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बेड से लेकर जमीन तक मरीजों की भीड़
अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 27 Sep 2013 12:21 AM IST
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नोएडा के सेक्टर-24 स्थित ईएसआई अस्पताल में गंभीर हालत में मरीजों को डिस्चार्ज करने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को परिजनों ने हंगामा किया।
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स्टाफ के समझाने पर परिजन शांत हुए। अस्पताल के कार्यवाहक चिकित्सा निदेशक का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी।
अस्पताल में भर्ती मरीज मिराज के परिजनों ने बताया कि वह यहां बीते छह दिन से भर्ती हैं। लगातार तेज बुखार से हालत गंभीर है।
बृहस्पतिवार को बुखार से शरीर तप रहा था, लेकिन डॉक्टर ने मिराज को यह कहते हुए डिस्चार्ज कर दिया कि अब वह ठीक है।
अन्य कई मरीजों के तीमारदारों ने भी डॉक्टरों पर इस तरह के आरोप लगाए। इस मामले में कार्यवाहक चिकित्सा निदेशक डॉ. देशपांडे का कहना है कि अस्पताल में हालात बेकाबू हैं।
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बेड से लेकर जमीन तक मरीजों की भीड़ लगी हुई है। नए मरीजों के आने का सिलसिला जारी है। ऐसे में पुराने मरीजों के ठीक होने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाता है।
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गंभीर मरीजों को यदि डॉक्टरों ने डिस्चार्ज तो यह गलत है। मामले की जांच की जाएगी।
दस दिन में दो हजार जांच
अस्पताल में जहां अगस्त के महीने तक डेंगू संबंधी 10 से 15 जांचे पूरे एक महीने में हो रही थी, वहीं बीते दस दिन में दो हजार जांच हुई हैं। इनमें से रोजाना 30 से 40 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है।
मेडिकल स्टाफ में कई और बीमार
शहर में बुखार का प्रकोप इस कदर फैला हुआ है कि मेडिकल पेशे से जुड़े लोगों के बीमार होने का सिलसिला भी तेज हो चला है।
ईएसआई अस्पताल में मेडिकल स्टाफ से करीब एक दर्जन और लोग बीमार हैं और छुट्टी पर हैं। इनमें डेंगू संभावित भी शामिल हैं।
स्कूलों में घटी उपस्थिति
डेंगू और वायरल फीवर का प्रकोप शहर के स्कूलों में भी देखने को मिल रहा है। स्कूलों में शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति कम हो गई है।
आर्मी पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल अनीता शाह ने बताया कि शिक्षक और काफी संख्या में बच्चे मेडिकल लीव पर हैं। ज्यादातर ने डेंगू पॉजिटिव की रिपोर्ट स्कूल में दी है।
रॉकवुड स्कूल के निदेशक सुनित टंडन बताया कि करीब 30 फीसदी बच्चों की उपस्थिति कम हुई है। अधिकतर बच्चों ने मेडिकल लीव की एप्लीकेशन के साथ डेंगू पॉजिटिव की रिपोर्ट जमा की है।