशक डॉ. शैलेंद्र सिंह से कछुआ संरक्षण के संबंध में वार्ता की है। उन्होंने टीएससी के निदेशक को गोमती कछुआ संरक्षण के नाम पर प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
000
उद्गम स्थल झील में 12 प्रजातियों के दुर्लभ कछुए
गोमती उद्गम स्थल की मुख्य झील में विभिन्न प्रकार के दुर्लभ प्रजाति के कछुए हैं। गोमती दौरे पर पहुंचे टीएससी के निदेशक डॉ. शैलेंद्र सिंह ने बताया कि गोमती उद्गम स्थल की झील में 12 प्रजातियों के कछुए हैं। जबकि उत्तर प्रदेश में 14 प्रजातियों के कछुए पाए जाते हैं। यह कछुए उद्गम स्थल पर पहुंचने वाले गोमती सेवकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं। कछुए झील से आगे न निकल जाए उनकी सुरक्षा को देखते हुए ट्रस्ट के लोगों ने इसके लिए पानी निकास के दोनों ओर लगे पाइपो में जाली लगवा दी थी।
विज्ञापन
000
कछुए देख मेनका ने दिए थे देखरेख के निर्देश
पिछले दिनों गोमती दौरे पर पहुंची जिले की सांसद एवं केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने भी मुख्य झील में भारी मात्रा में कछुओं को देखकर वहां मौजूद अधिकारियों को उसकी देखरेख करवाने के निर्देश भी दिए थे।
00000
वर्जन
जिलाधिकारी ने टीएससी के डॉ. शैलेंद्र सिंह के साथ बैठक कर कछुआ संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रोजेक्ट तैयार होने पर जिलाधिकारी के माध्यम से मंजूरी के लिए शासन स्तर पर भेजा जाएगा। कछुआ संरक्षण केंद्र गोमती पर स्थापित होगा। इसपर जिलाधिकारी की मंजूरी मिल गई है।
- ओमकार नाथ अग्रवाल, सदस्य, गोमती ट्रस्ट