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औद्योगिक इकाइयों की निगरानी के लिए टीम गठित
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नगर में बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के लिए पेड़ों पर छिड़काव करते कर्मचारी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
औद्योगिक इकाइयों की निगरानी के लिए टीम गठित
मुजफ्फरनगर। दीपावली पर प्रदूषण बढ़ता है, ऐसे समय में औद्योगिक इकाइयां प्रतिबंधित इंजन जलाती है, इसकी रोकथाम के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से दो टीमों का गठन किया गया है, जो रात में भी पेपर मिल आदि इकाइयों की निगरानी करेंगी। साथ ही फैक्टरियों में जाकर जांच पड़ताल भी की जाएगी। इसके अलावा जिले में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एंटी स्मॉग गन से पानी का छिड़काव शुरू हो गया है।
बीते एक माह से बढ़ते वायु प्रदूषण से हवा जहरीली हो रही है। एनजीटी इसको लेकर सख्त है। एनसीआर क्षेत्र में पटाखों पर भी रोक लगा चुकी है। जिले में भी वायु प्रदूषण खराब स्थिति में है। यहां पर पेपर मिल, कोल्हुओं में वेस्ट प्लास्टिक मैटीरियल, रबड़ आदि जलते हुए मिल चुके हैं। जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से ऊपर चल रहा है। अब पटाखों पर प्रतिबंध लगने और स्मॉग कम होने से कुछ सुधार हुआ है।
शुक्रवार को एक्यूआई 284 रहा, जो अभी भी खराब स्थिति में है। उधर, शुक्रवार को एंटी स्मॉग गन और नगर पालिका के तीन टैंकरों से शहर में पेड़ों और मार्गों पर धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव कराया गया। दूसरी ओर दीपावली पर औद्योगिक इकाइयों की निगरानी रखने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दो टीम का गठन किया गया है। उधर, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि दोनों टीम औद्योगिक इकाइयों की निगरानी करेंगी तथा अंदर जाकर जांच पड़ताल भी करेंगी। यदि प्रतिबंधित ईंधन बायलर में जलता मिला, तो संबंध औद्योगिक इकाई पर कार्रवाई की जाएगी।
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मुजफ्फरनगर। दीपावली पर प्रदूषण बढ़ता है, ऐसे समय में औद्योगिक इकाइयां प्रतिबंधित इंजन जलाती है, इसकी रोकथाम के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से दो टीमों का गठन किया गया है, जो रात में भी पेपर मिल आदि इकाइयों की निगरानी करेंगी। साथ ही फैक्टरियों में जाकर जांच पड़ताल भी की जाएगी। इसके अलावा जिले में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एंटी स्मॉग गन से पानी का छिड़काव शुरू हो गया है।
बीते एक माह से बढ़ते वायु प्रदूषण से हवा जहरीली हो रही है। एनजीटी इसको लेकर सख्त है। एनसीआर क्षेत्र में पटाखों पर भी रोक लगा चुकी है। जिले में भी वायु प्रदूषण खराब स्थिति में है। यहां पर पेपर मिल, कोल्हुओं में वेस्ट प्लास्टिक मैटीरियल, रबड़ आदि जलते हुए मिल चुके हैं। जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से ऊपर चल रहा है। अब पटाखों पर प्रतिबंध लगने और स्मॉग कम होने से कुछ सुधार हुआ है।
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शुक्रवार को एक्यूआई 284 रहा, जो अभी भी खराब स्थिति में है। उधर, शुक्रवार को एंटी स्मॉग गन और नगर पालिका के तीन टैंकरों से शहर में पेड़ों और मार्गों पर धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव कराया गया। दूसरी ओर दीपावली पर औद्योगिक इकाइयों की निगरानी रखने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दो टीम का गठन किया गया है। उधर, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि दोनों टीम औद्योगिक इकाइयों की निगरानी करेंगी तथा अंदर जाकर जांच पड़ताल भी करेंगी। यदि प्रतिबंधित ईंधन बायलर में जलता मिला, तो संबंध औद्योगिक इकाई पर कार्रवाई की जाएगी।
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