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सीएए के विरोध में महिलाओं ने किया प्रदर्शन
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देवबंद के ईदगाह पार्क में सीएए व एनआरसी के विरोध में धरना प्रदर्शन करते महिलाएं
- फोटो : DEVBAND
देवबंद (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और संभावित एनआरसी को लेकर मंगलवार को सैकड़ों महिलाओं ने केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और ईदगाह के मैदान में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने सीएए और एनआरसी को काला कानून बताते हुए इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की, साथ ही कहा कि यह मुल्क हमारा है यहां पैदा हुए और यहीं पर मरेंगे।
मंगलवार की दोपहर करीब 1.30 बजे सैकड़ों महिलाएं ख्वातीन एक्शन कमेटी के बैनर तले नगर के सरसटा बाजार में एकत्र हुईं। जहां से वह हाथों में नारे लिखीं तख्तियां और तिरंगा झंडा लेकर जुलूस की शक्ल में केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए दारुल उलूम चौक से होकर ईदगाह मैदान पहुंचीं। यहां महिलाओं ने नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और संभावित एनआरसी के विरोध में धरना दिया। इस अवसर पर पालिका परिषद की पूर्व चेयरमैन जहीर फातिमा ने कहा कि केंद्र सरकार ने सीएए को जबरन नागरिकों के ऊपर थोपा है। दिल्ली जामिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से पहुंचीं प्रोफेसर रकशंदा रुही ने कहा कि किसी मुल्क के नागरिकों के लिए कितने अफसोस की बात है कि वह अपने ही मुल्क में अपनी नागरिकता साबित करे। सफवाना राहत खलील ने कहा कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर काले कानून हैं जिसे सरकार को वापस लेना ही होगा। आसमा ने सरकार से सवाल पूछा कि क्या हम देश के नागरिक नहीं है। हमारे बुजुर्गों ने आजादी की लड़ाई लड़ी और बड़ी बड़ी कुर्बानियां दीं। उन्होंने कहा कि यह मुल्क हमारा है हम यहां पैदा हुए और यहीं पर मरेंगे। खदीजा मदनी, रुबीना शहजाद, शबाना, साकिबा मदनी, शबाना जकी ने भी विचार रखे। ख्वातीन एक्शन कमेटी की पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को प्रेषित ज्ञापन निरीक्षक सरिता सिंह को सौंपा। इस दौरान एसडीएम राकेश कुमार और सीओ चौब सिंह धरनास्थल पर मौजूद रहे, जबकि सुरक्षा की दृष्टि से दारुल उलूम चौक, खानकाह और ईदगाह के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस मौके पर रुकैया महमूद, जवैरिया इमरान, नाजनीन उस्मानी, फराह खान, बुशरा फराज, यासमीन जावेद, नर्गिस जहां, फरीहा उस्मानी, आमना रोशी, सलमा अहसन, हुस्ना अनवर, रफिया उस्मानी, फौजिया उस्मानी, इफ्फत नदीमुलवाजदी, जैनब मदनी आदि मौजूद रहीं।
महिलाओं ने पढ़ी शायर फैज अहमद फैज की गजल
देवबंद। मंगलवार को ईदगाह मैदान में महिलाओं के धरना प्रदर्शन के दौरान प्रसिद्ध शायर फैज अहमद फैज की गजल लाजिम है हम भी देखेंगे पढ़ी। धरना प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों महिलाओं ने सीएए, एनपीआर और संभावित एनआरसी का हाथ उठाकर विरोध किया। इसके साथ ही महिलाओं ने बुर्कों पर सीएए विरोधी नारे लिखकर संदेश दिया कि किसी भी कीमत पर काले कानूनों को कबूल नहीं करेंगी।
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भारत मां को दिखाया जख्मी
देवबंद। महिलाओं के धरना प्रदर्शन के दौरान कुछ महिलाओं ने हाथों में भारत का नक्शा लिया हुआ था। जिस पर जगह जगह लाल रंग के निशान बनाए गए थे। दिखाया गया कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों से आज भारत मां भी जख्मी है। इसके साथ ही मासूम बच्चियों ने जमीन पर भारत का नक्शा बनाकर मुल्क से मोहब्बत का परिचय दिया।
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मंगलवार की दोपहर करीब 1.30 बजे सैकड़ों महिलाएं ख्वातीन एक्शन कमेटी के बैनर तले नगर के सरसटा बाजार में एकत्र हुईं। जहां से वह हाथों में नारे लिखीं तख्तियां और तिरंगा झंडा लेकर जुलूस की शक्ल में केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए दारुल उलूम चौक से होकर ईदगाह मैदान पहुंचीं। यहां महिलाओं ने नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और संभावित एनआरसी के विरोध में धरना दिया। इस अवसर पर पालिका परिषद की पूर्व चेयरमैन जहीर फातिमा ने कहा कि केंद्र सरकार ने सीएए को जबरन नागरिकों के ऊपर थोपा है। दिल्ली जामिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से पहुंचीं प्रोफेसर रकशंदा रुही ने कहा कि किसी मुल्क के नागरिकों के लिए कितने अफसोस की बात है कि वह अपने ही मुल्क में अपनी नागरिकता साबित करे। सफवाना राहत खलील ने कहा कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर काले कानून हैं जिसे सरकार को वापस लेना ही होगा। आसमा ने सरकार से सवाल पूछा कि क्या हम देश के नागरिक नहीं है। हमारे बुजुर्गों ने आजादी की लड़ाई लड़ी और बड़ी बड़ी कुर्बानियां दीं। उन्होंने कहा कि यह मुल्क हमारा है हम यहां पैदा हुए और यहीं पर मरेंगे। खदीजा मदनी, रुबीना शहजाद, शबाना, साकिबा मदनी, शबाना जकी ने भी विचार रखे। ख्वातीन एक्शन कमेटी की पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को प्रेषित ज्ञापन निरीक्षक सरिता सिंह को सौंपा। इस दौरान एसडीएम राकेश कुमार और सीओ चौब सिंह धरनास्थल पर मौजूद रहे, जबकि सुरक्षा की दृष्टि से दारुल उलूम चौक, खानकाह और ईदगाह के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस मौके पर रुकैया महमूद, जवैरिया इमरान, नाजनीन उस्मानी, फराह खान, बुशरा फराज, यासमीन जावेद, नर्गिस जहां, फरीहा उस्मानी, आमना रोशी, सलमा अहसन, हुस्ना अनवर, रफिया उस्मानी, फौजिया उस्मानी, इफ्फत नदीमुलवाजदी, जैनब मदनी आदि मौजूद रहीं।
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महिलाओं ने पढ़ी शायर फैज अहमद फैज की गजल
देवबंद। मंगलवार को ईदगाह मैदान में महिलाओं के धरना प्रदर्शन के दौरान प्रसिद्ध शायर फैज अहमद फैज की गजल लाजिम है हम भी देखेंगे पढ़ी। धरना प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों महिलाओं ने सीएए, एनपीआर और संभावित एनआरसी का हाथ उठाकर विरोध किया। इसके साथ ही महिलाओं ने बुर्कों पर सीएए विरोधी नारे लिखकर संदेश दिया कि किसी भी कीमत पर काले कानूनों को कबूल नहीं करेंगी।
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भारत मां को दिखाया जख्मी
देवबंद। महिलाओं के धरना प्रदर्शन के दौरान कुछ महिलाओं ने हाथों में भारत का नक्शा लिया हुआ था। जिस पर जगह जगह लाल रंग के निशान बनाए गए थे। दिखाया गया कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों से आज भारत मां भी जख्मी है। इसके साथ ही मासूम बच्चियों ने जमीन पर भारत का नक्शा बनाकर मुल्क से मोहब्बत का परिचय दिया।

सीएए व एनआरसी के विरोध वाले पोस्टरों पर चूडियां रखकर विरोध दर्ज कराती महिलाएं- फोटो : DEVBAND

देवबंद में धरना प्रदर्शन के दौरान बोलती महिला।- फोटो : DEVBAND

हाथों में तिरंगा और पीठ पर पोस्टर चस्पा कर विरोध जताती महिलाएं- फोटो : DEVBAND

धरनास्थल पर तैनात पुलिस बल- फोटो : DEVBAND

हाथों में झंड़े पोस्टर लेकर सीएए, एनपीआर व एनआरसी का विरोध करते महिलाएं- फोटो : DEVBAND