{"_id":"6aa9a236862cbee4a208b0f2","slug":"water-level-in-solani-decreased-problems-on-khadar-roads-muzaffarnagar-news-c-29-1-smrt1034-180672-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: सोलानी में कम हुआ पानी, खादर के रास्तों पर परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: सोलानी में कम हुआ पानी, खादर के रास्तों पर परेशानी
विज्ञापन
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरकाजी। सोलानी नदी में पानी का स्तर धीरे-धीरे कम होने से ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है। मगर खेतों और जंगलों में अभी भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे उनकी परेशानियां बरकरार हैं।
गांवों के रास्तों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे आवागमन में भारी दिक्कतें आ रही हैं। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी पानी और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरा होने के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं। ग्रामीण डॉ. गुलशन कुमार, दयाराम प्रजापति, अमित कुमार और राजू प्रजापति ने अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि रामनगर, रजगल्लापुर और शेरपुर नगला जैसे गांवों के रास्ते जलमग्न हैं। इन रास्तों से साइकिल और बाइक भी नहीं निकल पा रही हैं। ग्रामीणों को भरे पानी से बमुश्किल पैदल ही गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनका आवागमन बुरी तरह प्रभावित है।
सोलानी नदी और गांवों के रास्तों पर पानी का स्तर कुछ कम हुआ है। इसके बावजूद नदी में अभी भी करीब दस फीट पानी मौजूद है। जंगलों में जलभराव के कारण पशुओं के लिए हरे चारे की विकट समस्या उत्पन्न हो गई है। इससे पशुपालकों को अपने पशुओं के लिए चारा जुटाने में काफी कठिनाई हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरकाजी। सोलानी नदी में पानी का स्तर धीरे-धीरे कम होने से ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है। मगर खेतों और जंगलों में अभी भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे उनकी परेशानियां बरकरार हैं।
गांवों के रास्तों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे आवागमन में भारी दिक्कतें आ रही हैं। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी पानी और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरा होने के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं। ग्रामीण डॉ. गुलशन कुमार, दयाराम प्रजापति, अमित कुमार और राजू प्रजापति ने अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि रामनगर, रजगल्लापुर और शेरपुर नगला जैसे गांवों के रास्ते जलमग्न हैं। इन रास्तों से साइकिल और बाइक भी नहीं निकल पा रही हैं। ग्रामीणों को भरे पानी से बमुश्किल पैदल ही गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनका आवागमन बुरी तरह प्रभावित है।
विज्ञापन
सोलानी नदी और गांवों के रास्तों पर पानी का स्तर कुछ कम हुआ है। इसके बावजूद नदी में अभी भी करीब दस फीट पानी मौजूद है। जंगलों में जलभराव के कारण पशुओं के लिए हरे चारे की विकट समस्या उत्पन्न हो गई है। इससे पशुपालकों को अपने पशुओं के लिए चारा जुटाने में काफी कठिनाई हो रही है।
विज्ञापन