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Muzaffarnagar News: लोगों को घेर रहा वायरल बुखार, इम्युनिटी घटने से टायफाइड का खतरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। लगातार बदल रहे मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला चिकित्सालय की ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। जबकि गंभीर मरीजों को भर्ती कर उपचार भी दिया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ मरीजों में वायरल बुखार के बाद टाइफाइड संक्रमण की भी पुष्टि हो रही है।
मौसम में परिवर्तन अक्सर कई बीमारियों कारण बनता है। स्वाइन फ्लू और डेंगू के रोगियों में तो बढ़ोतरी हो ही रही है। अन्य संक्रामक रोग भी फैल रहे हैं। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ.योगेन्द्र त्रिखा का कहना है कि वायरल संक्रमण के दौरान शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर मरीज अन्य संक्रमण की चपेट में आसानी से आ सकता है।
हालांकि वायरल बुखार सीधे तौर पर टाइफाइड में तब्दील नहीं होता, लेकिन बीमारी के दौरान कमजोरी, दूषित पानी या भोजन के सेवन और स्वच्छता की कमी के कारण टाइफाइड का संक्रमण हो सकता है।
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वायरल बुखार में करें पर्याप्त आराम, भरपूर लें लिक्विड
डॉ.योगेंद्र त्रिखा ने बताया कि वायरल बुखार होने पर पर्याप्त आराम और शरीर में पानी की कमी न होने देना बेहद जरूरी है। बुखार के साथ लगातार पेट दर्द, भूख कम लगना, अत्यधिक कमजोरी, सिरदर्द, लगातार कई दिनों तक बुखार बने रहना या बुखार कम होकर दोबारा बढ़ना जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सक से जांच करानी चाहिए। पानी का अधिक सेवन करें और भरपूर लिक्विड डाइट लें।
टाइफाइड से बचाव को साफ पानी और भोजन पर दें ध्यान
वरिष्ठ परामर्शदाता ने बताया कि वायरल बुखार के बाद अक्सर मरीज के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। उस स्थिति में दूषित पानी और संक्रमित भोजन के कारण टाइफाइड शरीर को घेर लेता है। वायरल बुखार के बाद कुछ रोगियों में टाइफाइड की भी पुष्टि हुई है।
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मुजफ्फरनगर। लगातार बदल रहे मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला चिकित्सालय की ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। जबकि गंभीर मरीजों को भर्ती कर उपचार भी दिया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ मरीजों में वायरल बुखार के बाद टाइफाइड संक्रमण की भी पुष्टि हो रही है।
मौसम में परिवर्तन अक्सर कई बीमारियों कारण बनता है। स्वाइन फ्लू और डेंगू के रोगियों में तो बढ़ोतरी हो ही रही है। अन्य संक्रामक रोग भी फैल रहे हैं। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ.योगेन्द्र त्रिखा का कहना है कि वायरल संक्रमण के दौरान शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर मरीज अन्य संक्रमण की चपेट में आसानी से आ सकता है।
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हालांकि वायरल बुखार सीधे तौर पर टाइफाइड में तब्दील नहीं होता, लेकिन बीमारी के दौरान कमजोरी, दूषित पानी या भोजन के सेवन और स्वच्छता की कमी के कारण टाइफाइड का संक्रमण हो सकता है।
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वायरल बुखार में करें पर्याप्त आराम, भरपूर लें लिक्विड
डॉ.योगेंद्र त्रिखा ने बताया कि वायरल बुखार होने पर पर्याप्त आराम और शरीर में पानी की कमी न होने देना बेहद जरूरी है। बुखार के साथ लगातार पेट दर्द, भूख कम लगना, अत्यधिक कमजोरी, सिरदर्द, लगातार कई दिनों तक बुखार बने रहना या बुखार कम होकर दोबारा बढ़ना जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सक से जांच करानी चाहिए। पानी का अधिक सेवन करें और भरपूर लिक्विड डाइट लें।
टाइफाइड से बचाव को साफ पानी और भोजन पर दें ध्यान
वरिष्ठ परामर्शदाता ने बताया कि वायरल बुखार के बाद अक्सर मरीज के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। उस स्थिति में दूषित पानी और संक्रमित भोजन के कारण टाइफाइड शरीर को घेर लेता है। वायरल बुखार के बाद कुछ रोगियों में टाइफाइड की भी पुष्टि हुई है।