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Muzaffarnagar News: जिंदगी बचाने के लिए लोग जुटे तो पीछे हट गई मौत
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मुजफ्फरनगर। मेरठ-करनाल हाईवे पर फुगाना के पास दुर्घटनाग्रस्त कार में लोगों की तत्परता से नौ जिंदगियां बच गईं। चालक को लगी झपकी से कार आगे चल रहे डंपर में घुस गई। हाईवे से गुजर रहे लोगों ने अपने वाहन रोके और घायलों की मदद के लिए आगे आए। समय पर उपचार मिल जाने से 11 में से नौ लोगों की जान बच गई।
फुगाना क्षेत्र में हुए हादसे में घायल चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगह रोजगार के लिए जा रहे थे। कोई होटल में काम करता है तो कोई फास्ट फूट की दुकान पर नौकर है। स्वामी कल्याणदेव जिला चिकित्सालय में भर्ती संतराम ने बताया कि बुधवार शाम सात बजे सभी चंडीगढ़ के लिए चले थे। कुछ लोग ऐसे भी थे, जिन्हें हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जाना था। सभी लोग खाना खाने के बाद कार में बैठने के बाद सो गए थे।
हादसे के दौरान नींद में थे। जोर का झटका लगा तो कुछ समझ में नहीं आया। इसके बाद चीख-पुकार मचनी शुरू हुई। इसी दौरान राहगीर मदद के लिए आए। हिम्मत बढ़ाई और पुलिस व एंबुलेंस को कॉल की। राहगीरों की मदद की वजह से ही नौ लोगों की जान बच सकी। लोगों ने कार से निकाल कर एंबुलेंस में बैठा दिया था।
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दिवाली मनाकर लौट रहे थे घायल, यह करते हैं काम
घायल विजय का कहना है कि अपने चाचा नेत्रमोनी व चाची अमृता के साथ हिमाचल के हमीरपुर जा रहा था। वहां पर वह और उसका चाचा मीट बाजार में दुकान करते हैं। पुष्पा अपनी बड़ी बहन के बीमार बच्चे को देखने गई थी। पुनाराम चंडीगढ़ में ओमेक्स क्लब में खाना बनाता है। चंदना ने हमीरपुर में अपना फास्ट फूड का ठेला लगाया हुआ है। हादसे में वह और उसका भांजा विजय घायल हुए हैं, जबकि बेटे अनमोल की मौत हो गई। संतराम न्यू चंडीगढ़ में चाइनीज फास्ट फूड के होटल मेंं नौकरी करता है। प्रवीण भी चंडीगढ़ में नौकरी करता है।
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फुगाना क्षेत्र में हुए हादसे में घायल चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगह रोजगार के लिए जा रहे थे। कोई होटल में काम करता है तो कोई फास्ट फूट की दुकान पर नौकर है। स्वामी कल्याणदेव जिला चिकित्सालय में भर्ती संतराम ने बताया कि बुधवार शाम सात बजे सभी चंडीगढ़ के लिए चले थे। कुछ लोग ऐसे भी थे, जिन्हें हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जाना था। सभी लोग खाना खाने के बाद कार में बैठने के बाद सो गए थे।
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हादसे के दौरान नींद में थे। जोर का झटका लगा तो कुछ समझ में नहीं आया। इसके बाद चीख-पुकार मचनी शुरू हुई। इसी दौरान राहगीर मदद के लिए आए। हिम्मत बढ़ाई और पुलिस व एंबुलेंस को कॉल की। राहगीरों की मदद की वजह से ही नौ लोगों की जान बच सकी। लोगों ने कार से निकाल कर एंबुलेंस में बैठा दिया था।
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दिवाली मनाकर लौट रहे थे घायल, यह करते हैं काम
घायल विजय का कहना है कि अपने चाचा नेत्रमोनी व चाची अमृता के साथ हिमाचल के हमीरपुर जा रहा था। वहां पर वह और उसका चाचा मीट बाजार में दुकान करते हैं। पुष्पा अपनी बड़ी बहन के बीमार बच्चे को देखने गई थी। पुनाराम चंडीगढ़ में ओमेक्स क्लब में खाना बनाता है। चंदना ने हमीरपुर में अपना फास्ट फूड का ठेला लगाया हुआ है। हादसे में वह और उसका भांजा विजय घायल हुए हैं, जबकि बेटे अनमोल की मौत हो गई। संतराम न्यू चंडीगढ़ में चाइनीज फास्ट फूड के होटल मेंं नौकरी करता है। प्रवीण भी चंडीगढ़ में नौकरी करता है।