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खतौली में तहसीलदार ने वरासत की खतौनी बांटी
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खतौली में तहसीलदार ने वरासत की खतौनी बांटी
खतौली। कोविड-19 के समय में जिन लोगों की मौत हो गई थी। ऐसे परिवारों की खतौनी में नाम दर्ज कराए गए। जिससे मृतक के परिवार को परेशानी न हो। इसी के मद्देनजर मंगलवार को ऐसे परिवारों को खतौनी का वितरण किया गया।
तहसीलदार आरती यादव बताया कि जिन किसानों की कोविड संक्रमण के कारण मौत हो गई थी। ऐसे परिवारों के खतौनी में नाम दर्ज कराए गए। उन्होंने बताया कि आदमपुर में नैन सिंह पुत्र हुकम सिंह, सिकंदरपुर कला में उर्मिला पत्नी महेंद्र, सुभाष पुत्र जिले सिंह तथा गांव खुब्बापुर में देवदत्त पुत्र आत्माराम की मौत कोविड-19 कारण हो गई थी। इनके परिवारों के नाम खतौनी में दर्ज करा कर इनके घरों पर खतौनी का वितरण किया गया।
इसके अलावा लेखपालों से जांच कराकर कोरोना से हुई मौत की जानकारी की जा रही है। शासन का निर्देश है कि जिन किसानों की मौत कोरोना के कारण हो गई है, उन किसानों के परिवार के लोगों के नाम खतौनी में दर्ज कर उनके घरों पर पहुंचकर खतौनी दी जाए। जिससे उन लोगों को तहसील के चक्कर न काटने पड़े तथा कोई परेशानी न हो। शासन के निर्देशानुसार ऐसे किसान परिवारों के लोगों के नाम खतौनी में दर्ज कर उन्हें खतौनी दी गई है।
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खतौली। कोविड-19 के समय में जिन लोगों की मौत हो गई थी। ऐसे परिवारों की खतौनी में नाम दर्ज कराए गए। जिससे मृतक के परिवार को परेशानी न हो। इसी के मद्देनजर मंगलवार को ऐसे परिवारों को खतौनी का वितरण किया गया।
तहसीलदार आरती यादव बताया कि जिन किसानों की कोविड संक्रमण के कारण मौत हो गई थी। ऐसे परिवारों के खतौनी में नाम दर्ज कराए गए। उन्होंने बताया कि आदमपुर में नैन सिंह पुत्र हुकम सिंह, सिकंदरपुर कला में उर्मिला पत्नी महेंद्र, सुभाष पुत्र जिले सिंह तथा गांव खुब्बापुर में देवदत्त पुत्र आत्माराम की मौत कोविड-19 कारण हो गई थी। इनके परिवारों के नाम खतौनी में दर्ज करा कर इनके घरों पर खतौनी का वितरण किया गया।
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इसके अलावा लेखपालों से जांच कराकर कोरोना से हुई मौत की जानकारी की जा रही है। शासन का निर्देश है कि जिन किसानों की मौत कोरोना के कारण हो गई है, उन किसानों के परिवार के लोगों के नाम खतौनी में दर्ज कर उनके घरों पर पहुंचकर खतौनी दी जाए। जिससे उन लोगों को तहसील के चक्कर न काटने पड़े तथा कोई परेशानी न हो। शासन के निर्देशानुसार ऐसे किसान परिवारों के लोगों के नाम खतौनी में दर्ज कर उन्हें खतौनी दी गई है।
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