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कौन लगाएगा इनकी मनमानी पर अंकुश

Tue, 17 Sep 2013 05:36 AM IST
Noida
Noida Updated Tue, 17 Sep 2013 05:36 AM IST
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नोएडा। ऑटोवालों की मनमानी एक बार फिर शहर की आम जनता पर भारी पड़ने लगी है। सरकारी तंत्र शहर की सड़कों को इनके कब्जे से मुक्ति दिला पाने में नाकाम साबित हो रहा है। ऑटोवाले अब तक अपना रूट खुद निर्धारित कर रहे थे, लेकिन अब किराया भी खुद ही तय करने लगे हैं। एक बार फिर ऑटो से सफर करने वाले करीब एक लाख लोगों की जेब पर किराए का बोझ बढ़ा दिया गया है, लेकिन इन पर नियंत्रण करने वाले सरकारी महकमे मौन धारण किए हुए है।
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दूसरे शहरों की व्यवस्था पर नजर डालें तो शासन की मंजूरी के बिना ऑटो किराए में संशोधन नहीं किया जा सकता, लेकिन यहां ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। रविवार को सीएनजी ऑटो चालक एसोसिएशन ने किराया बढ़ाने का ऐलान किया और सोमवार से इसका असर सड़कों पर दिखाई देने लगा। चार महीने में दूसरी बार किराया बढ़ाया गया है। हालांकि, एसोसिएशन की तरफ से सीएनजी की बढ़ी दरों और रखरखाव का खर्च बढ़ने की दलीलें दी जा रही हैं, लेकिन बिना सरकारी हस्तक्षेप इतना बड़ा निर्णय ऑटोवालो ने खुद ही ले लिया। इस पर भी जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और नोएडा प्राधिकरण कोई कदम नहीं उठा रहा है।
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किराया बढ़ाने के पीछे तर्क
ऑटो चालक एसोसिएशन के पास किराया बढ़ाने के पीछे अपना तर्क है। एसोसिएशन के मुताबिक दिल्ली की तुलना में नोएडा की सड़कों पर ऑटो संचालन कहीं ज्यादा महंगा है। दिल्ली में रोड टैक्स के लिए सालाना 305 रुपये वसूले जाते हैं, जबकि नोएडा में 1800 रुपये टैक्स देना पड़ता है। इसके अलावा दिल्ली की तुलना में यहां सीएनजी करीब 3 रुपये महंगी है।
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किराए में बढ़ोतरी का फैसला शासन स्तर पर ही लिया जा सकता है। अगर ऑटो चालक एसोसिएशन ने कोई फरमान जारी किया तो यह बिल्कुल गलत है। शिकायत आने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-रचना यदुवंशी, एआरटीओ (प्रशासन)
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ऑटोवालों पर अंकुश लगाने का काम परिवहन विभाग का है। एआरटीओ स्तर पर अगर यह समस्या नहीं सुलझाई जाती है तो नोएडा प्राधिकरण परिवहन आयुक्त और शासन के समक्ष इस मुद्दे को उठाएगा।
-पीके अग्रवाल, एसीईओ-प्राधिकरण
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किराए को लेकर मनमानी करने वाले ऑटो चालकों पर कार्रवाई करने का अधिकार हमारे पास नहीं है। दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस को यह अधिकार दिया गया है। अगर कोई सवारी नहीं बैठाता है तो हम हस्तक्षेप कर सकते हैं।
-धर्मेंद्र सिंह यादव, यातायात निरीक्षक
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दो साल से ऑटो का किराया नहीं बढ़ाया गया, जबकि इस दौरान कई बार सीएनजी के रेट बढ़ चुके हैं। सरकारी स्तर पर कोई फैसला नहीं लिया गया तो मजबूरन हमें खुद किराए में संशोधन करना पड़ा है।
-चौधरी ओमप्रकाश, अध्यक्ष-ऑटो यूनियन
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किराए को लेकर दिनभर रही तकरार
नोएडा। सीएनजी ऑटो चालक एसोसिएशन ने सोमवार से बढ़ा किराया लागू करने का ऐलान किया था, लेकिन एसोसिएशन के इस फैसले का पालन कई ऑटो चालकों ने किया तो कई ने जरूरत नहीं समझी। किराए को लेकर दिनभर शहर की सड़कों पर ऑटो चालकों और सवारियों के बीच तकरार का आलम देखने को मिला।
एसोसिएशन ने रविवार शाम को किराए की नई सूची जारी कर दी थी। नए स्लैब में ऑटो के न्यूनतम किराए में फेरबदल करते हुए कम दूरी तय करने वाली सवारियों पर किराए का बोझ बढ़ाया है। मसलन, पहले चार किलोमीटर तक के पांच रुपये वसूले जाते थे। वहीं, नए स्लैब के तहत दो किलोमीटर तक का किराया पांच रुपये और दो से चार किलोमीटर तक का किराया 10 रुपये किया गया है। चार से छह किलोमीटर तक सफर करने के लिए जहां सात से आठ रुपये वसूले जा रहे थे। अब उतनी दूरी के लिए 10 रुपये किराया निर्धारित किया गया है।

किराये में हुए बदलाव ने सवारियों की उलझन बढ़ा दी। ऑटो के न्यूनतम किराए को लेकर दिनभर ऑटो चालकों और सवारियों के बीच तनातनी बरकरार रही। कई ऑटो चालकों ने एसोसिएशन के फैसले का विरोध करते हुए पुराने स्लैब पर ही किराया वसूला।
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ऑटो से तो बस ही सस्ती
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किमी. किराया रोडवेज
0-3 5
3-5 8
5-10 12
10-15 15
15-20 20
20 से अधिक 25
-
किमी. किराया डीटीसी
0-4 5
4-10 10
10 से अधिक 15
-
किमी. किराया ऑटो
0-2 5
2-4 10
4-6 15
6 से अधिक 20

नोट : किराया रुपये में
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