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स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग उदासीन
अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 13 Dec 2013 12:22 AM IST
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नोएडा हर साल सर्दियों में स्वाइन फ्लू लोगों को अपनी चपेट में लेता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने ठंड शुरू होने के बाद भी एन1एच1 के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया है।
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महकमे ने न तो अभियान शुरू किया है और न ही अस्पताल या अन्य कहीं पोस्टर चस्पा किए हैं। यह आलम तब है जब स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है।
स्वाइन फ्लू के प्रति जिला स्वास्थ्य विभाग सतर्कता का अभाव दिख रहा है। हाल ही में शहर में ऐसे एक संदिग्ध मरीज को स्वास्थ्य महकमे की ओर से टैबलेट टैमी फ्लू दी गई थी। दिसंबर 2012 से फरवरी 2013 के बीच कुल 60 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी।
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बीमारी के पांव पसारने के बाद भी जिला अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग अंजान बना बैठा है। जिला अस्पताल में किसी विभाग को अलर्ट नहीं किया गया है। डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और मरीजों के लिए कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। आइसोलेशन वार्ड तक नहीं है।
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कहां हैं टैमी फ्लू
स्वाइन फ्लू के इलाज में टैमी फ्लू दवाई दी जाती है। इसका पुराना स्टॉक जिला अस्पताल में मौजूद है लेकिन इसकी सही जानकारी अस्पताल प्रबंधन को नहीं है। मसलन, अस्पताल के फार्मेसिस्ट कहते हैं कि दवाइयों की पूरी खेप है लेकिन इमरजेंसी में मौजूद प्रबंधन के लोगों को इसकी जानकारी नहीं है।
बची सामग्री से होगा काम
स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह निश्चिंत है। किसी भी तरह की नई पहल करने के लिए विभाग ने साफ मना कर दिया है। पुरानी सामग्री और दवाइयों से मरीजों का इलाज किया जाएगा। यही नहीं अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीज आ रहे या नहीं, इसके लिए न तो कोई टीम गठित है और न ही रजिस्टर।
स्वाइन लू के लक्षण
लगातार तेज बुखार, तेज जुकाम
गले में खराश और सांस लेने में कठिनाई
तेज सिरदर्द एवं बदन में दर्द
आंखों में संक्रमण (लाल होना व पानी गिरना)
उल्टी और दस्त होना
सीमित संसाधन में कैसे होगा काम
जिला मलेरिया अधिकारी फूल चंद ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लिए जो संसाधन मौजूद हैं, उन्हीं से काम किया जाएगा। इसके अलावा कुछ अलग करने की जरूरत होगी तो उसके लिए जल्द रणनीति तैयार की जाएगी।