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अखिलेश की नहीं सुन रहे यूपी के अफसर!
अनिल श्रीवास्तव/लखनऊ।
Updated Fri, 19 Apr 2013 05:48 PM IST
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मुख्यमंत्री इस बात से नाराज हैं कि उनकी घोषणाओं को अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
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अधिकारियों की इस उपेक्षा को लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय ने सभी विभागों के प्रमुख सचिवों को कड़ी चिट्ठी लिखी है और विभाग प्रमुखों को मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा नियमित रूप से खुद करने तथा शीर्ष स्तर पर होने वाली बैठकों में पूरी तैयारी के साथ शामिल होने की हिदायत दी गई है।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर अमल के लिए होने वाली बैठकों में प्रमुख सचिवों की ओर से अधीनस्थ अधिकारियों को भेजने के सिलसिले के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय ने ये चिट्ठी लिखी है।
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आला आधिकारी नहीं ले रहे समीक्षा बैठक
प्रदेश में ज्यादातर विभागों के आला अधिकारियों ने खुद समीक्षा बैठकों में शामिल होने के बजाय अधीनस्थ अफसरों को जिम्मेदारी सौंप दी है।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने विभागीय प्रमुखों के इस रवैये पर सख्त ऐतराज जताया है। मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से भेजी गई चिट्ठी में सभी विभाग प्रमुखों को मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा नियमित रूप से करने और शीर्ष स्तर पर होने वाली बैठकों में पूरी तैयारी के साथ शामिल होने की हिदायत दी गई है।
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मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर अमल नहीं
विधानसभा के भीतर और बाहर मुख्यमंत्री की ओर से की जाने वाली घोषणाओं पर समयबद्ध ढंग से अमल न होने को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है।
लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार का जोर ग्राम विकास से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारने की है।
इसके अलावा कृषि, बिजली, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, महिला कल्याण, शहरी गरीबों के कल्याण, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण समेत कई अन्य योजनाएं भी मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन के संबंध में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राकेश गर्ग ने विभागवार समीक्षा बैठकें बुलानी शुरू की तो विभागीय आला अधिकारियों की कार्यशैली की पोल खुल गई।
दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन के संबंध में मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से बुलाई जाने वाली बैठकों को विभागीय प्रमुख सचिव व सचिव गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
खुद इन बैठकों में शामिल होने के बजाय आला अधिकारी महज रस्म अदायगी के लिए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को आधी-अधूरी जानकारी के साथ भेज देते हैं।
इसके चलते कई बार संबंधित योजना की प्रभावी मॉनीटरिंग नहीं हो पाती है।
प्रमुख सचिव ने लिखी चिट्ठी
विभागीय प्रमुखों के इस रवैये से नाराज मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राकेश गर्ग ने बीती मंगलवार को सभी विभागों के प्रमुख सचिव व सचिव को कड़ा पत्र भेजकर कहा है कि विभागीय अधिकारी मुख्यमंत्री की घोषणाआएं के संबंध में पूरी तैयारी केसाथ बैठकों में भाग नहीं ले रहे हैं, जिससे घोषणाओं के समयबद्ध रूप से क्रियान्वयन की दिशा में प्रभावी निगरानी नहीं हो पा रही है।
पत्र में विभागों के प्रमुख सचिव व सचिव को नियमित रूप से अपने स्तर पर समीक्षा बैठकें करने की सलाह देते हुए शीर्ष स्तर पर बुलाई जाने वाली बैठकों में पूरी तैयारी के साथ खुद उपस्थित होने की हिदायत दी गई है।