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गंभीर मरीजों को ही मिल रहे बेड
अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 29 Sep 2013 01:20 AM IST
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नोएडा में डेंगू और वायरल के मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते केवल गंभीर मरीजों को बेड मुहैया कराए जा रहे हैं।
अस्पतालों में सिर्फ गंभीर मरीजों को ही एडमिट किया जा रहा है। जबकि अधिकांश मरीज वेटिंग लिस्ट में हैं। शनिवार को अस्पतालों में इमरजेंसी वार्ड पैक रहा।
जिला अस्पताल में तो प्लेटलेट्स चढ़वाने की आवश्यकता वाले डेंगू के गंभीर मरीजों को दिल्ली रेफर किया जा रहा है।
शहर के अस्पतालों बेडों की संख्या बढ़ाने के बाद भी मरीज वेटिंग लिस्ट में है। कैलाश अस्पताल के प्रेस प्रवक्ता वीडी जोशी ने बताया कि, अस्पताल में प्रतिदिन 250 से 300 मरीज वायरल और एवीएस सिंड्रोम के आ रहे हैं।
इन मरीजों को भर्ती करने के लिए कांफ्रेंस रूम में भी बेड की व्यवस्था की गई है। लेकिन वह भी नाकाफी साबित हो रही है। तीन सौ बेड के अस्पताल में पांच सौ से अधिक मरीज भर्ती हैं।
यही हाल मेट्रो और फोर्टिस अस्पताल का भी है। सबसे बुरी स्थिति सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल की है। यहां प्रतिदिन तीन सौ से ज्यादा वायरल के मरीज आ रहे हैं।
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ऐसे में अस्पताल सिर्फ उन्हीं मरीजों को भर्ती कर रहे है जो गंभीर हैं। बाकी को रेफर किया जा रहा है।
बढ़ रहा मौत का आंकड़ा
शहर में डेंगू और एवीएस सिंड्रोम के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। सरकारी आंकड़ों में अब तक 74 मरीज में डेंगू की पुष्टि हुई है। जबकि छह लोग एक्यूट वायरल सिंड्रोम की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं।
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अस्पतालों में सिर्फ गंभीर मरीजों को ही एडमिट किया जा रहा है। जबकि अधिकांश मरीज वेटिंग लिस्ट में हैं। शनिवार को अस्पतालों में इमरजेंसी वार्ड पैक रहा।
जिला अस्पताल में तो प्लेटलेट्स चढ़वाने की आवश्यकता वाले डेंगू के गंभीर मरीजों को दिल्ली रेफर किया जा रहा है।
शहर के अस्पतालों बेडों की संख्या बढ़ाने के बाद भी मरीज वेटिंग लिस्ट में है। कैलाश अस्पताल के प्रेस प्रवक्ता वीडी जोशी ने बताया कि, अस्पताल में प्रतिदिन 250 से 300 मरीज वायरल और एवीएस सिंड्रोम के आ रहे हैं।
इन मरीजों को भर्ती करने के लिए कांफ्रेंस रूम में भी बेड की व्यवस्था की गई है। लेकिन वह भी नाकाफी साबित हो रही है। तीन सौ बेड के अस्पताल में पांच सौ से अधिक मरीज भर्ती हैं।
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यही हाल मेट्रो और फोर्टिस अस्पताल का भी है। सबसे बुरी स्थिति सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल की है। यहां प्रतिदिन तीन सौ से ज्यादा वायरल के मरीज आ रहे हैं।
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ऐसे में अस्पताल सिर्फ उन्हीं मरीजों को भर्ती कर रहे है जो गंभीर हैं। बाकी को रेफर किया जा रहा है।
बढ़ रहा मौत का आंकड़ा
शहर में डेंगू और एवीएस सिंड्रोम के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। सरकारी आंकड़ों में अब तक 74 मरीज में डेंगू की पुष्टि हुई है। जबकि छह लोग एक्यूट वायरल सिंड्रोम की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं।