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Muzaffarnagar News: इनामी ने चलाई चक्की, सीबीआई में बेटा...डॉक्टर बनेगी बिटिया
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मुजफ्फरनगर। खूनी रंजिशों के लिए बदनाम भौराखुर्द गांव के पन्नों पर नई पीढ़ी शिक्षा से कामयाबी की इबारत भी लिख रही है। 13 साल बाद पकड़ा गया दो लाख का इनामी हरीश परिवार के साथ पटियाला में रहकर आटा चक्की चला रहा था। बेटे का चयन सीबीआई में एएसआई के पद पर हो गया है, जबकि उसकी बेटी नीट की तैयारी कर रही है।
वर्ष 2012 में हरीश जमानत पर जेल से बाहर जमानत पर निकला और लापता हो गया। भौराकलां थाने में उसके खिलाफ जानलेवा हमले का आखिरी मुकदमा 2018 में दर्ज है। पुलिस तलाश नहीं कर पाई तो इनाम बढ़कर दो लाख तक पहुंच गया।
अब एसटीएफ ने कुख्यात को मेरठ से पकड़ लिया। पूछताछ में कईं राज खुले। पश्चिम उत्तर प्रदेश की पुलिस के लिए सिरदर्द बना इनामी असल में पटियाला में शांति से आटा चक्की चल रहा था। उधर, उसका बेटे और बेटी ने पढ़ाई की राह पकड़ी। एसटीएफ के एसपी बृजेश कुमार ने बताया कि इनामी के बेटे का चयन सीबीआई में एएसआई पद पर हो चुका है।
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एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया। न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया।
21 साल, 34 मुकदमे...दो लाख का इनाम
मुजफ्फरनगर। भौराखुर्द की रंजिश में हरीश पर पहला मुकदमा वर्ष 2004 में हुआ था। भूसा लेकर दिल्ली जा रहे सुखपाल की हत्या में नामजद किया गया था। रंजिश में उसके भाई सतीश की सिसौली मार्ग पर गोली मारकर हत्या की गई। इनामी का दूसरा भाई आदेश एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। 2004 से 2018 के बीच गंभीर धाराओं वाले 34 मुकदमे दर्ज किए गए। वह फिलहाल पांच मुकदमों में वांछित था।
अपराधियों के साथ गिरोह बनाकर थर्राया
भौराखुर्द की रंजिश में हरीश पक्ष पश्चिम उत्तर प्रदेश के कईं कुख्यात अपराधियों से जुड़ा रहा। जॉनी तितावी के साथ मिलकर वारदात अंजाम दी। बावली के उपेंद्र के उपेंद्र के अलावा कईं गैंग से नाता रहा है।
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वर्ष 2012 में हरीश जमानत पर जेल से बाहर जमानत पर निकला और लापता हो गया। भौराकलां थाने में उसके खिलाफ जानलेवा हमले का आखिरी मुकदमा 2018 में दर्ज है। पुलिस तलाश नहीं कर पाई तो इनाम बढ़कर दो लाख तक पहुंच गया।
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अब एसटीएफ ने कुख्यात को मेरठ से पकड़ लिया। पूछताछ में कईं राज खुले। पश्चिम उत्तर प्रदेश की पुलिस के लिए सिरदर्द बना इनामी असल में पटियाला में शांति से आटा चक्की चल रहा था। उधर, उसका बेटे और बेटी ने पढ़ाई की राह पकड़ी। एसटीएफ के एसपी बृजेश कुमार ने बताया कि इनामी के बेटे का चयन सीबीआई में एएसआई पद पर हो चुका है।
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एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया। न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया।
21 साल, 34 मुकदमे...दो लाख का इनाम
मुजफ्फरनगर। भौराखुर्द की रंजिश में हरीश पर पहला मुकदमा वर्ष 2004 में हुआ था। भूसा लेकर दिल्ली जा रहे सुखपाल की हत्या में नामजद किया गया था। रंजिश में उसके भाई सतीश की सिसौली मार्ग पर गोली मारकर हत्या की गई। इनामी का दूसरा भाई आदेश एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। 2004 से 2018 के बीच गंभीर धाराओं वाले 34 मुकदमे दर्ज किए गए। वह फिलहाल पांच मुकदमों में वांछित था।
अपराधियों के साथ गिरोह बनाकर थर्राया
भौराखुर्द की रंजिश में हरीश पक्ष पश्चिम उत्तर प्रदेश के कईं कुख्यात अपराधियों से जुड़ा रहा। जॉनी तितावी के साथ मिलकर वारदात अंजाम दी। बावली के उपेंद्र के उपेंद्र के अलावा कईं गैंग से नाता रहा है।