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एलटी लाइन की चपेट में आकर मजदूर की मौत, वृद्घा झुलसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Sun, 22 Jul 2018 12:08 AM IST
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बरसात को लेकर छत पर पड़ी पन्नी सुधारने के लिए पहुंचे मजदूर की घर के ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन लाइन से निकले करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। जबकि उसकी वृद्ध बुआ गंभीर रुप से झुलस गईं। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ पहुंचे सीओ सिटी ने हादसे की जानकारी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के नौगवां पकड़िया गांव निवासी 45 वर्षीय जीसुखराम मजदूरी करते थे। तीन दिन पहले उनकी बुआ न्यूरिया के टाहपौटा गांव निवासी 65 वर्षीय रामदेई पत्नी हीरालाल असम चौराहा के पास चल रहे भोले बाबा का सत्संग सुनने के लिए आई थीं। इसके बाद से मजदूर के मकान में ही रह रही हैं। शनिवार शाम करीब पांच बजे दोनों बारिश से मकान को बचाने के लिए छत पर डाली गई पन्नी को सुधारने के लिए गए थे। इस बीच छत से करीब सात फिट की ऊंचाई से गुजर रही हाइटेंशन लाइन के करंट की चपेट में आ गए। हादसे में जीसुखराम की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि रामदेई गंभीर रुप से घायल हो गई। करंट लगने के बाद बेटे जीसुखराम का शव छत से नीचे गिरने पर परिजनों को हादसे का पता लगा। इसके बाद चीख पुकार मच गई। आसपास के कई ग्रामीण भी जमा हो गए। आननफानन में रामदेई को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इस पर सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, थानाध्यक्ष सुनगढ़ी मुहम्मद कासिम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिवार के लोगों से हादसे की जानकारी जुटाई। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए ढांढस बंधाया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लिया गया है।
बिखर गई कच्ची गृहस्थी
उधर, हादसे में बेटे की मौत के बाद से मां नत्थो देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि मृतक की पत्नी शांतिदेवी की करीब 12 साल पहले मौत हो चुकी है। उसके दो बच्चे मनोज और ऋतिक हैं। पहले मां और अब पिता की मौत के बाद कच्ची ग़ृहस्थी बिखर गई है।
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बिजली विभाग की कार्यशैली से दिखे नाराज
हादसे के बाद एक बार फिर बिजली विभाग की लापरवाही उजागर हो गई है। मजदूर जीसुखराम के मकान के आसपास रहने वाले तमाम लोगों ने हादसे के पीछे बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि यह बात सही है कि बिजली विभाग की लाइन यहां से कई दशकों से गुजर रही हैं, लेकिन उनके काफी नीचे आ जाने को लेकर शिकायतें की गई थीं। इन पर अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। यह भी कहा कि गांव में कई जगहों पर जर्जर पोल लगे हैं। जिनके गिरने के बाद बड़ा दुखद हादसा होगा। ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को नही। बस सिर्फ कार्रवाई करने की जहमत विद्युत विभाग के जिम्मेदार नहीं उठा रहे हैं।
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सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के नौगवां पकड़िया गांव निवासी 45 वर्षीय जीसुखराम मजदूरी करते थे। तीन दिन पहले उनकी बुआ न्यूरिया के टाहपौटा गांव निवासी 65 वर्षीय रामदेई पत्नी हीरालाल असम चौराहा के पास चल रहे भोले बाबा का सत्संग सुनने के लिए आई थीं। इसके बाद से मजदूर के मकान में ही रह रही हैं। शनिवार शाम करीब पांच बजे दोनों बारिश से मकान को बचाने के लिए छत पर डाली गई पन्नी को सुधारने के लिए गए थे। इस बीच छत से करीब सात फिट की ऊंचाई से गुजर रही हाइटेंशन लाइन के करंट की चपेट में आ गए। हादसे में जीसुखराम की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि रामदेई गंभीर रुप से घायल हो गई। करंट लगने के बाद बेटे जीसुखराम का शव छत से नीचे गिरने पर परिजनों को हादसे का पता लगा। इसके बाद चीख पुकार मच गई। आसपास के कई ग्रामीण भी जमा हो गए। आननफानन में रामदेई को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इस पर सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, थानाध्यक्ष सुनगढ़ी मुहम्मद कासिम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिवार के लोगों से हादसे की जानकारी जुटाई। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए ढांढस बंधाया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लिया गया है।
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बिखर गई कच्ची गृहस्थी
उधर, हादसे में बेटे की मौत के बाद से मां नत्थो देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि मृतक की पत्नी शांतिदेवी की करीब 12 साल पहले मौत हो चुकी है। उसके दो बच्चे मनोज और ऋतिक हैं। पहले मां और अब पिता की मौत के बाद कच्ची ग़ृहस्थी बिखर गई है।
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बिजली विभाग की कार्यशैली से दिखे नाराज
हादसे के बाद एक बार फिर बिजली विभाग की लापरवाही उजागर हो गई है। मजदूर जीसुखराम के मकान के आसपास रहने वाले तमाम लोगों ने हादसे के पीछे बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि यह बात सही है कि बिजली विभाग की लाइन यहां से कई दशकों से गुजर रही हैं, लेकिन उनके काफी नीचे आ जाने को लेकर शिकायतें की गई थीं। इन पर अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। यह भी कहा कि गांव में कई जगहों पर जर्जर पोल लगे हैं। जिनके गिरने के बाद बड़ा दुखद हादसा होगा। ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को नही। बस सिर्फ कार्रवाई करने की जहमत विद्युत विभाग के जिम्मेदार नहीं उठा रहे हैं।