{"_id":"a97ddd16039286a20263b05425d5a992","slug":"instead-forgot-to-change-the-divisions","type":"story","status":"publish","title_hn":"नंबर तो बदले पर डिविजन बदलना भूल गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नंबर तो बदले पर डिविजन बदलना भूल गया
अमित त्यागी/नोएडा
Updated Thu, 14 Nov 2013 01:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) नोएडा कैंपस में चल रहे छात्रों (पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कॉलेजों के) के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में एक से एक फर्जीवाड़ा मिल रहा है।
विज्ञापन
सत्र 2013-14 में हुए एडमिशन के एनरोलमेंट की जांच में एक छात्र ऐसा पकड़ा गया है, जिसने कंप्यूटर की मदद से मार्कशीट स्कैन कर उसके नंबर बदलकर बढ़ा दिए लेकिन डिविजन बदलना भूल गया।
विज्ञापन
नंबर और डिविजन में फर्क होने से जांच अधिकारियों ने गलती पकड़ ली और दाखिला रद्द कर दिया। पिछले बीस दिन से पश्चिमी उत्तर प्रदेश (पूर्व में महामाया टेक्निकल यूनिवर्सिटी) के 350 से ज्यादा कॉलेजों के लगभग 65 हजार छात्रों के दाखिलों की जांच चल रही है।
विज्ञापन
मार्कशीट में फर्जीवाड़ा करने वाले इस छात्र ने मार्क्स बढ़ाकर सेकेंड डिविजन स्तर के कर दिए लेकिन उसमें लिखा थर्ड डिविजन बदलना ही भूल गया। उधर, नियमों के विरुद्ध होने वाले दाखिलों को रद्द किए जा रहे हैं, जिनका खुलासा जांच पूरी होने के बाद होगा।
दूसरी ओर, जांच प्रक्रिया में हजारों छात्रों के दाखिलों के एनरोलमेंट भी अधूरे पाए गए हैं। इनमें किसी न किसी डॉक्यूमेंट की कमी है।
डॉक्यूमेंट पूरा करने के लिए कॉलेज और छात्रों को समय दिया जाएगा, जिसके बाद ऐसे छात्रों का एनरोलमेंट पूरा होगा।
इस प्रक्रिया में अभी तक लगभग 50 हजार छात्रों के दाखिलों की जांच हो चुकी है बाकी 15 हजार छात्रों के डॉक्यूमेंट की जांच जारी है, जिसमें 40 लोगों की टीम काम कर रही है।
एमटीयू के बैनर तले शुरू हुए इस तरह के सभी कामकाज 30 नवंबर तक खत्म करने का समय दिया गया है।