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अनाथ बच्चों को मिला सहारा
Noida
Updated Fri, 12 Jul 2013 05:30 AM IST
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नोएडा। कल तक जो बच्चे अनाथ थे उन्हें अब अभिभावक मिल गया है। जिला प्रशासन की ओर से इन बच्चों का अभिभावक सिटी मजिस्ट्रेट को बनाया गया है। बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट संजय चौहान सेक्टर-122 श्रमिक कुंज में बच्चों से मिलने पहुंचे। अब इन बच्चों के स्कूल जाने और जीविका के अन्य साधन का इंतजाम सिटी मजिस्ट्रेट ने निभाना शुरू कर दिया।
छह साल पहले कविता (15), सूरज (13) एवं नीरज(10) के पिता की मौत के बाद 31 जनवरी 2013 को उनकी मां सीता देवी की भी बीमारी के चलते मौत हो गई। मां की मौत के बाद तीनों बच्चों के हालात खराब हो गए और कई-कई दिन भूखे पेट सोने को मजबूर थे। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद कई लोगों ने इन्हें मदद करने के लिए हाथ बढ़ाया था। अब प्रशासन ने भी बच्चों की सुध ली। श्रमिक कुंज में जिस मकान में बच्चे रहते हैं उस पर कई रिश्तेदारों की बुरी नजर लगी थी। सिटी मजिस्ट्रेट ने बच्चों के बालिग होने तक किसी और के नाम फ्लैट ट्रांसफर न करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि अभिभावक के तौर पर बच्चों की जीविका के लिए समाज कल्याण विभाग और प्रोबेशन विभाग से शुक्रवार को बैठक कर उनके खान-पान की समस्या दूर की जाएगी।
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छह साल पहले कविता (15), सूरज (13) एवं नीरज(10) के पिता की मौत के बाद 31 जनवरी 2013 को उनकी मां सीता देवी की भी बीमारी के चलते मौत हो गई। मां की मौत के बाद तीनों बच्चों के हालात खराब हो गए और कई-कई दिन भूखे पेट सोने को मजबूर थे। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद कई लोगों ने इन्हें मदद करने के लिए हाथ बढ़ाया था। अब प्रशासन ने भी बच्चों की सुध ली। श्रमिक कुंज में जिस मकान में बच्चे रहते हैं उस पर कई रिश्तेदारों की बुरी नजर लगी थी। सिटी मजिस्ट्रेट ने बच्चों के बालिग होने तक किसी और के नाम फ्लैट ट्रांसफर न करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि अभिभावक के तौर पर बच्चों की जीविका के लिए समाज कल्याण विभाग और प्रोबेशन विभाग से शुक्रवार को बैठक कर उनके खान-पान की समस्या दूर की जाएगी।
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